National Workshop on Sustainable Mango Production Organized

सतत आम उत्पादन पर राष्ट्रीय कार्यशाला

भा.कृ.अनु.प.-केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान-क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्र, माल्दा (पश्चिम बंगाल) में 18-19 जून, 2016 को सतत आम के उत्पादन: उष्ण एवं उपोष्ण क्षेत्रों में हो रहे जलवायु परिवर्तन तथा आम विविधता पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया। स्वामी विश्वमयानन्द जी (सचिव, रामकृष्ण मिशन आश्रम, सर्गाची, मुर्शिदाबाद) ने डॉ. पी. के. चक्रवर्ती (सहायक महाप्रबंधक-संयंत्र संरक्षण, भा.कृ.अनु.प., नई दिल्ली), डॉ. आर. के. ठाकुर (परियोजना समन्वयक, ए.आई.सी.आर.पी.-हनी बी और पोलिनेटर), डॉ. एस. राजन, निदेशक, केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया। दस कार्यशाला में देश के विभिन्न हिस्सों से पचास आम शोधकर्ताओं, 100 आम उत्पादक और अन्य सहभागी सम्मिलित हुए। कार्यशाला में सतत आम उत्पादन के प्रासंगिक और उपयोगी विषयों को चर्चा की गयी। डॉ. पी.के. चक्रवर्ती ने कीट और रोगों के प्रबंधन के साथ-साथ आम में रासायनिक कीटनाशकों और फफूँदनाशियों के विवकेपूर्ण प्रयोग पर भी जोर दिया। डॉ. राजन ने पूर्वी भारत के किसानों के किस्मों के फार्म संरक्षण और पंजीकरण का दस्तावेज़ीकरण किये जाने पर दिया। कई विशिष्ट दिग्गजों की उपस्थिति में डॉ. पी.के. चक्रवर्ती (सहायक महानिदेशक-प्लांट प्रोटेक्शन, आईसीएआर, नई दिल्ली) ने आम डायवर्सिटी शो का उद्घाटन किया। पूर्वी और उत्तरी भारत के विभिन्न हिस्सों से आम किसानों और अन्य हितधारकों ने 350 किस्मों के आम का प्रदर्शन किया।

ICAR CISH-Regional Research Station, Malda (West Bengal) organized National Workshop on Sustainable Mango Production: Challenges under Changing Climate in Tropics and Subtropics and Mango Diversity Show during June 18-19, 2016. Swami Viswamayananda Ji (Secretary, Ramakrishna Mission Ashrama, Sargachi, Murshidabad) inaugurated the workshop in august presence of Dr. P. K. Chakrabarti (Assistant Director General-Plant Protection, ICAR, New Delhi), Dr. R. K. Thakur (Project Coordinator, AICRP-Honey Bee & Pollinators) and Dr. S. Rajan (Director, CISH, Lucknow) & other dignitaries. Fifty mango researchers, 100 mango growers & other stakeholders were part of the programme from different parts of country. The workshop covered relevant and useful topics of sustainable Mango Production. Dr. P. K. Chakrabarti emphasized for integrated pests & diseases management as well as judicious use of chemical pesticides and fungicides in mango. Dr. Rajan stressed for documentation, on farm conservation and registration of farmers varieties of mango from Eastern India. The Mango Diversity Show was inaugurated by Dr. P. K. Chakrabarti (Assistant Director General-Plant Protection, ICAR, New Delhi) in the presence of many distinguished diginitaries. 350 varieties of mango were exhibited by mango growers, mango federation and other stake holders from various parts of Eastern & Northern India.