Scientist- farmer interaction under Mera Gaon Mera Gaurav Programme

मेरा गांव मेरा गौरव कार्यक्रम के तहत वैज्ञानिक-कृषक संपर्क कार्यक्रम

मेरा गाँव मेरा गौरव योजना के तहत दिनांक 01.01.2019 को मलिहाबाद विकास खण्ड के अंगीक्रत गांव कनार मे वैज्ञानिक - कृषक सम्पर्क कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 25 से अधिक कृषको ने भाग लिया। प्रधान वैज्ञानिक, डॉ नरेश बाबू (बागवानी), डॉ सुभाष चंद्रा (कृषि विस्तार) और श्री अरविन्द कुमार (वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी) ने स्थानीय कृषको को वैज्ञानिक पद्धति द्वारा विभिन्न उच्च मूल्यवर्धित सब्जियों जैसे टमाटर, सेम, पत्तागोभी, गाजर, हरी मटर और पुष्पीय पौधे गेंदा के उत्पादन और बाजार में उनकी अग्रिम बिक्री के लिए जागरूक किया। इस अवसर पर कृषको को संस्थान द्वारा तैयार की गयी सब्जियों की उन्नत किस्म यथा टमाटर (प्रजाति-एन.एस 285) और बैंगन ( प्रजाति-पूसा उत्तम) के पौधों का वितरण किया गया और साथ ही भूमि की तैयारी, पौधरोपण एवं रोपित पौधों की उचित देखभाल के विषय में भी बताया गया। कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिको द्वारा क्षेत्र भ्रमण उपरान्त किसानो की समस्याओं का समाधान भी किया गया। इसके अलावा स्थानीय लोगों को गाँव की गली और नाले की सफाई के लिए भी जागरूक किया गया।

Under Mera Gaon Mera Gaurav Programme Farmers meeting and interaction meet was organized by scientists of ICAR- Central Institute for Subtropical Horticulture, Rehmankhera at Kanar village of Malihabad, Lucknow on 01.01.2019. More than 25 farmers were participated in this programme. Dr. Naresh Babu (Principal Scientist), Dr. Subhash Chandra (Principal Scientist), and Shri Arvind Kumar (Senior Technical officer) highlighted the objectives of the programme and awareness was created among local peoples regarding cultivating high value vegetables like tomato, beans, cauliflower, carrot and garden pea by scientific method and flower crop like marigold for advance selling in the market. Moreover, the seedlings of tomato (var. NS 285) and brinjal (var. Pusa Uttam) raised in the institute were distributed to the participants. At the same time he was also informed about land preparation, planting method of seedling and their maintenance. During the programme, scientists visited the field and suggested the solution of famer’s problems. People were also made aware to clean village street and drainage channels.