Horti-Entrepreneurship Seminar organized on 19 January, 2018

बागवानी -उद्यमिता सेमिनार का आयोजन

लखनऊ में कृषि और ग्रामीण विकास केंद्र (कार्ड) के सहयोग से भाकृअनुप-केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ ने दिनांक 19-01-2018 को एक दिवसीय संगोष्ठी होर्टि-उद्यमिता का आयोजन किया। इसका उद्घाटन श्री सुधीर गर्ग, प्रधान सचिव (बागवानी), उत्तर प्रदेश सरकार ने किया | डॉ. अनिस अन्सारी, अध्यक्ष कार्ड, डॉ. एस. राजन, निदेशक, भाकृअनुप-केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ, श्री नबीन रॉय, सहायक महानिदेशक, नाबार्ड, श्रीमती नीरा चक्रवर्ती, जोनल मैनेजर, इंडियन बैंक तथा आईसीएआर-सीआईएसएच और विभिन्न अन्य संस्थानों के वैज्ञानिकों ने भी संगोष्ठी में हिस्सा लिया। संगोष्ठी के दौरान, टिशू कल्चर के क्षेत्र में उद्यमशीलता के विकास पर तकनीकी सत्र, ग्रीन हाउस की खेती, हाई टेक नर्सरी और मूल्य वृद्धि का आयोजन किया गया जिसमें सत्तर उद्यमिता उम्मीदवारों, विशेषज्ञों और बैंकरों ने भाग लिया। बागवानी-उद्यमिता के विभिन्न क्षेत्रों के लिए वित्तीय सहायता की उपलब्धता पर राज्य सरकार के अधिकारियों, बैंकरों और प्रतिनिधियों द्वारा चर्चा की गई। इस अवसर पर विभिन्न प्रतिभागियों को वित्तीय आवश्यकता से संबंधित कानूनी मुद्दे, पंजीकरण और सरकारी मंजूरी को विशेषज्ञों द्वारा समझाया गया।

The ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture, Lucknow in collaboration with Center for Agriculture and Rural Development (CARD) organized a one day seminar Horti-entrepreneurship on 19 January, 2018. It was inaugurated by Shri Sudhir Garg, Principal Secretary, (Horticulture), Lucknow Dr Anis Ansari, Chairman CARD, Horticulture; Dr. S. Rajan, Director, ICAR-CISH, Mr. Nabin Roy, AGM, NBARD, Ms. Neera Chakrabvarty, Zonal Manager, Indian Bank and scientists from ICAR-CISH and different other Institutes attended the seminar. During the Seminar, technical sessions on entrepreneurship development in the field of tissue culture, green house cultivation, high tech nursery and value addition were organized and attended by seventy experts and entrepreneurship aspirants and bankers. Financial assistance available for different areas of Horti-entrepreneurship was discussed among state department officers, bankers and delegates. The potential Horti-entrepreneurs attended the seminar from various districts of the Uttar Pradesh. On this occasion, Legal issues, registration and government clearances related with financial requirement of different technologies were explained by the resource persons.