P.F.D.C., ICAR-CISH, Lucknow organized Farmers’ Awareness Programme at Sitapur district

पी.एफ.डी.सी., भा.कृ.अनु.प.-केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, रहमानखेड़ा, लखनऊ द्वारा बागवानी फसलों में उपयोगी नई प्रौद्योगिकियों की तकनीकी जानकारी देने हेतु सीतापुर जिले में कृषक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

बागवानी फसलों में उपयोगी नई प्रौद्योगिकियों की तकनीकी जानकारी देने के लिए दिनांक 24.11.2017 को ग्राम-पाल्हापुर, जिला-सीतापुर में कृषक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अनेक प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। इस अवसर पर डा. वी. के. सिंह, पी.आई., सुनियोजित कृषि विकास केन्द्र (पी.एफ.डी.सी.), एन.सी.पी.ए.एच., भारत सरकार, भा.कृ.अनु.प.-के.उ.बा.सं., लखनऊ ने टपक सिंचाई प्रणाली एवं संरक्षित खेती के महत्व एवं पोलीहॉउस द्वारा तकनीक अपनाकर उच्च गुणवत्तायुक्त उत्पादन के विषय में जानकारी प्रदान की । किसानों को बागवानी में जल संरक्षण को ध्यान में रखकर टपक सिंचाई और मल्चिंग का उपयोग कर कम से कम पानी से सिंचाई करने के साथ-साथ पाॅलीहाउस अथवा लो टनल बनाकर सब्जियों को उगाने की भी सलाह दी। साथ ही किसानों से आम, अमरूद एवं सब्जियों के गुणवत्तायुक्त उत्पादन में हो रही समस्याओं पर विस्तृत रूप से चर्चा की गयी एवं समय-समय पर मिट्टी की जाँच कराने की सलाह दी गयी।

An awareness programme was organized at Village-Palhapur, District-Sitapur on 24.11.2017 to impart technical knowledge of new technologies useful in horticultural crops. a number of progressive farmers participated in this programme. On this occasion Dr. V.K. Singh, Project Investigator of Precision Farming Development Centre (P.F.D.C.), N.C.P.A.H., Govt. of India, ICAR-CISH, Lucknow explained the importance of drip irrigation system and protected farming for high quality production of horticultural crops. To keep the water conservation in the horticulture farmers were advised to use drip irrigation for minimizing water requirement of the crop. They have also advised to grow good high value vegetables crop under polyhouse or low tunnel condition for extending their production pierod. After that the farmers discussed in details on the problems being faced in quality production of mango, guava and vegetables and advised to check the field nutrient level of soil time to time.