Kisan Gosthi ( किसान गोष्ठी )

Kisan Mela cum Agricultural Technology Exhibition Organized

किसान मेला-सह-कृषि प्रौद्योगिकीय प्रदर्शनी का आयोजन

भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ में 30 नवंबर, 2017 को किसान मेला-सह-कृषि प्रौद्योगिकीय प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसका आयोजन फार्मर्स फस्र्ट, सुनियोजित कृषि विकास केन्द्र, उपोष्ण बागवानी समिति तथा केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ के संयुक्त तत्वाधान में किया गया जिसमें 450 किसान सम्मिलित हुए। इस किसान मेला का उद्घाटन डॉ. बी.एस. चूंडावत, पूर्व कुलपति नवसारी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. मथुरा राय, पूर्व निदेशक भारतीय सब्जी अनुसंधान केन्द्र, बनारस वाराणसी तथा डॉ. यू.एस. गौतम निदेशक अटारी, कानपुर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर अपने संबोधन में संस्थान के निदेशक डॉ. शैलेन्द्र राजन ने कहा कि किसानों के लिए उनकी आय का सर्वाधिक महत्वपूर्ण श्रोत बागवानी हो सकता है। फार्मर्स फस्र्ट परियोजना के तहत मेरा गाँव मेरा गौरव कार्यक्रम के द्वारा किसानों की आय को दोगुना करने को ध्यान में रखते हुए संस्थान ने आम आधारित कुकुट फार्मिंग व्यवस्था प्रारंभ की है जो मलिहाबाद के चार गाँव में प्रसारित हो चुकी है। इसके तहत लगभग 100 किसानों की आय को दोगुनी करने का प्रयास किया जा रहा हैं। किसान मेला-सह-कृषि प्रौद्योगिकीय प्रदर्शनी के अवसर पर संस्थान ने 10 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया जिन्होंने अपनी आय दोगुना या उससे अधिक की है। इस अवसर पर प्रगतिशील किसान, श्री शैलेन्द्र रघुवंशी ने बताया कि किस प्रकार उन्होंने नर्सरी उद्यमिता के द्वारा संस्थान के सहयोग से सफलता प्राप्त की है। इसके अलावा महाराष्ट्र के अमरूद उत्पादक श्री मानिक राव महावीर प्रसाद ने संस्थान के सहयोग से अपनी आय दोगुनी की है, ने भी सफलता की जानकारी दी । श्री उपेन्द्र सिंह जो एक सफल आम उत्पादक एवं उद्यमी हैं, ने भी फार्मर फस्र्ट परियोजना के अंतर्गत मोबाईल वैन से आम बेचे। इस अवसर पर फार्मर फस्र्ट डायरी तथा बागवानी प्रौद्योगिकीयों से संबंधित सूचना पैमफ्लेट और फोल्डर भी किसानों के लिये जारी किये गये।

Kisan Mela-cum-Agricultural Technology Exhibition was organized by ICAR-CISH, Lucknow on 30th November, 2017. More than 450 farmers hand held through Farmer FIRST and PFDC projects took part in the event. Kisan Mela-cum-Agricultural Technology Exhibition was inaugurated by Dr. B.S. Chundawat, Former Vice-Chancellor, Navsari Krishi Vishwa Vidyalaya along with Dr. Shailendra Rajan, Director, ICAR-CISH, Lucknow, Dr. Mathura Rai, Former Director, IIVR, Varanasi, Dr. U.S. Gautam, Director, ICAR-ATARI, Kanpur. Dr. Shailendra Rajan reiterated that horticulture remains the best option in fulfilling the vision of Hon’ble Prime Minister of India Sri Narendra Modi towards doubling farmer’s income particularly in sub tropics. The farmers expressed their gratitude to the Institute and its mission mode program such as Farmer FIRST, Precision Farming Development Centre and Mera Gaon Mera Gaurav for providing technological back up for augmenting their income. Farmers hand held under Farmer FIRST project brought their produce (Vegetables, grafted plants, flowers, eggs, and poultry) for sale at the Exhibition. Institute has introduced a diversified horti-module viz., Mango based poultry farming which has spread to 4 villages in Malihabad and helped in doubling income to close to 100 farmers in 8 months time. Institute honored 10 progressive farmers who could augment their income many fold through Institute’s initiative. During the occasion Mr. Shailendra Raguvansi, progressive guava farmer narrated his success story of becoming a nursery entrepreneur through skill development provided by ICAR-CISH whereas Mr. Manik Rao Mahavir Prasad another guava farmer from Maharashtra who could double his income through guava orcharding in two years time with Institute’s intervention. Mr. Upendra Singh became a successful mango entrepreneur and sold his Dashehari mango using mango mobile van, a new initiative he got from Farmer FISRT project. Many pamphlets and folders containing information on horticultural technology and Farmer FIRST diary was inaugurated during the event.

Event Date:- 30-11-2017

Scientist-Farmers interactions programme/kisan gosthi on doubling farmers’ income through micronutrient management and other horticultural technologies

सूक्ष्म पोषक प्रबंधन और अन्य बागवानी प्रोधोगिकियों के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि के लिए वैज्ञानिक-किसान बातचीत कार्यक्रम

तकनीकी हस्तक्षेप के माध्यम से किसान की आय को बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक-किसान बातचीत कार्यक्रम का आयोजन 13 सितंबर, 2017 को खलीसपुर गांव, मलिहाबाद, लखनऊ में आई.सी.ए.आर. नेटवर्किग परियोजना "बागवानी की पैदावार और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए पौधों में सूक्ष्म पोषक प्रबंधन" के तहत किया गया। गुणवत्तायुक्त फल उत्पादन के लिए किसानों और ग्रामीण युवाओं को विशिष्ट पोषक प्रबंधन, ड्रिप सिंचाई, आम और अमरूद में कीटनाशकों के नियंत्रण के लिए जागरूक किया गया तथा हिंदी में सभी प्रासंगिक साहित्य वितरित किया गया। आमदनी में सुधार के लिए सब्जियों का उत्पादन विशेषकर ऑफ-सीजन सब्जियां, पकाया आमों के प्रसंस्करण द्वारा मूल्य में वृद्धि और अन्य फलों की खेती का भी सुझाव दिया गया। आम में सघन बागबानी,प्रभावी कैनोपी प्रबंधन, अन्तः फसल, नर्सरी उत्पादन, जल की कमी के दौरान नमी संरक्षण तथा आम में जेली बीज नियंत्रण के लिए कैल्शियम क्लोराइड के छिड़काव के बारे में किसानों को संवेदनशील किया गया।

Scientist-Farmers interactions programme on enhancing farmer’s income through technological intervention was organized at Khalispur village, Malihabad, Lucknow under the ICAR networking project on “Micronutrient management in Horticultural Crops for Enhancing Yield and Quality” on 13th September, 2017. Farmers and rural youths were sensitized for effective nutrient management, drip irrigation, control measures of mango and guava pests for quality fruit production and all relevant literature was distributed. Vegetable production particularly off-seasons vegetables, value addition of riped mangoes and cultivation of other fruits were also suggested for improving the income. Farmers were also sensitized about high density plantations, effective canopy management, intercropping, nursery production, mulching for moisture conservation and application of calcium chloride for control of jelly seed formation in mango.

Event Date:- 13-09-2017

Women empowerment: Improving farm women’s income through technological interventions

महिला सशक्तीकरण: तकनीकी के माध्यम से खेतीहर महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक-किसान बातचीत का आयोजन

तकनीकी के जरिए कृषि की महिलाओं की आय में सुधार करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और आर्थिक योग्यता बनाने के लिए तत्काल आवश्यकता है। इस दिशा में, 8 सितंबर, 2017 को किसानों और खेतीहर महिलाओं की आय में वृद्धि के लिए आई.सी.ए.आर. नेटवर्किग परियोजना "बागवानी की पैदावार और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए पौधों में सूक्ष्म पोषक प्रबंधन" के तहत ग्राम नईबस्ती, मलिहाबाद, लखनऊ में वैज्ञानिक-किसानों के बीच बातचीत का आयोजन किया गया। डॉ घनश्याम पांडे, डॉ देवेंद्र पांडे, डॉ नीलिमा गर्ग, डॉ अदक, डॉ राम कुमार, डॉ एस आर सिंह और डॉ ए.के. भट्टाचार्य ने प्रतिभागियों के साथ बातचीत की। किसान, खेती की महिलाओं, ग्रामीण युवाओं और लड़कियों ने उत्साहपूर्वक इस कार्यक्रम में भाग लिया और गुणवत्ता वाले फल और सब्जियों के उत्पादन के लिए कई सवाल उठाए। किसानों ने सवाल उठाया कि आम और अमरूद में फलों के फटने को कैसे रोका जाए तथा आम के कीटों जैसे पत्ती के जालाकीट, उकठा, सूखा रोग, फलमक्खी आदि के नियंत्रण के बारे में भी सवाल उठाए। डॉ तरुण अदक ने गुणवत्तायुक्त फल उत्पादन के लिए ज़िंक और बोरोन की कमी को दूर करने का तथा अक्टूबर के महीने तक मिट्टी में ज़िंक और बोरोन के प्रयोग के साथ ही फलों के विकास की विभिन्न अवस्थाओं में करने का सुझाव दिया। अक्टूबर के अंत तक आम और अमरूद के लिए पोषक तत्वों के प्रयोग और जल प्रबंधन के बारे में भी किसानों को जाग्रत किया गया। इसके अलावा,आम और अमरूद कीटों के नियंत्रण उपायों के बारे में सलाह दी गई और तथा सभी प्रासंगिक साहित्य (हिंदी में) को किसानों के बीच वितरित किया गया। डॉ नीलिमा गर्ग ने किसानों और खेतीहर महिलाओं को आम तौर पर कच्चे आमों से अमचूर बनाकर आय पैदा करने के लिए प्रेरित किया। यह उत्पाद कम से कम 300 रुपये प्रति किलोग्राम की अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकता है। आम का गूदा व अन्य उत्पादों को बनाने के लिए भी सलाह दी गई थी। संस्थान द्वारा विकसित आम प्रसंस्करण से सम्बंधित मुफ्त मोबाइल ऐप के बारे में बताया। प्रतिभागियों ने फलों और सब्जियों की प्रसंस्करण द्वारा मूल्य में वृद्धि पर प्रशिक्षण के लिए गहरी दिलचस्पी दिखाई। डॉ जी. पांडे ने किसानों को प्रभावी कैनोपी प्रबंधन, अन्तःफसल, नर्सरी उत्पादन, जल की कमी के दौरान नमी संरक्षण और आम में जेली बीज नियंत्रण के लिए कैल्शियम क्लोराइड के छिड़काव के बारे में सुझाव दिया। सब्जियों का उत्पादन विशेषकर ऑफ-सीजन सब्जियां ग्रामीणों द्वारा अतिरिक्त आय अर्जित कर सकती हैं जैसा कि डॉ एसआर सिंह ने बातचीत की और सुझाव दिया। पोषण और अतिरिक्त कमाई के लिए, डॉ देवेन्द्र पांडे और डॉ राम कुमार ने गांव में पोषक स्मार्ट उद्यान के विकास के लिए बेल, आंवला और केला की फसल शामिल करने का पर जोर दिया। डॉ ए.के. भट्टाचार्य ने आम और अमरूद के बगीचों में कीटनाशकों के सुरक्षित इस्तेमाल के विषय में अवगत कराया।

Event Date:- 08-09-2017

Scientist-Farmers interaction meet for enhancing farmers’ income through nutrient management and crop diversification

पोषक प्रबंधन और फसल विविधीकरण के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक-किसान बातचीत का आयोजन

किसानों की आय की वृद्धि के लिए आई.सी.ए.आर. नेटवर्किग प्रोजेक्ट "बागवानी की पैदावार और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए पौधों में सूक्ष्म पोषक प्रबंधन" के तहत ग्राम बेड़िइयाखेड़ा, मॉल, लखनऊ में वैज्ञानिक कृषक वार्ता का आयोजन दिनांक 07 सितंबर 2017 को किया गया। डॉ देवेंद्र पांडे, डॉ नीलिमा गर्ग, डॉ तरूण अदक, डॉ राम कुमार, डॉ पीके शुक्ला,डॉ ए.के. त्रिवेदी, श्री सुभाष चंद्र और श्री अरविन्द कुमार ने किसानों के साथ बातचीत की तथा सभी प्रासंगिक साहित्य (हिंदी में) को किसानों के बीच वितरित किया गया। इस कार्यक्रम में किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। डॉ देवेन्द्र पांडे ने पोषण और अतिरिक्त कमाई के लिए गांवों के ऊसर भूमि में बेल और आंवला की बागवानी के लिए प्रेरित किया। डॉ राम कुमार ने गांव में पोषक स्मार्ट उद्यान के विकास के लिए केला की फसल शामिल करने का सुझाव दिया। डॉ तरुण अदक ने किसानों के साथ बातचीत की तथा इस दौरान उन्होंने उन्हें मिट्टी के स्वास्थ्य और गुणवत्तायुक्त फल उत्पादन को बनाए रखने के लिए पोषक तत्वों के, विशेष रूप से सूक्ष्म पोषक प्रबंधन, के लाभ के बारे में सूचित किया। इसके अलावा, किसानों को बेहतर बाग प्रबंधन के लिए ड्रिप सिंचाई प्रणाली को अपनाने हेतु जागरूक किया और मौसम पूर्वानुमान पर आधारित कृषि सलाह सूचना के बारे में भी संवेदनशील किया गया। डॉ नीलिमा गर्ग ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए किसानों के फसल कटाई के बाद के प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण और फल एवं सब्जियों के मूल्य संर्वधन द्धारा आय वृद्धि आवश्यकता का सुझाव दिया। उन्होंने गूगल प्ले स्टोर पर अपलोडेड कच्चे और परिपक्व आम उत्पादों पर विकसित दो मुफ्त मोबाइल ऐप के विषय में अवगत कराया। डॉ ए के त्रिवेदी ने जल की कमी के दौरान नमी संरक्षण के लिए आच्छादन और आम में जेली बीज नियंत्रण के लिए कैल्शियम क्लोराइड के छिड़काव को अपनाने की सूचना दी। डॉ पी के शुक्ला ने आम और अमरूद कीटों के नियंत्रण उपायों के बारे में बातचीत की और सुझाव दिया।

A scientist-farmers interaction meet was organized at Bhediyakhera village, Maal, Lucknow under the ICAR networking project on “Micronutrient management in Horticultural Crops for Enhancing Yield and Quality” on 7th September, 2017 for improving farmers’ income. Dr Devendra Pandey, Dr Neelima Garg, Dr Tarun Adak, Dr Ram Kumar, Dr PK Shukla, Dr. A K Trivedi, Mr Subhas Chandra and Mr. Arvind Kumar interacted with the farmers. Farmers enthusiastically participated in this programme and all relevant literatures in Hindi were distributed among the farmers. Dr Devendra Pandey emphasized the scope of bael and aonla cultivation in the Usher land of the villages for nutrition and extra earning. Dr Ram Kumar suggested inclusion of banana for developing nutri smart garden in the village. Dr Tarun Adak interacted with the farmers and sensitized them regarding benefits of nutrient particularly micronutrient management for maintaining good soil health and quality fruit production. Further, farmers were also sensitized about adoption of drip irrigation system and real time weather agroadvisory for better orchard management. Dr Neelima Garg suggested the need for training of farmers in post harvest management and value addition for enhancing farmers’ income. She also informed and displayed two free mobile apps developed on raw and ripe mango products on Google Play Store. Dr. AK Trivedi informed to adopt mulching for moisture conservation during dry periods and application of calcium chloride for control of jelly seed formation in mango. Dr P K Shukla interacted and suggested farmers regarding control measures of mango and guava pests.

Event Date:- 07-09-2017

Scientist-Farmers interactions meet for doubling the farmers’ income

किसानो की आय वृद्धि हेतु वैज्ञानिक कृषक वार्ता

आई.सी.ए.आर. नेटवर्किग प्रोजेक्ट "बागवानी की पैदावार और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए पौधों में सूक्ष्म पोषक प्रबंधन" के तहत बागवानी फसलों में सूक्ष्म पोषक तत्व प्रंबधन द्धारा उत्पादन एवं गुणवत्ता बढानें के लिये ग्राम बेलगरहा मलिहाबाद में दिनांक 29 अगस्त 2017 को वैज्ञानिक कृषक वार्ता का आयोजन किया गया। इस वार्ता में 40 किसानो ने भाग लिया और उनकी आय की वृद्धि के बारे में सुझाव दिये गये। डा0 नीलिमा गर्ग, घनश्याम पाण्डेय, ए.के. त्रिवेदी, सुभाष चनद्रा, तरूण अदक और अरविन्द कुमार ने किसानो की समस्याओ का समाधान किया। डॉ घनश्याम पान्डेय ने पुराने एवं अनुत्पादक बागों के बेहतर उत्पादन के लिये छत्र प्रबन्धन की भूमिका के बारे मे बताया एवं गुणवत्तायुक्त फल उत्पादन एवं किसानों को अधिक लाभ के लिये प्रबन्धन पर जोर दिया। डॉ तरुण अदक ने इस वार्ता के दौरान किसानो की समस्याओं का निराकरण किया एवं विशिष्ट पोषक प्रबंधन, ड्रिप फर्टीगेशन एवं सटीक खेती के लिये प्रौद्योगिकियों को अपनाने हेतु जागरूक किया। डॉ नीलिमा गर्ग ने फल एवं सब्जियों के मूल्य संर्वधन द्धारा अधिक आय प्राप्त करने एवं सी.आई.एस.एच. द्धारा विकसित कच्चे एवं पक्के आम के उत्पाद बनाने के दो निशुल्क गूगल एप के बारे में बताया। डॉ त्रिवेदी ने सूखे के दौरान नमी संरक्षण के लिये मल्चिंग की भूमिका के बारे में बताया।

A scientist-farmers interactions meet was organized at Belgaha village, Malihabad, Lucknow under the ICAR networking project on “Micronutrient management in Horticultural Crops for Enhancing Yield and Quality” on 29th August, 2017. In this meet, about 40 farmers participated and were suggested measures for enhancing their income. Dr Ghansham Pandey, Dr Neelima Garg, Dr Tarun Adak, Dr. A K Trivedi, Mr Subhas Chandra and Mr. Arvind Kumar were interacted with the farmers. Dr Ghansham Pandey discussed about the need for rejuvenation in old and senile orchards, role of canopy management for better productivity. Dr Tarun Adak discussed in detailed about the nutrient management in fruit crops. He emphasized on micronutrient management for quality fruit production and better profitability of farmers. Further, farmers’ quarries were successfully addressed and during the interaction, farmers were sensitized about better orchard productivity through adoption of site specific nutrient management, drip fertigation and precision farming technologies. Dr Neelima Garg interacted with the farmers about post harvest practice for value addition of fruits and vegetables with an objective of increasing the profitability of farmers. She also informed and displayed two free mobile apps developed on raw and ripe mango products on Google Play Store. Dr. Trivedi discussed about role of mulching for moisture conservation during dry periods and intercropping in mango orchards for higher income.

Event Date:- 29-08-2017

Farmers Gosthi and distribution of high yielding and high quality hybrid seedling of vegetables

कृषक गोष्ठी एवं सब्जियों के उच्च उत्पादकता एवं गुणवत्ता वाले संकर पौध वितरण

मेरा गाँव मेरा गौरव कार्यक्रम के अन्तर्गत दिनांक 04.08.2017 को काकोरी] लखनऊ के गाँव मोहद्दीपुर में एक कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। मोहद्दीपुर] सैदपुर] नबीनगर एवं पहिया आजमपुर गाँव के मुख्यतः सब्जी एवं फूलों की खेती से जुड़े 40 किसानों ने भाग लिया। किसानों को करेले] लौकी एवं कद्दू के उच्च उत्पादकता एवं गुणवत्ता वाले संकर पौध बाँटे गये। किसानों ने आम एवं अमरूद के कीटों] ग्लेडिओलस एवं गेंदे की खेती] सब्जियों में उर्वरकों के प्रयोग आदि के विषय में वैज्ञानिकों से जानकारी प्राप्त की।

Institute organized a farmer’s goshti under Mera Gaon Mera Gaurav Programme on 04.08.2017 at Mohiddipur village of Kakori block of Lucknow district. More than 40 farmers mainly vegetable growers from Mohiddipur, Saidpur, Nabinagar and Pahiya Azampur were participated in the gosthi as these villagers are mainly involved in vegetable farming and floriculture. The hybrid seedling of high yielding and high quality vegetables of Bitter gourd (Karela), Bottle gourd (Lauki) and pumpkin were also distributed to the farmers. The farmers were also enlightened about the techniques to double their farm income through vegetable production. The farmers raised problems of fruit fly infestation in guava and mango, leaf webber (Jalakeet) in mango. The Farmers also enquired method and time to apply different fertilizers for high yield in vegetables and cultivation method to grow high quality gladiolus and marigold.

Event Date:- 04-08-2017

किसान गोष्ठी का आयोजन

भा.कृ.अनु.प.-केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ ने सहयोगी संस्थान के रूप में अवध आम उत्पादक एवं बागवानी समिति के नेतृत्व में दिनांक 22.12.2016 को मलिहाबाद के नबीपनाह नामक गाँव में किसान गोष्ठी का आयोजन किया। इस किसान गोष्ठी में कसमंडीकलॉं, मसीढा, मोअद्दीपुर, मोहम्मद नगर तालुकेदारी आदि गाँवों के 300 से अधिक किसान एवं बागवान सम्मिलित हुए। इस समिति के प्रमुख उददेश्यों मे एक है दशहरी आम के जी.आई. का व्यवसायीकरण कर किसानों का लाभ पहुंचाना है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश मंडी समिति के निदेशक, श्री राज शेखर ने कहा कि इस प्रकार के संगठित सामुदायिक संगठन छोटे किसानों एवं बागवानों के लिए अत्यन्त ही लाभप्रद सिद्ध होंगे। अपने संबोधन में उन्होंने भा.कृ.अनु.प.-केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस समिति को बनाने में संस्थान की जो भूमिका रही है वह निःसंदेह ही प्रशंसनीय है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि न केवल नबीपनाह बल्कि लखनऊ के सभी किसान एवं बागवान संस्थान द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों एवं तकनीकियों से भविष्य में लाभ पायेंगे। उन्होंने किसानों को आशवासन दिया कि भविष्य में छोटे किसानों को भी मैंगो पैक हाउस में प्रसंस्करण की सुविधा दिये जाने पर विचार दिया जा रहा है। श्री राज शेखर ने कहा मैंगो पैक हाउस में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं को दूर करने पर भी कार्य जारी है। इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि के रूप में बोलते हुए संस्थान के निदेशक, डॉ. शैलेन्द्र राजन ने उपस्थित लोगों को अवध आम उत्पादक एवं बागवानी समिति को तैयार करने में किये गये कार्यों की जानकारी दी। डॉ. राजन ने कहा कि आम के बागवानों को सामुदायिक आधारित संगठनों से ही लाभ की प्राप्ति हो सकती है। उन्होंने सलाह दी कि इसके लिए सभी बागवानों को सामुदायिक संगठन बनाकर कार्य करने चाहिए। डॉ. राजन ने किसान गोष्ठी के दौरान दर्जनों किसानों द्वारा पूछे गये प्रश्नों के उत्तर भी दिये। गोष्ठी के दौरान वरिष्ठ बागवान, श्री विजय सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि किसानों में जागरूकता की कमी है जिसके कारण अनेक समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने आम के बाग का प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि समय से रोगों एवं कीटों का प्रबंधन कर किसान संस्थान से अधिक-से-अधिक लाभान्वित हो सकते हैं। किसान गोष्ठी के दौरान संस्थान की ओर से डॉ. नीलिमा गर्ग, अध्यक्ष तुड़ाई उपरान्त प्रबंधन प्रभाग, डॉ. घनश्याम पाण्डेय, अध्यक्ष फसल उत्पादन प्रभाग, डॉ. पी.के. शुक्ला, वरिष्ठ वैज्ञानिक, डॉ. गुंडप्पा, वैज्ञानिक, डॉ. मनीष मिश्रा, प्रधान वैज्ञानिक एवं डॉ. राम कुमार, प्रधान वैज्ञानिक ने किसानों के बागवानी संबंधित प्रश्नों के उत्तर दिए। कार्यक्रम का संचालन अवध आम उत्पादक एवं बागवानी समिति के सचिव, श्री उपेन्द्र सिंह द्वारा किया गया जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री निर्मल सिंह जी ने की। Event Date:- 2016-12-22