Workshop on income generation from Mushroom diversity for rural women and landless farmers

मशरूम विविधता अंगीकरण कार्यशाला

भा.कृ.अनु.प.-केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, रहमानखेड़ा, लखनऊ द्धारा किसानों की आय के स्रोत को बढ़ाने हेतु ‘‘फार्मर्स फर्स्ट परियोजना’’ के अंतर्गत दिनांक 20 सितंबर 2017 को ‘‘मशरूम विविधता अंगीकरण कार्यशाला’’ का आयोजन किया गया। जिसमें लखनऊ, उन्नाव, लखीमपुर खीरी और हरदोई जिलों के 70 कृषकों ने सहभागिता की। इस कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. शैलेन्द्र राजन ने अगले पाँच वर्षो में कृषकों की आय को दो गुना करने हेतु मशरूम उत्पादन, मुर्गी पालन और उच्च कीमत वाली अन्तः फसलों को आम के बागों में समावेश करने पर जोर दिया। चन्द्र शेखर कृषि एवं प्रोद्यौगिक वि.वि., कानपुर के प्रो. वेद रतन ने बटन मशरूम उत्पादन की सविस्तार चर्चा की। इस अवसर पर कृषकों को मशरूम उत्पादन प्रारंभ करने हेतु मशरूम किट का वितरण भी किया गया।

The income opportunities for rural women and landless labors are scanty in Malihabad, a famous mango belt in Uttar Pradesh. Viable livelihood options are needed for this most vulnerable group of farmers. In this connection ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture Rehmankhera, Lucknow has organized “Mushroom Diversity Adoption Workshop” on 20-09-2017 under Farmer FIRST program to augment income of this targeted group of farmers. Seventy farmers mostly rural women and small and landless farmers from Lucknow, Unnao, Lakhimpur Kheri and Hardoi districts participated in the workshop.