Scientist-Farmers interactions meet for doubling the farmers’ income

किसानो की आय वृद्धि हेतु वैज्ञानिक कृषक वार्ता

आई.सी.ए.आर. नेटवर्किग प्रोजेक्ट "बागवानी की पैदावार और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए पौधों में सूक्ष्म पोषक प्रबंधन" के तहत बागवानी फसलों में सूक्ष्म पोषक तत्व प्रंबधन द्धारा उत्पादन एवं गुणवत्ता बढानें के लिये ग्राम बेलगरहा मलिहाबाद में दिनांक 29 अगस्त 2017 को वैज्ञानिक कृषक वार्ता का आयोजन किया गया। इस वार्ता में 40 किसानो ने भाग लिया और उनकी आय की वृद्धि के बारे में सुझाव दिये गये। डा0 नीलिमा गर्ग, घनश्याम पाण्डेय, ए.के. त्रिवेदी, सुभाष चनद्रा, तरूण अदक और अरविन्द कुमार ने किसानो की समस्याओ का समाधान किया। डॉ घनश्याम पान्डेय ने पुराने एवं अनुत्पादक बागों के बेहतर उत्पादन के लिये छत्र प्रबन्धन की भूमिका के बारे मे बताया एवं गुणवत्तायुक्त फल उत्पादन एवं किसानों को अधिक लाभ के लिये प्रबन्धन पर जोर दिया। डॉ तरुण अदक ने इस वार्ता के दौरान किसानो की समस्याओं का निराकरण किया एवं विशिष्ट पोषक प्रबंधन, ड्रिप फर्टीगेशन एवं सटीक खेती के लिये प्रौद्योगिकियों को अपनाने हेतु जागरूक किया। डॉ नीलिमा गर्ग ने फल एवं सब्जियों के मूल्य संर्वधन द्धारा अधिक आय प्राप्त करने एवं सी.आई.एस.एच. द्धारा विकसित कच्चे एवं पक्के आम के उत्पाद बनाने के दो निशुल्क गूगल एप के बारे में बताया। डॉ त्रिवेदी ने सूखे के दौरान नमी संरक्षण के लिये मल्चिंग की भूमिका के बारे में बताया।

A scientist-farmers interactions meet was organized at Belgaha village, Malihabad, Lucknow under the ICAR networking project on “Micronutrient management in Horticultural Crops for Enhancing Yield and Quality” on 29th August, 2017. In this meet, about 40 farmers participated and were suggested measures for enhancing their income. Dr Ghansham Pandey, Dr Neelima Garg, Dr Tarun Adak, Dr. A K Trivedi, Mr Subhas Chandra and Mr. Arvind Kumar were interacted with the farmers. Dr Ghansham Pandey discussed about the need for rejuvenation in old and senile orchards, role of canopy management for better productivity. Dr Tarun Adak discussed in detailed about the nutrient management in fruit crops. He emphasized on micronutrient management for quality fruit production and better profitability of farmers. Further, farmers’ quarries were successfully addressed and during the interaction, farmers were sensitized about better orchard productivity through adoption of site specific nutrient management, drip fertigation and precision farming technologies. Dr Neelima Garg interacted with the farmers about post harvest practice for value addition of fruits and vegetables with an objective of increasing the profitability of farmers. She also informed and displayed two free mobile apps developed on raw and ripe mango products on Google Play Store. Dr. Trivedi discussed about role of mulching for moisture conservation during dry periods and intercropping in mango orchards for higher income.