Two days Training-cum-Workshop on Per Drop More Crop (Microirrigation) organized by ICAR-CISH under Pradhanmantri Krishi Sinchai Yojna

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना "पर ड्राप मोर क्रॅाप" (माइक्रोइरीगेशन) के अंतर्गत दो दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला कार्यक्रम का आयोजन

भा.कृ.अनु.प.- केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, रहमानखेड़ा, लखनऊ एवं उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उत्तर प्रदेश के सहयोग से सुनियोजित कृषि विकास केन्द्र (पी.एफ.डी.सी.) ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना “पर ड्राप मोर क्रॅाप“ (माइक्रोइरीगेशन) के अंतर्गत दो दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के ५० उद्यान अधिकारियो ने भाग लिया। डा. वी. के. सिंह, प्रधान वैज्ञानिक एवं पी.आई., पी.एफ.डी.सी ने दिनांक 09.01.2019 को कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए कार्यक्रम के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी। डा. एस. राजन, निदेशक, भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. ने प्रशिक्षुओं को संस्थान द्वारा विकसित तकनीकों की जानकारी दी और दिन-प्रतिदिन घटते भूमि जल स्तर को बचाने के लिए सूक्ष्म सिंचाई पद्धति की महत्ता को बताया। डा. एन.एल.एम. त्रिपाठी, नोडल अधिकारी, माइक्रोइरीगशन, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उत्तर प्रदेश ने बताया कि सूक्ष्म सिंचाई पद्धति के प्रयोग को अपनाकर बागवानी एवं कृषि फसलों का गुणवक्ता युक्त उत्पादन को दो गुना किया जा सकता है। दिनांक 10.01.2019 को डा. वी.के. सिंह, प्रधान वैज्ञानिक ने प्रशिक्षुओं को संस्थान में प्रायोगिक प्रक्षेत्र का भ्रमण कराया तथा सूक्ष्म सिंचाई प्रौद्योगिकी को अपनाने में आने वाली समस्याओं एवं उनके निदान के बारे में बताया।

Under Prime Minister Krishi Sinchai Yojna, PFDC organized 2 days Training-cum-Workshop programme on "Per Drop More Crop" (Microirrigation) at ICAR-Central Institute for subtropical Horticulture, Rahmankhera, Lucknow, Uttar Pradesh from 09.01.2019 to 10.01.2019. This programme was organized in association with Horticulture and Food Processing Department, Uttar Pradesh. In this programme, 50 Horticulture officers from different district of Uttar Pradesh were participated. On 09.01.2019, at the outset of the program-cum-workshop, Dr. V.K. Singh, Principal Scientist and P.I., P.F.D.C., gave detailed information about the importance of the PMKSY programme. Dr. S. Rajan, Director, ICAR-CISH briefed about the techniques developed by the institute and also educated them about importance of micro irrigation method to save the day to day depleting ground water level. Dr. N.L.M. Tripathi, Nodal Officer, Micro Irrigation, Directorate of Horticulture and Food Processing, Uttar Pradesh gave knowledge about doubling the production of horticulture and agricultural crops through adoption of micro irrigation method. On the next day, Dr. V.K. Singh coordinated the experimental field visit of trainees and also unriddle the problem and their solution for adopting microirrigation technology.