Visits

Students of Chandra Shekhar Azad University of Agriculture and Technology visit ICAR-CISH

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्रो का भा.कृ.अनु.प.-कें.उ.बा.सं. का भ्रमण

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर के 52 स्नातकोत्तर छात्रों एवं शोद्यार्थियों के साथ 2 शिक्षकों ने दिनांक 16.02.2019 को भा.कृ.अनु.प.-कें.उ.बा.सं. के विभिन्न शोध इकाइयों एवं प्रयोगात्मक क्षेत्रों का भ्रमण किया। डॉ वीके सिंह, प्रधान वैज्ञानिक, ने संस्थान के उपलब्धि के साथ-साथ अनुसंधान और विकास गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।

Fifty two students (Research Scholar and M.Sc. students) along with two teachers of Chandra Shekhar Azad University of Agriculture and Technology, Kanpur visited different research units and experimental fields of ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture (CISH) at dated 16.02.2019. Dr. V.K. Singh, Principal Scientist gave information on the research and development activities along with achievement of the Institute.

Event Date:- 16-02-2019

Visit of Farmers to ICAR-CISH under Agricultural Technology Management Agency (ATMA) scheme on 12.02.2019

कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन संस्था (आत्मा) के तहत कृषको का भा.कृ.अनु.प.-कें.उ.बा.सं. में भ्रमण

कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (आत्मा) के योजना के तहत, बेगूसराय, बिहार से आये 25 कृषको और 2 अधिकारियो ने दिनांक ने दिनांक 12.02.2019 को भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं., रहमानखेडा के प्रायोगिक प्रक्षेत्र का भ्रमण किया। डॉ. वी.के. सिंह, प्रधान वैज्ञानिक ने कृषको को संस्थान के अनुसन्धान गतिविधियों के साथ-साथ अनिवार्य फसलों के नवीनतम उत्पादन तकनीक, अमरूद की सघन एवं अतिसघन बागवानी, जीर्णोद्धार, टपक सिचाई और पॉलिथीन मल्चिंग से गुणवक्ता युक्त उत्पादन के बारे में जानकारी दी।

Under Agricultural Technology Management Agency (ATMA) scheme, 25 farmers along with 2 officer from Begusarai, Bihar visited experimental field of ICAR-CISH, Rahmankhera on 12.02.2019. Dr. V.K. Singh, Principal Scientist gave the information on drip irrigation, polythene mulching, high density and ultra density planting of guava, rejuvenation and latest production technique of mandated crops along with research and development activities of Institute to the farmers.

Event Date:- 12-02-2019

Visit of Trainees to ICAR-CISH on 30.01.2019

प्रशिक्षुओं का भा.कृ.अनु.प.-कें.उ.बा.सं. का भ्रमण

राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान, रहमानखेड़ा, लखनऊ से प्रेरण पाठ्यक्रम प्रशिक्षण के अंतर्गत आए 38 प्रशिक्षुओं ने दिनांक 30.01.2019 को भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. के प्रायोगिक प्रक्षेत्र एवं फल प्रसंस्करण प्रयोगशाला का भ्रमण किया। डॉ. पी.एस. गुर्जर, वैज्ञानिक ने प्रशिक्षुओं को फल प्रसंस्करण से सम्बंधित विभिन्न यंत्रो का प्रदर्शन कर उनके कार्यो के बारे में बताया गया। डॉ एस. आर. सिंह, प्रधान वैज्ञानिक ने प्रशिक्षुओं को फल और सब्जियों की स्वजीवन में सुधार के लिए तुड़ाई पूर्वे आवशयक प्रबंधन के बारे में बताया।

Under Induction Course Training, 38 Trainees from State Agricultural Management Institute, Rahmankhera visited experimental farms and fruit processing laboratory of ICAR-CISH, Rahmankhera on 30.01.2019. Dr. P.S. Gurjar, Scientist demonstrated the various tools related to fruit processing and also gave knowledge about their function. Dr. S.R. Singh, Principal Scientist, gave information about pre harvest management for improvement of self-life of fruits and vegetables.

Event Date:- 30-01-2019

Visit of Japanese delegates to ICAR-CISH

जापानी प्रतिनिधियों का भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. का भ्रमण

बागवानी में उद्यमिता को बढ़ावा देने एवं स्टार्ट-अप के लिए भारत में एक बाजार खोजने के उद्देश्य से, जापान के चार सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिनांक 29.01.2019 को भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. लखनऊ का भ्रमण किया। प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान के वैज्ञानिकों के साथ अपने देश में उपलब्ध कृषि-आधारित कुछ उन्नत तकनीक के बारे में चर्चा की जिसका उपयोग वर्तमान में जापान द्वारा सब्जियों और फलों की पैदावार और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने पोषक तत्वों से भरपूर फलो एवं सब्जियों के उत्पादन के लिए पर्यावरण-अनुकूलित, कम लागत वाली, मृदा-विहीन इमेक तकनीक के बारे जानकारी दी तथा पौधों में स्वचालित सेंसर आधारित सटीक पोषक तत्व अनुप्रयोग प्रणाली के बारे में बताया। इसके अलावा उन्होंने फलों और सब्जियों को जल्दी पकने से रोकने के लिए कोल्ड चेन प्रबंधन के बारे में भी जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल, भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. से अपनी तकनीकों को प्रदर्शित करने और फैलाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर करना चाहते हैं, जिसमें संस्थान मास्टर प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उद्यमियो को प्रौद्योगिकी सम्बन्धी प्रशिक्षण देकर उन्हें बड़े पैमाने पर उद्यमियो द्वारा उपयोग के लिए योग्य बना सकते है।

For promoting the entrepreneurship in horticulture, 4 Japanese delegates visited the ICAR- Central Institute for Subtropical Horticulture, Lucknow on 29.01.2019 and discussed about advanced technology available in their country in order to find a market place in India for start-ups. The delegation explained some advance agricultural technologies, which is being currently used in Japan for enhancing the yield and quality of vegetables and fruits and also gave detail about eco-friendly, low-cost, soil-less Imec cultivation technology for production of nutritive rich vegetables. Moreover, they also briefed about sensor based automated precise nutrient application system in plants and cold chain management for preventing the early rancid and ripening of fruits and vegetables. The delegates wish to sign a pact for demonstrating and spreading their technologies via ICAR-CISH in which institute play as master training center where entrepreneur can learn the technology at pilot scale and use it for large-scale production after attending the training.

Event Date:- 29-01-2019

Visit of Farmers to ICAR-CISH on 11.01.2019

भा.कृ.अनु.प.-कें.उ.बा.सं. में कृषको का भ्रमण

बागवानी विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित संगोष्ठी कार्यक्रम के एक भाग के तहत बक्शी-का-तालाब, लखनऊ से आये 60 कृषको ने दिनांक 11.01.2019 को भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं., रहमानखेडा के सूक्ष्म सिंचाई तंत्र, पालीहाउस, एवं आम और अमरूद के बाग का भ्रमण किया। संस्थान के वैज्ञानिकों ने कृषको को आम के बाग के कायाकल्प और उनकी नवीनतम उत्पादन तकनीक के बारे में जानकारी दी तथा मौजूदा सत्र में बीमारी और कीट प्रबंधन के लिए सुझाव भी दिए। डॉ. शैलेन्द्र राजन, निदेशक-कें.उ.बा.सं. ने कृषको को आम के गुणवत्तायुक्त उत्पादन की जानकारी दी और साथ ही साथ संस्थान के अनुसंधान और विकास की गतिविधियों के बारे में बताया।

Sixty farmers belonging from Bakshi-Ka-Talab, Lucknow Participated in seminar programme organized by Horticulture Department, Uttar Pradesh and also visited the polyhouse, microirrigation system, mango and guava orchards on 11.01.2019. Scientists given information on rejuvenation and latest production technique of mango to the farmers and at a time also gave tips for disease and pest management to be followed in the current season. Dr. Shailendra Rajan, Director-CISH gave knowledge about production of quality mango and also briefed about research and development activities of the Institute.

Event Date:- 19-01-2019

Visit of Students from Government high school Gaushalalpur, Kakori to ICAR-CISH

राजकीय हाईस्कूल गोशालालपुर, काकोरी के छात्रो का भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. का भ्रमण

राजकीय हाईस्कूल गोशालालपुर, काकोरी के हाईस्कूल के बासठ छात्रों एवं शिक्षकों ने दिनांक 19.01.2019 को भा.कृ.अनु.प.-कें.उ.बा.सं. के प्रयोगात्मक क्षेत्रों, तुड़ाई उपरांत एवं खाद्य प्रसंस्करण प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया। वैज्ञानिकों ने छात्रो से संस्थान द्वारा विकसित विभिन्न तकनीकों के बारे में जानकारियो को साझा किया। इसके अलावा, छात्रों को मृदाविहीन नर्सरी उगाने, पॉलीहाउस स्थिति में गैर-मौसमी रोग मुक्त, उच्च मूल्यवर्धित सब्जियों की फसलों के उत्पादन, फलो के प्रसंस्कृत उत्पादो के प्रदर्शन और बनाने आदि के बारे में भी बताया गया।

Sixty two students along with teachers from Government High-school, Goshalalpur, Kakori visited the experimental field, Post harvest and food processing laboratories of ICAR- Central Institute of Subtropical Horticulture on 19.01.2019. The Scientists shared information about various technologies developed by the institute. Demonstration on soil-less nursery raising, production of non-seasonal disease-free, high value vegetable crops under polyhouse condition, preparation of processed product of fruits etc. was given to the Students.

Event Date:- 19-01-2019

Visit of Students from Banda University of Agriculture and Technology to ICAR-CISH

छात्रो का भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. का भ्रमण

बांदा कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, बांदा के बीएससी (कृषि) के चतुर्थ वर्ष 47 छात्रों एवं 2 सहायक प्राध्यापक ने दिनांक 08.01.2019 को भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. के प्रयोगात्मक क्षेत्रों, जैव प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण प्रयोगशाला का भ्रमण किया। डॉ वीके सिंह, प्रधान वैज्ञानिक ने छात्रों को संस्थान के अनुसंधान और विकास की गतिविधियों पर जानकारी के साथ-साथ आम और अमरूद के नवीनतम उत्पादन तकनीक, सघन एवं अतिसघन बागवानी, जीर्णोद्धार, टपक सिचाई और पॉलिथीन मल्चिंग से गुणवक्ता युक्त उत्पादन के बारे बताया।

Forty seven B.Sc. (Agriculture) fourth year students along with 2 Assistant Professor from Banda University of Agriculture and Technology, Banda visited the experimental field, biotechnology and food processing laboratory of ICAR- Central Institute of Subtropical Horticulture on 08.01.2019. Dr. V.K. Singh, Principal Scientist gave the knowledge about various technologies developed by the institute. Moreover, he also given information on drip irrigation, polythene mulching, density and ultra density planting, rejuvenation and latest production technique of mango and guava to the Students.

Event Date:- 08-01-2019

Visit of Farmers to ICAR-CISH under Agricultural Technology Management Agency scheme

कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन संस्था के तहत कृषको का भा.कृ.अनु.प.-कें.उ.बा.सं. में भ्रमण

कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन संस्था (आत्मा) के योजना के तहत, धौलपुर, राजस्थान से आये 54 कृषको और 2 अधिकारियो ने दिनांक 04.01.2019 को भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं., रहमानखेडा के प्रायोगिक प्रक्षेत्र एवं खाद्य प्रसंस्करण प्रयोगशाला का भ्रमण किया। डॉ. वी.के. सिंह, प्रधान वैज्ञानिक ने कृषको को आम और अमरूद के नवीनतम उत्पादन तकनीक, सघन एवं अतिसघन बागवानी, जीर्णोद्धार, टपक सिचाई और पॉलिथीन मल्चिंग से गुणवक्ता युक्त उत्पादन के बारे में जानकारी दी।

Under Agricultural Technology Management Agency (ATMA) scheme, 54 farmers along with 2 officer from Dholpur, Rajasthan visited experimental field and food processing laboratory of ICAR-CISH, Rahmankhera on 04.01.2019. Dr. V.K. Singh, Principal Scientist gave the information on drip irrigation, polythene mulching, density and ultra density planting, rejuvenation and latest production technique of mango and guava to the farmers.

Event Date:- 04-01-2019

Visit of Farmers to ICAR-CISH on 04.01.2019

कृषको का भा.कृ.अनु.प.-कें.उ.बा.सं. का भ्रमण

राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान, लखनऊ, से आए 44 कृषको ने दिनांक 04.01.2019 को भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. के परिसर और प्रायोगिक क्षेत्र का भ्रमण किया। कृषको को संस्थान द्वारा विकसित विभिन्न प्रौद्योगिकी के बारे में जानकारी दी गयी।

Forty four farmers from State Agricultural Management Institute, Rahmaankhera, Lucknow visited the institute campus and experimental field of ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture (CISH) at dated 04.01.2019. Institute provided the information about various technologies developed by the institute to the farmers.

Event Date:- 04-01-2019

Visit of ATM, BTM to ICAR-CISH

एटीएम, बीटीएम का भा.कृ.अनु.प.-कें.उ.बा.सं. का भ्रमण

राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान, रहमानखेड़ा, लखनऊ से आए 47 अधिकारियो ने दिनांक 03.01.2019 को भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. के प्रायोगिक प्रक्षेत्र और तुडाई उपरांत प्रबंधन विभाग के प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया। डॉ. पी.एस. गुर्जर, वैज्ञानिक ने भ्रमण कार्यक्रम का समन्वय किया एवं डॉ एस आर सिंह, प्रधान वैज्ञानिक ने संस्थान के अनुसंधान और विकास गतिविधियों पर अधिकारियो को एक संक्षिप्त परिचय दिया।

Forty seven ATM/BTM from State Agricultural Management Institute, Rahmankhera, Lucknow visited the experimental farms and post harvest management laboratories of ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture on 03.01.2019. Dr. P.S. Gurjar, Scientist coordinated the visit and Dr. S.R. Singh, Principal Scientist gave a brief introduction on the research and development activities of the institute to officers.

Event Date:- 03-01-2019

Visit of Students from Narendra Dev University of Agriculture and Technology to ICAR-CISH

नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्रो का भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. का भ्रमण

नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या (फैज़ाबाद), के बीएससी (कृषि) के 53 छात्रों एवं शिक्षकों ने दिनांक 03.01.2019 को भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. के विभिन्न शोध इकाइयों, प्रयोगात्मक क्षेत्रों और पुस्तकालय का भ्रमण किया। डॉ. के.के. श्रीवास्तव, प्रधान वैज्ञानिक ने भ्रमण कार्यक्रम का समन्वय किया एवं डॉ एस राजन, निदेशक भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. ने छात्रों को संस्थान के अनुसंधान और विकास गतिविधियों पर एक संक्षिप्त परिचय दिया।

Fifty three B.Sc. (Agriculture) students along with teachers from Narendra Dev University of Agriculture and Technology, Kumarganj, Ayodhya (Faizabad) visited the experimental field, laboratories and library of ICAR- Central Institute of Subtropical Horticulture on 03.01.2019. Dr. K.K. Srivastava, Principal Scientist coordinated the visit and Dr. S. Rajan, Director, ICAR-CISH, gave knowledge about the research and development activities of the institute to students.

Event Date:- 03-01-2019

मुख्यमंत्री खेत तीर्थ योजना के तहत कृषको का भ्रमण

मुख्यमंत्री खेत तीर्थ योजना के तहत, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश से आये 39 कृषको और 2 कृषि अधिकारियो ने दिनांक 28.12.2018 को भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं., रहमानखेडा के पालीहाउस एवं आम और अमरूद के बाग का भ्रमण किया। संस्थान द्वारा कृषको को आम और अमरूद के नवीनतम उत्पादन तकनीक, अतिसघन बागवानी, जीर्णोद्धार, टपक सिचाई और पॉलिथीन मल्चिंग के बारे में जानकारी दी गयी।

Visit of Farmers to ICAR-CISH under Mukhyamantri Khet Tirth Yojna

Under Mukhyamantri Khet Tirth Yojna, 39 farmers along with 2 agriculture officer from Narsinghpur, Madhya Pradesh visited polyhouse and mango and guava orchards of ICAR-CISH, Rahmankhera on 28.12.2018. Institute provided the information on drip irrigation, polythene mulching, high density planting, rejuvenation and latest production technique of mango and guava to the farmers.

Event Date:- 28-12-2018

Visit of gardener trainees to ICAR-CISH

35 gardener trainees from State Agricultural Management Institute, Rahmaankhera, Lucknow visited the institute campus and experimental field of ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture (CISH) on 24.12.2018. Director Dr. S. Rajan gave information about various technologies developed by the institute to the gardener trainees. Beside this, trainees were also attended lecture on gardener training given by the scientific staff of the institute.

माली प्रशिक्षुओ का भा.कृ.अनु.प.-कें.उ.बा.सं. का भ्रमण

राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान, लखनऊ, से आए 35 माली प्रशिक्षुओ ने दिनांक 24.12.2018 को भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं., रहमानखेडा के संस्थान परिसर और प्रायोगिक क्षेत्र का भ्रमण किया। निदेशक डॉ. एस राजन ने प्रशिक्षुओ को संस्थान के अनुसंधान और विकास गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा संस्थान के वैज्ञानिको द्वारा प्रशिक्षुओ को माली प्रशिक्षण के विषय पर व्याख्यान दिया गया।

Event Date:- 24-12-2018

Visit of Students to ICAR-CISH on 22.12.2018

6 trainee of Regional Food Research and Analysis Centre (RFRAC), Lucknow visited the Microbiology, Instrumentation and food processing laboratory of ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture (CISH) on 22.12.2018. Dr. V.K. Singh, Principal Scientist gave the knowledge about various technologies developed by the institute to the trainees.

छात्रो का भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. का भ्रमण

क्षेत्रीय खाद्य अनुसंधान एवं विश्लेषण केंद्र, लखनऊ के 6 छात्रों ने दिनांक 22.12.2018 को भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. के सूक्ष्मजीवविज्ञान, उपकरण और खाद्य प्रसंस्करण प्रयोगशाला का भ्रमण किया। डॉ वीके सिंह, प्रधान वैज्ञानिक ने छात्रों को संस्थान के अनुसंधान और विकास की गतिविधियों पर जानकारी दी।

Event Date:- 22-12-2018

Visit of Farmers to ICAR-CISH under Mukhyamantri khet tirth yojna

Under Mukhyamantri khet tirth yojna, 45 farmers from Datiya, Madhya Pradesh visited poly house and shade-net of ICAR-CISH, Rahmankhera on 19/12/2018. Dr V.K. Singh, Principal Scientist gave the Information on the research and development activities of the Institute. Moreover, the farmers also benefitted with the information of drip irrigation, high density planting, rejuvenation and production technique of mango and guava.

मुख्यमंत्री खेत तीर्थ योजना के तहत कृषको का भा.कृ.अनु.प.-कें.उ.बा.सं. का भ्रमण

मुख्यमंत्री खेत तीर्थ योजना के तहत, दतिया, मध्य प्रदेश से आये 45 कृषको ने दिनांक 19/12/2018 को भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं., रहमानखेडा के पालीहाउस और शेडनेट का भ्रमण किया। डॉ वी.के. सिंह, प्रधान वैज्ञानिक ने संस्थान की अनुसंधान और विकास गतिविधियों के बारे में बताया तथा आम और अमरूद के उत्पादन तकनीक, उच्च सघन बागवानी, जीर्णोद्धार और टपक सिचाई के बारे में कृषको को जानकारी दी।

Event Date:- 19-12-2018

Visit of Students to ICAR-CISH

51 students of B.Sc. (Horticulture) VIIth Semester along with teachers from Sam Higginbottom University of Agriculture, Technology and Sciences, Prayagraj (Allahabad) and visited the institute campus and experimental field of ICAR- Central Institute of Subtropical Horticulture date on 07.12.2018. Dr. Naresh Babu, Principal Scientist gave information about the research and development activities of the institute.

छात्रो का भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. का भ्रमण

सैम हिगिजिनबॉटम इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर, टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज, प्रयागराज (इलाहाबाद), के बी.एससी. (बागवानी) सत्तम सेमेस्टर के 51 छात्रों एवं शिक्षकों ने दिनांक 07.12.2018 को भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. के विभिन्न शोध इकाइयों और प्रयोगात्मक क्षेत्रों का भ्रमण किया। डॉ नरेश बाबू, प्रधान वैज्ञानिक ने छात्रों को संस्थान के अनुसंधान और विकास की गतिविधियों पर जानकारी दी।

Event Date:- 07-12-2018

Visit of Farmers to ICAR-CISH under Pradhanmantri Kaushal Vikas Yojna

Under Pradhanmantri Kaushal Vikas Yojna, 45 Gardener Trainees from Horticulture Experiment and Training Centre (HETC), Malihabad Lucknow visited fruit packaging laboratory of ICAR-CISH, Rahmankhera on 06/12/2018. Exposure was given to the trainees on different technologies developed by institute. Trainees were also attended lecture on gardener training and fruit packaging given by the scientific staff of the institute.

प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना के तहत कृषको का भा.कृ.अनु.प.-कें.उ.बा.सं. का भ्रमण

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत, औद्यानिक प्रायोगिक एवं प्रशिक्षण केंद्र (एचईटीसी) मालिहाबाद लखनऊ से आये 45 प्रशिक्षुओ ने दिनांक 06/12/2018 को भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं., रहमानखेडा के संस्थान परिसर और फल पेटीबंदी प्रयोगशाला का भ्रमण किया। प्रशिक्षुओ को संस्थान के वैज्ञानिको द्वारा अनुसंधान और विकास गतिविधियों पर जानकारी के साथ- साथ बागवानी और फल पेटीबंदी के विषय पर व्याख्यान दिया गया।

Event Date:- 06-12-2018

Visit of Farmers to ICAR-CISH

Fifty farmers from State Agricultural Management Institute, Rahmaankhera, Lucknow visited ICAR-CISH, Rahmankhera on 06/12/2018. Dr A.K. Singh, Principal Scientist gave the Information on the research and development activities of the Institute and also delivered lecture on Nursery management.

कृषको का भा.कृ.अनु.प.-कें.उ.बा.सं. का भ्रमण

राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान, लखनऊ, से आए 50 कृषको (38 महिलाये और 12 पुरुष ) ने दिनांक 06/12/2018 को भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. का भ्रमण किया। डॉ ए.के. सिंह, प्रधान वैज्ञानिक ने संस्थान की अनुसंधान और विकास गतिविधियों के बारे में बताया और नर्सरी प्रबंधन पर व्याख्यान दिया।

Event Date:- 06-12-2018

कृषको का दो दिवसीय प्रशिक्षण और संस्थान भ्रमण

बागवानी विभाग, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश विभाग के चौबीस किसान और दो कृषि अधिकारी भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. रहमानखेड़ा में दो दिवसीय प्रशिक्षण और संस्थान में भ्रमण के लिए दिनांक 03/12/2018 को आये। किसानो ने विभिन्न शोध प्रयोगशालाओं एवं प्रायोगिक प्रक्षेत्रो एवं संस्थान के द्वारा विकसित विभिन्न तकनीको के बारे में वैज्ञानिको से जानकारी प्राप्त की। प्रशिक्षण सत्र के दौरान किसानो को अमरूद की उच्च सघन बागवानी, कंटेनर बागवानी और आम की उच्च सघन बागवानी के विषय पर व्याख्यान दिया गया।

Two days training cum exposure visit of farmers

Twenty four farmers along with two agriculture officers of Department of Horticulture, Bilaspur, Himanchal Pradesh attended two days training cum exposure visit on 03/12/2018 at ICAR-CISH. The farmers visited the experimental fields and different laboratories and also interact with scientists to gain the information of different technology developed by institute. During the training session, lectures were delivered by the scientific staffs of the institute on various topics such as container gardening, high density planting of mango and guava orchard.

Event Date:- 03-12-2018

Visit of Women farmers to ICAR-CISH

Forty six women farmers came from State Agricultural Management Institute, Rahmaankhera, Lucknow and visited the institute campus and food processing laboratory of ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture (CISH) at dated 29/11/2018. Dr P.S. Gurjar, Scientist gave the knowledge about various technologies developed by the institute to the women farmers.

महिला कृषको का भा.कृ.अनु.प.-कें.उ.बा.सं. का भ्रमण

राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान, लखनऊ, से आए 46 महिला कृषिककर्मियों ने दिनांक 29/11/2018 को भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. के संस्थान परिसर और खाद्य प्रसंस्करण प्रयोगशाला का भ्रमण किया। वैज्ञानिक, डॉ पी एस गुर्जर ने महिला कृषको को संस्थान द्वारा विकसित विभिन्न प्रौद्योगिकी के बारे में जानकारी दी।

Event Date:- 29-11-2018

Visit of ATM/BTM and Deputy PD to ICAR-CISH

The ATM/BTM and Deputy PD (48 nos.) came from State Agricultural Management Institute, Rahmaankhera, Lucknow and visited the institute campus and experimental field of ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture (CISH) on 28/11/2018. Dr S.K.S. Raghava, CTO gave a brief introduction on the research and development activities of the Institute followed by given a lecture on farm practice, fertilizer application and insect pest management in mango.

एटीएम/बीटीएम और डिप्टी पीडी का भा.कृ.अनु.प.-कें.उ.बा.सं. का भ्रमण

राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान, रहमानखेड़ा, लखनऊ से आए 48 अधिकारियो ने दिनांक 28/11/2018 को भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. के परिसर और प्रायोगिक क्षेत्र का भ्रमण किया। डॉ एसकेएस राघव, सीटीओ ने संस्थान के अनुसंधान और विकास गतिविधियों पर एक संक्षिप्त परिचय दिया, इसके बाद उन्होंने कृषि अभ्यास तथा आम में उर्वरक आवेदन और कीट प्रबंधन पर व्याख्यान भी दिया।

Event Date:- 28-11-2018

महिला कृषको का भा.कृ.अनु.प.-कें.उ.बा.सं. का भ्रमण

राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान, लखनऊ, से आए 48 महिला कृषको ने दिनांक 22/11/2018 को भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. के परिसर और प्रायोगिक क्षेत्र का भ्रमण किया। डॉ. एस के शुक्ला, प्रधान वैज्ञानिक ने महिला कृषको को संस्थान द्वारा विकसित विभिन्न प्रौद्योगिकी के बारे में जानकारी दी।

Visit of Women Farmers to ICAR-CISH

Forty eight female agriculturists came from State Agricultural Management Institute, Rahmaankhera, Lucknow and visited the institute campus and experimental field of ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture (CISH) at dated 22/11/2018. Dr S.K. Shukla, Principal Scientist gave information about various technologies developed by the institute to the women farmers.

Event Date:- 22-11-2018

Students of Sam Higginbottom Institute of Agriculture, Technology and Sciences visit CISH

109 students (B.Sc.) along with teachers of Sam Higginbottom Institute of Agriculture, Technology and Sciences, Prayagraj (Allahabad) visited the different research units and experimental fields of ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture (CISH) at dated 16.11.2018. Dr. V.K. Singh, Principal Scientist given a lecture on the research and development activities of the Institute.

सैम हिगिजिनबॉटम इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर, टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज के छात्रो का कें.उ.बा.सं. का भ्रमण

सैम हिगिजिनबॉटम इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर, टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज, प्रयागराज (इलाहाबाद), के बी.एससी. के 109 छात्रों एवं शिक्षकों ने दिनांक 16.11.2018 को कें.उ.बा.सं. के विभिन्न शोध इकाइयों और प्रयोगात्मक क्षेत्रों का भ्रमण किया। डॉ वीके सिंह, प्रधान वैज्ञानिक- कें.उ.बा.सं. ने संस्थान के अनुसंधान और विकास की गतिविधियों पर एक व्याख्यान भी दिया।

Event Date:- 16-11-2018

दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्रामीण विकास संस्थान के अधिकारियो का कें.उ.बा.सं. का भ्रमण

दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्रामीण विकास संस्थान, बक्शी का तालाब, लखनऊ के 26 अधिकारियो ने दिनांक 15.11.2018 को भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. के परिसर और प्रायोगिक क्षेत्र का भ्रमण किया। डॉ. आर. ए. राम, प्रधान वैज्ञानिक ने अधिकारियो को संस्थान द्वारा विकसित विभिन्न प्रौद्योगिकी के बारे में जानकारी दी। इसके बाद उन्होने जैविक खेती पर अधिकारियो को एक व्याख्यान भी दिया।

Officers of Deendayal Upadhyaya State Institute of Rural Development visit ICAR-CISH

Twenty six officers of Deendayal Upadhyaya State Institute of Rural Development, Bakshi ka Talaab, Lucknow visited the institute campus and experimental field of ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture (CISH) at dated 15.11.2018. Dr. R.A. Ram, Principal Scientist gave a brief introduction on the research and development activities of the Institute followed by given a lecture on organic farming.

Event Date:- 15-11-2018

Students of Sam Higginbottom Institute of Agriculture, Technology and Sciences visit ICAR-CISH

52 students of (B.Sc. Ag Finals) along with teachers of Sam Higginbottom Institute of Agriculture, Technology and Sciences, Prayagraj (Allahabad) visited the different laboratories and experimental fields of ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture (CISH) at dated 15.11.2018. Dr. V.K. Singh, Principal Scientist interact with students and given the information of different technology developed by institute.

सैम हिगिजिनबॉटम इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर, टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज के छात्रो का कें.उ.बा.सं. का भ्रमण

सैम हिगिजिनबॉटम इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर, टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज, प्रयागराज (इलाहाबाद), के बी.एससी. कृषि विभाग के 52 छात्रों एवं शिक्षकों ने दिनांक 15.11.2018 को कें.उ.बा.सं. के विभिन्न प्रयोगशालाओं और प्रयोगात्मक क्षेत्रों का भ्रमण किया। डॉ वीके सिंह, प्रधान वैज्ञानिक ने छात्रों को संस्थान द्वारा विकसित विभिन्न प्रौद्योगिकी के बारे में जानकारी दी।

Event Date:- 15-11-2018

Student Visit

भालचंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड मैनेजमेंट के छात्रों का कें.उ.बा.सं. का भ्रमण

भालचंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड मैनेजमेंट, दुबग्गा, लखनऊ के 16 विघार्थियों एवं प्राध्यापको ने दिनांक 31.10.2018 को भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. में विभिन्न शोध प्रयोगशालाओं एवं प्रायोगिक प्रक्षेत्रो का भ्रमण किया और संस्थान के द्वारा विकसित विभिन्न तकनीको के बारे में वैज्ञानिको से जानकारी ली।

Sixteen students along with teachers of Bhalchandra Institute of Education and Management, Dubagaa, Lucknow visited the experimental fields and different laboratories of ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture (CISH) at dated 31.10.2018 and interact with scientists to gain the information of different technology developed by institute.

Event Date:- 31-10-2018

Students visit CISH for value-added course

मूल्य वर्धित पाठ्यक्रम के लिए छात्रों का भा.कृ.अनु.प.-कें.उ.बा.सं. का भ्रमण

श्री रामस्वरुप मेमोरियल यूनिवर्सिटी, लखनऊ के बायो-साइंसेज और इंजीनियरिंग विभाग के ८० छात्रों ने दिनांक २२.०८.२०१८ को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देशानुसार कृषि संबंध मूल्य वर्धित पाठ्यक्रम का अनुपालन में भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. का भ्रमण किया। संस्थान में आये हुए सभी छात्रों एवं प्राध्यापकों ने संस्थान की विभिन्न शोध इकाइयों जैसे जीन बैंक, पॉली-हाउस,टपक सिंचाई,मल्चिंग,सब्जियों के प्रसंस्करण और मूल्यवर्धित उत्पादों के उत्पादन के लिए आवश्यक मशीनरी से लाभवान्वित हुए। डा० शैलेन्द्र राजन, निदेशक- कें.उ.बा.सं. ने संस्थान के अनुसंधान और विकास की गतिविधियों पर एक व्याख्यान भी दिया।

Eighty students from the Institute of Bio-sciences and Technology, Shri Ramswaroop Memorial University, Lucknow visited ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture, Lucknow to attend a value added course on sustainable agriculture in compliance with the Uni-versity Grants Commission (UGC) guidelines. The students benefitted with various institutional facilities such as gene bank, poly-house, drip irrigation, mulching, training, vegetables processing and value-added products related to fruit and vegetables crops. Dr. Shailendra Rajan, Director-CISH gave a brief introduction on the research and development activities of the Institute.

Event Date:- 22-09-2018

City Montessori School Students study tour to ICAR-CISH, Lucknow

सिटी मोंटेसरी स्कूल के छात्रों का शैक्षिक भ्रमण

सिटी मोंटेसरी स्कूल, स्टेशन रोड, लखनऊ के 5 शिक्षकों के नेतृत्व में उच्च माध्यमिक के छात्रों (50) के एक समूह ने अपने अध्ययन कार्यक्रम के रूप में 8 मई 2018 को आईसीएआर-सीआईएसएच का दौरा किया। डॉ. वी.के सिंह, प्रधान वैज्ञानिक ने इस यात्रा का समन्वय किया और छात्रों को भारत में फल फसल विविधता की समृद्ध विरासत और आम और अमरूद जैसी अनिवार्य फसलों के लिए अपनाई गई जर्मप्लाज्म संरक्षण रणनीतियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को संस्थान की अनुसंधान गतिविधियों के विषय में भी जानकारी दी। डॉ. मुथुकुमार, वैज्ञानिक ने संक्षेप में आमों के विशेष संदर्भ के साथ जीनोमिक्स और फल फसलों के आणविक प्रजनन की उपलब्धियों और संभावनाओं को वर्णित किया। डॉ. मुथुकुमार एम. और डॉ. इसरार अहमद ने जैव प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला में उपकरणों और प्रयोगशाला सुविधाओं के बारे में छात्रों को समझाया एवं उन्हें बागवानी जैव प्रौद्योगिकी में भविष्य के अवसरों के बारे में भी बताया। बाद में उन्हें पीएफडीसी पॉली हाउस में भी ले जाया गया जहां उन्हें ऑफ-सीजन के तहत एवं प्रतिकूल परिस्थितियों में संरक्षित खेती में उच्च मूल्य वाली सब्जियों के उत्पादन के बारे में सिखाया गया।

A group of 50 students of higher secondary led by 5 teachers from City Montessori School, Station Road, Lucknow visited ICAR-CISH on 8th May 2018 as a part of their study tour programme. Dr. V.K. Singh, Principal Scientist coordinated the visit and enlightened the students about the rich heritage of fruit crop diversity in India and germplasm conservation strategies adopted for mandated crops like mango and guava. He also briefed the students about the facilities and on-going research activities of the Institute. Dr Muthukumar, Scientist (Biotech) briefly narrated accomplishments and prospects of genomics and molecular breeding of fruit crops with special reference to mango. Dr. Muthukumar. M. and Dr. Israr Ahmad explained the students about the instruments and laboratory facilities in Biotechnology Laboratory. They were also sensitized about the career opportunities in horticultural biotechnology. Later, they were also taken to PFDC poly house where they were taught about production of high value vegetables in protected cultivation under off-season or even at adverse conditions.

Event Date:- 08-05-2018

Students from Banda visit CISH for knowledge update

ज्ञानार्जन हेतु बांदा के छात्रों का सीआईएसएच भ्रमण

बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में संचालित फल प्रजनन पाठ्यक्रम के छात्रों (45) ने ज्ञानार्जन हेतु दिनांक 21.04.2018 को भा.कृ.अनु.प.-केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ का दौरा किया। छात्रों ने पपीते के ट्रांसजेनिक क्षेत्र में हुई प्रगति और फसलों के सुधार के लिए आणविक प्रजनन के उपयोग में रुचि दिखाई। संस्थान के निदेशक डॉ. शैलेंद्र राजन ने कहा कि बांदा विश्वविद्यालय में फल प्रजनन पर पाठ्यक्रम चलाया जा रहा है जिसमें भारत में उगाए जाने वाले प्रमुख फलों के प्रजनन के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है और छात्रों हेतु यह एक्सपोजर विज़िट नई किस्मों को तैयार करने वाले व्यावहारिक और वैज्ञानिक पहलुओं को समझने में सहायक होगी

The students (45 nos.) attending fruit breeding course at Banda University of Agriculture and Technology visited ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture, Lucknow on 21.04.2018 to update their knowledge. The students were interested in knowing the recent developments in the area of transgenic in papaya and use of molecular breeding for improvement of fruit crops. Dr. Shailendra Rajan, Director (CISH) said that the university was offering fruit breeding course which covers various aspects of breeding of major fruits grown in India and this exposure visit is helpful in understanding practical and scientific aspects crafting new varieties.

Event Date:- 21-04-2018

Puducherry farmers and officials visited CISH

पुदुचेरी के किसानों एवं अधिकारियों द्वारा संस्थान का भ्रमण

संस्थान द्वारा विकसित आम एवं अमरूद उत्पादन की नवीनतम तकनीकों को जानने के उद्देश्य से पुदुचेरी के किसानों (20) एवं अधिकारियों (5) ने दिनांक 02.04.2018 को संस्थान का भ्रमण किया। उन्हें संस्थान की शोध तकनीकों से अवगत कराया गया और उनकी समस्याओं पर भी चर्चा की गई। विशेषता किसानों ने अमरूद की अति सघन बागवानी तकनीक को सराहा। उन्होंने अपने क्षेत्र में नर्सरी स्थापित करने में रूचि दिखाई एवं संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा पुदुचेरी में प्रशिक्षण देने हेतु आग्रह भी किया ताकि उस क्षेत्र के अन्य किसान भी लाभान्वित हो सकें।

Twenty farmers and five officials from Puducherry visited ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture, Lucknow on 02.04.2018 to learn new technologies for mango and guava cultivation developed by the institute. They were made aware about research technologies developed by the Institute and also discussed various problems related to mango and guava cultivation faced by them. Farmers were fascinated to see ultra high-density planting in guava. They were interested to develop nursery at their place and also have training in their area by CISH scientists so that many more farmers are benefitted.

Event Date:- 02-04-2018

ICAR- CISH Scientists took stock of mango pest and disease status in different districts of Uttar Pradesh and Uttarakhand

भा.कृ.अनु.प.-केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में आम कीट और रोग की स्थिति का जायजा लिया

आम के कीट थ्रिप्स एवं भुनगा ने न केवल आम उत्पादकों को बल्कि भा.कृ.अनु.प.-के.उ.बा.सं., रहमानखेड़ा, लखनऊ के वैज्ञानिकों के लिए एक बड़ी चुनौती बनायी है। इस सन्दर्भ में के.उ.बा.सं. के निदेशक डॉ. एस. राजन ने बताया कि पिछले एक महीने में हम प्रत्येक दिन किसानों से कई फोन कॉल प्राप्त कर रहे हैं। किसान रिपोर्ट कर रहे हैं कि कोई कीटनाशक इन कीटों का प्रबंधन करने में सक्षम नहीं है। इसे ध्यान में रखते हुए इस समस्या के समाधान हेतु प्रयासों को आवश्यक समझा गया। आम के कीट एवं व्याधि के साथ-साथ कीटों के प्राकृतिक शत्रु के विषय में जानकारी प्राप्त करने के उद्देश्य से संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. पी.के. शुक्ला और डॉ. गुंडप्पा ने दिनांक 1 से 5 अप्रैल, 2018 को हरदोई, बदायूँ, संभल, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली, सहारनपुर, हरिद्वार, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर और बरेली जिले का सर्वेक्षण किया। वैज्ञानिकों ने बताया कि कीटनाशक और रोगों के उचित प्रबंधन के लिए पारिस्थितिक तंत्र संतुलन बहुत महत्वपूर्ण है। प्राकृतिक शत्रु (लेडी बर्ड बीटल, क्रायसोइपिड्स, सीरफिड्स, मकड़ियों और पैरासिटोइड) अच्छी तरह से व्यवस्थित बागों के विपरीत कम प्रबंधित बागों में प्रचुर मात्रा में पाए गए। कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग ने न केवल कीटों और रोगजनकों के प्राकृतिक शत्रुओं को मार डाला है बल्कि कीटों में प्रतिरोध का विकास भी किया है। वैज्ञानिकों ने यह देखा कि किसान कम मात्रा में कीटनाशकों का उपयोग कर रहे हैं जो कीटों को प्रभावी रूप से प्रबंधित करने में सक्षम नहीं हैं ओर ये कारक कीट आबादी में प्रतिरोध के विकास के लिए योगदान कर रहे हैं।

Mango thrips and hopper has created a great challenge not only before growers but also for scientists of ICAR-CISH, Rehmankhera, Lucknow. Speaking about it, Dr. S. Rajan, Director, CISH told that we have been receiving many calls from farmers everyday during last one month. Farmers have been reporting that no pesticide is able to manage those pests. Keeping in view that calls are coming from those farmers who are unsuccessful, it was felt necessary to workout ground reality. Two scientists, Dr. P.K. Shukla and Dr. Gundappa surveyed Hardoi, Badaun, Sambhal, Meerut, Muzaffanagar, Bagpat, Shamli, Saharanpur, Haridwar, Bijnor, Amroha, Moradabad, Rampur and Bareilly districts for incidence of insect pests and disease of mango along with natural enemies of pests during 1st to 5th April. Scientists reported that “ecosystem balance is very important for getting the proper management of insect pests and diseases”. Natural enemies (Lady bird beetles, Crysopids, syrphids, spiders and parasitoids) population was found abundant in least managed orchards in contrast to well managed orchards. Indiscriminate use of pesticide has not only killed natural enemies of pests and pathogens but also contributed development of resistance in insect pests. Scientists has noticed that farmers are using cocktail of pesticides at lower dosages which are not able to manage the insects effectively and these factors further contribute towards the development of resistance in pest population.

Event Date:- 01-04-2018

Exposure visit of farmers

किसानों का भ्रमण

पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिला संतकबीर नगर के 25 किसानों हेतु दिनांक 16.12.2017 को आई.सी.ए.आर.-सी.आई.एस.एच. में उपोष्ण फलों के उत्पादन की विभिन्न तकनीकों पर एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। किसानों को उन्नत किस्मों, फसल उत्पादन, व्याधि एवं कीट प्रबन्धन के विभिन्न सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया गया। यह जागरूकता कार्यक्रम किसानो के लिए नर्सरी प्रबन्धन, बेहतर खेती की तकनीकों, मूल्य वृद्धि और जिले में फल के लिए बड़े पैमाने पर नर्सरी स्थापित करने के लिए उपयोगी होगा।

ICAR- CISH Lucknow organized a exposure visit and awareness programme (sponsored by ATMA) on various technologies for subtropical fruit production on 16.12.2017. Twenty farmers of Sankabir Nagar, Uttar Pradesh were exposed on various technology developed by the Institute viz., varieties, crop production, insect pest management and post harvest management aspects. The exposure visit was useful to the farmers for learning various aspect of advance nursery management practices, improve cultivation practices and value addition of fruit crops in their area.

Event Date:- 16-12-2017

Education tour of Govt. Girls Inter College, Hazratganj, Lucknow

राजकीय बालिका इण्टर कालेज, हजरतगंज, लखनऊ का शैक्षिक भ्रमण

राजकीय बालिका इण्टर कालेज, हजरतगंज, लखनऊ की 50 छात्राओं एवं 5 अध्यापिकाओं ने प्राचार्या के नेतृत्व में दिनांक 16.12.2017 को आई.सी.ए.आर.-सी.आई.एस.एच. का भ्रमण किया। जिला परियोजना कार्यालय के निर्देश को ध्यान में रखते हुए छात्राओं के लिए यह एक शैक्षिक भ्रमण था। इस भ्रमण में आम, अमरूद, बेल, लीची, जामुन आदि के प्रायोगिक पौधे और विभिन्न प्रयोगशालाओं को देखकर छात्राएं और शिक्षिकायें लाभान्वित हुयीं। संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डा. वी. के. सिंह एवं डा. अन्जू बाजपेयी ने बच्चों को बतायी गयी प्रौद्योगिकियों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रयोग में लाने के लिए प्रोत्साहित किया।

About fifty students along with five teachers and principal of the of GGIC, Hazratganj school visited ICAR-CISH, Lucknow as a part of their educational tour on 16.12.2017. The education tour of student was a result of the directive of the district project office to visit national reputed institute for getting the innovated idea of the students for their betterment of knowledge. In course of their visit, the students were addressed by the scientist. Students visited the field where collections of mango varieties are available. Students were also visited the cultivation of different crops under poly house condition, post harvest laboratory and products and molecular biology laboratory. The have interacted with the scientists on different aspects of fruit crops. The students as well as teachers were extremely happy to see mango, guava, bael, litchi, jamun, etc., experimental plots. Dr. V.K. Singh and Dr. Anju Bajpai, Principal Scientists of the Institute suggested children to take the knowledge to their areas and apply them in their respective farm field.

Event Date:- 16-12-2017

Educational tour of Government Girls Inter College, Malihabad, Lucknow

सरकारी बालिका इंटर कॉलेज, मलिहाबाद, लखनऊ की 20 छात्राओं ने प्राचार्या श्रीमती कमलेश सोनकर के नेतृत्व में 8 दिसंबर, 2017 को शैक्षिक भ्रमण के रुप में भा.कृ.अनु.प.-केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ का भ्रमण किया। छात्रों के शैक्षणिक दौरे के लिए जिला परियोजना कार्यालय के निर्देश को ध्यान में रखते हुए छात्राओं के लिये यह एक शैक्षणिक भ्रमण था। इस अवसर पर छात्राओं को संबोधित करते हुए डॉ. शैलेंद्र राजन, निदेशक, आईसीएआर-सीआईएसएच, लखनऊ ने संस्थान के जीन बैंक प्रक्षेत्र में उपलब्ध आम की भारतीय एवं विदेशी किस्मों के बारे में जानकारी दी। उनसे आम की किस्मों और मलिहाबाद के महत्व के बारे में चर्चा की। आम, अमरूद, बेल, लीची, जामुन, आदि प्रायोगिक पौधों को देखकर छात्राएं और शिक्षिकाएं लाभान्वित हुए। बच्चों को बतायी गयी प्रौद्योगिकियों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रयोग में लाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

Twenty students of standard IX of Government Girls Inter College, Malihabad, Lucknow led by Smt. Kamlesh Sonkar, Principal visited ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture, Rehmankhera, Lucknow as a part of their educational tour on 8th December, 2017. The educational tour of the students was a result of the directive of the District Project Office to visit six research Institutes for the betterment of the students’ knowledge. In course of their visit, the students were addressed by Dr. Shailendra Rajan, Director, ICAR-CISH, Lucknow. Students visited large collection of Indian as well as exotic mango varieties available in the Institute’s field gene bank. As the students were from the nearby areas, he asked them about mangoes and the importance of Malihabad in relation to mangoes. The students as well as teachers were extremely happy to see mango, guava, bael, litchi, guava, jamun, etc. experimental plants. Dr. Rajan also dealt with the significance of local and Malihabadi mango varieties. He further suggested children to take the knowledge to their areas and apply them in their respective farm fields.

Event Date:- 08-12-2017

Project Coordinator, AICRP (Fruits) visit

अखिल भारतीय समन्वित शोध परियोजना (फल) के परियोजना समन्वयक डॉ. प्रकाश पाटिल ने दिनांक 5-6 दिसम्बर 2017 को संस्थान में चल रहे प्रयोगों का निरीक्षण एवं समीक्षा की।

Project Coordinator, AICRP (Fruits) visited the institute during December 5-6, 2017 for review of the progress of experiments being carried out. During his visit he observed experiments at site.

Event Date:- 05-12-2017

Students of Government High School Sindharwa, Malihabad, visited ICAR-CISH, Lucknow

राजकीय माध्यमिक विद्यालय सिंधवा, मलिहाबाद लखनऊ के छात्र-छात्राओं का संस्थान भ्रमण

राजकीय माध्यमिक विद्यालय सिंधवा, मलिहाबाद के छात्र-छात्राओं ने दिनांक २९ नवंबर २०१७ को भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ का भ्रमण किया। इस भ्रमण के दौरान, संस्थान के वैज्ञानिको ने विभिन्न तकनीकियों जैसे उपोष्ण फसलों (आम, अमरूद, आंवला, बेल आदि) के जीर्णोद्धार, छत्र प्रबंधन और सघन बागवानी तकनीकी, तुड़ाई उपरांत प्रबंधन एवं खाद्य प्रसंस्करण, मूल्य वर्धित उत्पाद के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।

Students of Government High School Sindharwa, Malihabad visited ICAR-CISH, Lucknow on 29 November, 2017. During this visit, Scientists briefed about institute technologies viz. rejuvenation, canopy management, high density planting, post harvest management and value added products of mango, guava, aonla and bael.

Event Date:- 29-11-2017

Former Director General ICAR and Secretary (DARE) visited ICAR- CISH RRS and KVK Malda

पूर्व महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् एवं सचिव (डेयर), नई दिल्ली द्वारा केंद्रीय उपोष्ण बागबानी संस्थान के क्षेत्रीय अनुसन्धान केंद्र एवं कृषि विज्ञानं केंद्र, मालदा का भ्रमण

डॉ. एस. अयप्पन, पूर्व महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् एवं सचिव (डेयर), नई दिल्ली ने केंद्रीय रेशम बोर्ड के अपर अधिकारियो के साथ केंद्रीय उपोष्ण बागबानी संस्थान के क्षेत्रीय अनुसन्धान केंद्र एवं कृषि विज्ञानं केंद्र, मालदा, पश्चिम बंगाल का भ्रमण किया उन्होंने केंद्र के सभी वैज्ञानिको, प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियो से बातचीत की और केंद्र द्वारा उष्णकटिबन्धीय फल फसलों के विभिन्न पहलुओं पर किये गए कार्य के लिए सराहना की

Honourable Dr. S. Ayyappan (Former Director General, ICAR & Secretary, DARE, Govt. of India) along with higher official of Central Silk Board visited ICAR-CISH Regional Research Station & CISH Krishi Vigyan Kendra, Malda, West Bengal. He also interacted with the scientists, administrative and technical staff of the station and praised the activities and development of various aspects of subtropical fruit crops at ICAR-CISH RRS & CISH KVK, Malda.

Event Date:- 04-08-2017

Visit of APC Govt. of UP

Shri Pradeep Bhatnagar, IAS, Agriculture Production Commissioner, Government of Uttar Pradesh visited the Institute to look into the ongoing activities of mango diversity, nursery and high density planting in guava. Dr. Neelima Garg, Incharge Director and Head, PHM Division briefed him about the research activities of the Institute whereas Dr. V. K. Singh, Principal Scientist and Incharge, PFDC, ICAR-CISH, Lucknow illustrated the PFDC activities to the Agriculture Production Commissioner. During his visit, he also planted the Dhawal & Lalima varieties of guava in the Institute premise. Event Date:- 21-12-2016

Secretary, DARE and Director General, ICAR visits ICAR-CISH, Lucknow

सचिव (डेयर) एवं महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ भ्रमण

डॉ. त्रिलोचना महापात्रा, सचिव (डेयर) एवं महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली ने डॉ. एन.के. कृष्ण कुमार, उप महानिदेशक (बागवानी विज्ञान) तथा डॉ. जे.के. जेना, उप महानिदेशक (मत्स्य विज्ञान) के साथ 8 जून, 2016 को केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ का भ्रमण किया। अपने यात्रा के दौरान डॉ. महापात्रा संस्थान ने नर्सरी का भ्रमण किया तथा वहां तैयार की जा रही गुणवत्ता वाले पौधों रोपण सामग्री के कार्य की प्रशंसा की गई। उन्होंने विभिन्न फलों के जननद्रव्य ब्लॉकों को भी देखा और बीजरहित जामुन में गहरी रूचि दिखायी। उन्होंने संस्थान परिसर में आम की अरुणिका किस्म लगाया। उन्होंने संस्थान के प्रसंस्कृत उत्पादों में से कुछेक का स्वाद लिया और उनकी सराहना की। उन्होंने संस्थान के वैज्ञानिकों, प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से बातचीत की तथा उन्हें परिषद से सभी संभव सहायता एवं मार्गदर्शन का आश्वासन दिया। उन्होंने उप-उष्णकटिबंधीय फल फसलों के विभिन्न पहलुओं पर किये गये प्रशंसनीय शोध के लिए संस्थान की प्रशंसा की।

Dr. Trilochan Mohapatra, Secretary DARE and Director General, ICAR, New Delhi accompanied by D.D.G. (Horticulture Science Division.), Dr. N. K. Krishna Kumar and D.D.G. (Fisheries Science Division), Dr. J. K. Jena visited ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture on June 8, 2016. In course of his visit, Dr. Mohapatra visited the Institute’s nursery and was praised the work of quality planting material. He also visited the germplasm blocks of different fruits and shown keen interest in seedless jamun. He planted the mango variety Arunika in the Institute’s premises. He tested some of the processed products of the Institute and appreciated them. He also interacted with the scientists, administrative and technical staff of the Institute and assured them of all possible support and guidance from the council. He praised the Institute for its commanding research on various aspects of subtropical fruit crops.

Event Date:- 08-06-2016

Visit of Director Horticulture Uttarakhand

Dr. B. S. Negi, Director, Horticulture and Food Processing, Government of Uttarakhand, along with his Deputy Directors, visited the Institute on December 4, 2016 to look into the developments of high density planting as well as potato cultivation. Dr. V. K. Singh, Principal Scientist and Incharge, Precision Farming Development Centre accompanied his to Institute’s experimental farm and showed his the ongoing activities in the sphere of high density planting as well as potato cultivation. Event Date:- 2016-12-04

Students visit

Fifty-seven students from Stafford Public School, situated in the Mango belt of Lucknow, visited the Institute on December 27, 2016. Dr. Shailendra Rajan, Director of the Institute interacted with the students and generated awareness amongst them on the issues of conservation of mango diversity, unique plant varieties, ecological disturbances and environment pollution in the wake of rampant spraying of pesticides and insecticides. The teachers and students of the school displayed significantly keen interest in Institute’s activities. The school management assured Dr. Rajan that they would be planting rare varieties of mango and guava in their premise in the times to come. Students were exceedingly interested that their family members ought to be a part of the custodian farmers national database as many of them conserve more than 10 varieties in their orchards. Event Date:- 2016-12-27

Visit of Students

छात्रों का दौरा

चन्द्र शेखर आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर के छात्रों (40) ने बागवानी के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के उद्देश्य से 22.3.2018 को भा.कृ.अनु.प.-केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान का दौरा किया। संस्थान के निदेशक डॉ. शैलेंद्र राजन ने कहा कि यह विश्वविद्यालय में प्रथागत हो रहा है ताकि छात्रों को विभिन्न शोध संस्थानों में विकसित प्रौद्योगिकियों की जानकारी प्राप्त हो सके। यद्यपि छात्र कई प्रौद्योगिकियों से अवगत होते हैं, लेकिन उन्हें अनुसंधान संस्थानों पर सजीव प्रदर्शन देखना अधिक दिलचस्प लगता है । वे पाठ्यपुस्तक में कई सिद्धांतों और तकनीकों को पढ़ते हैं, लेकिन उनके समग्र विकास और उद्यमिता विकास के लिए व्यावहारिक अनुभव महत्वपूर्ण होता है। कई छात्रों ने अपनी शोध समस्याओं और किस तरह से वे अनुसंधान में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकते हैं पर चर्चा की।

Students (40 nos.) of Chandra Shekhar Azad University of Agriculture and Technology, Kanpur, visited the Central Institute of Subtropical Horticulture (CISH) on 22.3.2018 with an objective to learn more about horticulture. ICAR-CISH Director Shailendra Rajan said it is becoming customary in the university to expose the stu¬dents to technologies generat¬ed in different research insti¬tutes. “Students are aware of several technologies but it is fascinating for them to see the live demonstration at the research organization which has developed the technology. They read many principles and techniques in the textbook but practical exposure is becoming important for their overall development and entrepreneurship develop¬ment,” he said. Several stu¬dents discussed their research problems and the way they can excel in research.

Event Date:- 22.03.2018