ICAR-CISH Events

One day Kisan Mela and Technology Exhibition at ICAR-CISH Lucknow

एक दिवसीय किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी का आयोजन

भाकृअनुप-केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान अपने रहमानखेड़ा परिसर में दिनांक 30.11.2017 को एक किसान मेले का आयोजन कर रहा है। इस कार्यक्रम में माननीय उप-मुख्यमंत्री, डॉ. दिनेश शर्मा एवं श्रीमती स्वाती सिंह, कृषि निर्यात-विपणन एवं विदेश व्यापार राज्यमंत्री, 500 से अधिक आमन्त्रित किसानों को संबोधित करेंगे। इस मेले का मुख्य उद्देष्य उत्पादन उपरांत विपणन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं निर्यात क्षेत्र की समस्याओं पर मंथन एवं निराकरण हेतु मार्ग प्रशस्त करना है। किसान मेले के अवसर पर किसानों से संबंधित सूचना का ‘ई-प्लेटफार्म’ भी उपलब्ध कराया जायेगा जिससे उपभोक्ता आधुनिक तकनीकी के प्रयोग से सीधे कृषकों से संपर्क कर सकें और कृषक विपणन कर अधिक लाभ प्राप्त कर सकें। इस अवसर पर कृषि तकनीकी प्रदर्शनी के अतिरिक्त कृषकों को कृषि विविधीकरण अंगीकरण हेतु साहित्य वितरण भी किया जायेगा।

ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture, Lucknow is organizing one day Kisan Mela cum technology exhibition at Rehmankhera on 30th November, 2017. The Deputy Chief Minister of Uttar Pradesh Dr. Dinesh Sharma and Mrs. Swati Singh, Minister of State for Agriculture Import, Agriculture Marketing, and Agriculture Foreign will participate and address the gathering of about 500 farmers. The main objective of the programme is to provide solutions to major problems faced by horticulture farmers and create awareness about improved production technologies, crop protection and post harvest management practices. During the Kisan Mela E-platform Portal providing single window e-solutions to farmers’ problems will be launched and the exhibition of agro-horticultural technologies, distribution of information bulletins related to increasing horticultural productivity will also be held.

Event Date:- 30-11-2017

Vigilance Awareness Week 2017

सतर्कता जागरूरकता सप्ताह 2017

भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान रहमानखेड़ा, लखनऊ में 30 अक्टूबर से 04 नवंबर,2017 तक सतर्कता जागरूरकता सप्ताह 2017 मनाया गया | इसके अंतर्गत दिनांक 03.11.2017 को एक कार्यशाला का आयोजन किया गया | कार्यशाला का विषय था "मेरा लक्ष्य - भ्रष्टाचार मुक्त भारत" | इस विषय राष्ट्रीय मत्स्य अनुसंधान संसाधन ब्यूरो के प्रशासनिक अधिकारी श्री अभिषेक राणा ने व्याख्यान दिया | कार्यशाला के दौरान संस्थान के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे |

The Central Institute for Subtropical Horticulture, Rehmnakhera, Lucknow organised Vigilance Awareness Week 2017 from 30th October to 04 November, 2017. In course of the Week, a Workshop was organised on 03.11.2017. During the Workshop, Shri Abhishek Rana, Administrative Officer delivered a lecture on Mera Lakshya - Bhrashtachar Mukt Bharat. During the Workshop, scientists and staff of the Institute were present.

Event Date:- 03-11-2017

ICAR- Zonal Tournament (North Zone) 2017

भा.कृ.अनु.प.- आंचलिक खेल कूद प्रतियोगिता (उत्तर क्षेत्र) २०१७

भा.कृ.अनु.प.- आंचलिक खेल कूद प्रतियोगिता (उत्तर क्षेत्र) 2017 का आयोजन, भा.कृ.अनु.प.- भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ में दिनांक 30 अक्टूबर से 2 नवंबर, 2017 के मध्य संपन्न हुआ। डॉ. प्रभात कुमार शुक्ल, वरिष्ठ वैज्ञानिक (पादप रोग) और श्रीमती रेखा चौरासिया, सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी ने भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय उपोष्ण बागबानी संस्थान, रेहमानखेड़ा, लखनऊ का प्रतिनिधित्व करते हुए क्रमशः शतरंज और कैरम प्रतियोगिता में रजत पदक प्राप्त किये। संस्थान के निदेशक के साथ-साथ सभी कर्मचारियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य का शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

The ICAR- Zonal Tournament (North Zone) 2017 was organized at ICAR- Indian Institute of Sugarcane Research, Lucknow during 30th October to 2nd November, 2017. Dr. Prabhat Kumar Shukla, Senior Scientist (Plant Pathology) and Mrs. Rekha Chaurasia, Assistant Chief Technical officer of the Instituite have received Silver Medal in Chess and Carrom events respectively. The Director along with all staff members of Institute congratulate both of them and wish them a bright future.

Event Date:- 02-11-2017

National Unity Day 2017

राष्ट्रीय एकता दिवस 2017

संस्थान में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर 31 अक्टूबर, 2017 को राष्ट्रीय एकता दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान के पोर्टिको में डॉ शैलेंद्र राजन, निदेशक, आईसीएआर-सीआईएसएच और सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने संप्रभुता की सुरक्षा एवं राष्ट्रीय एकता की शपथ ली। डॉ नीलिमा गर्ग, डॉ एस के शुक्ला और श्री सत्य देव दीक्षित ने राष्ट्रीय एकता पर अपने विचार व्यक्त किए।

Rashtriaya Etka Diwas (National Unity day) was celebrated on the occasion of birth anniversary of Sardar Vallabhbhai Patel at the institute on 31st October 2017. Dr. Shailendra Rajan, Director, ICAR-CISH administered the oath of protecting sovereignty and observing safety at 11.00 A.M. in the portico of the Institute. All officials and employees present in large numbers on the occasion. Dr. Neelima Garg, Dr. S.K. Shukla and Sh. Satya Dev Dixit expressed their views on National Unity.

Event Date:- 31-10-2017

Memorandum of Cooperation MoC on development of Food Processing Sector in Andhra Pradesh signed between ICAR-CISH and The State Government of AP

आईसीएआर-सीआईएसएच और आंध्र प्रदेश राज्य सरकार के बीच खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के विकास पर सहयोग ज्ञापन-पत्र (एमओसी)

डॉ. एस. राजन, निदेशक, आईसीएआर-सीआईएसएच ने आंध्र प्रदेश की राज्य सरकार द्वारा 16 अक्तूबर, 2017 को विश्व खाद्य दिवस पर आयोजित खाद्य प्रसंस्करण शिखर सम्मेलन में भाग लिया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य मंत्री एन चंद्राबाबू नायडू और सरकार के अतिरिक्त सचिव ए.पी.एम.गिरिजा शंकर ने की। इस अवसर पर, आंध्र प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के विकास पर आईसीएआर-सीआईएसएच और आंध्र प्रदेश की राज्य सरकार के बीच सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

Dr, S. Rajan, Director, ICAR-CISH participated in Food Processing Summit organized by State Government of Andhra Pradesh on 16 October, 2017 by celebrating World Food Day. This event chaired by chief minister N Chandrababu Naidu and presided over by secretary to government of A.P. M Girija Shankar. On this occasion, Memorandum of Cooperation (MoC) signed between ICAR-CISH and The State Government of Andhra Pradesh on development of Food Processing Sector in Andhra Pradesh.

Event Date:- 16-10-2017

Mahila Kishan Diwas at ICAR CISH Krishi Vigyan Kendra, Malda

महिला किसान दिवस

आईसीएआर-सीआईएसएच, कृषि विज्ञान केंद्र, मालदा में दिनांक 15.10.2017 को महिला किसान दिवस का आयोजन किया गया। बंगा रत्न पुरस्कार प्राप्तकर्ता डॉ देबाव्रत मजूमदार, वैज्ञानिक-एफ, टीआईएफएसी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार ने विशेष अतिथि के रूप में और जिले के लाइन विभाग के अधिकारियों एवम लगभग 75 आदिवासी दीदी (जनजातीय फार्म महिला) ने कार्यक्रम में भाग लिया।

Mahila Kishan Diwas was organized at ICAR CISH Krishi Vigyan Kendra, Malda on 15.10.17 in presence of Banga Ratna Awardee Dr. Debabrata Majumdar, Scientist-F, TIFAC, Ministry of Science and Technology, Govt of India as Special Guest and officials from District Line Departments. About 75 Adibasi Didis (Tribal Farm Women) attended the programme. Their wholehearted participation and performance was witnessed as celebration of ADIBASI MAHILA KISHAN DIWAS.

Event Date:- 15-10-2017

Training farmers from Eastern Uttar Pradesh

पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण

उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों के 30 किसानों के लिए 9 अक्टूबर, 2017 से आईसीएआर-सीआईएसएच में उपोषण फलों के उत्पादन लिए विभिन्न तकनीकों पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। प्रशिक्षण बस्ती में स्थित आम के लिए उत्कृष्टता केंद्र द्वारा प्रायोजित है। प्रशिक्षुओं को किस्मों, फसल उत्पादन, व्याधि एवं कीट प्रबंधन और के पहलुओं के विभिन्न सिद्धांतों और व्यावहारिक पहलुओं के प्रशिक्षित किया जाएगा । यह प्रशिक्षण नर्सरी प्रबंधन बेहतर खेती की तकनीकों, मूल्य वृद्धि और पूर्व उत्तर प्रदेश में फल के लिए बड़े पैमाने पर नर्सरी स्थापित करने के लिए उपयोगी होगा।

A three days training programme started on various technologies for subtropical fruit production at ICAR-CISH from 9th October, 2017 with 30 farmers from eastern districts of Uttar Pradesh. The training is sponsored by the centre of excellence from for mango situated at Basti. The trainees will be exposed to various theory and practical aspects on varieties, crop production, insect pest management and post harvest management aspects. This training will be usefull for learning various aspects of advance nursery management practices,improved cultivation practices, value addition and setting up large scale nursery for fruits in Eastern UP.

Event Date:- 09-10-2017

Workshop on Methodological framework on Implementation of Farmer FIRST

फार्मर फर्स्ट के क्रियान्वयन हेतु कार्यविधि रूपरेखा पर कार्यशाला

संस्थान में दिनांक 3-6 अक्टूबर, 2017 को फार्मर फर्स्ट परियोजना के क्रियान्वयन हेतु कार्यविधि रूपरेखा पर एक चार दिवसीय कार्यशाला का आईसीएआर-एनएआरएम, हैदराबाद और आईसीएआर-सीआईएसएच, लखनऊ द्वारा संयुक्त रूप से आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में ग्यारह आईसीएआर संस्थान और राज्य कृषि विश्वविद्यालय जोन -2 और जोन-3 ने भाग लिया। आईसीएआर-एनएआरएएम, आईसीएआर-डीकेएमए, आईसीएआर-आईएएसआरआई और आईसीएआर-एनसीएपी के विशेषज्ञों ने गुणात्मक और मात्रात्मक प्रभाव मूल्यांकन विश्लेषण, भागीदारी प्रौद्योगिकी विकास, सहभागिता मूल्यांकन उपकरण, दस्तावेज और रिपोर्ट लेखन और डेटाबेस प्रबंधन पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया। परियोजना प्रबंधन समिति ने आईसीएआर-सीआईएसएच की फार्मर फर्स्ट परियोजना की प्रगति की समीक्षा के लिए मलहिबाद लखनऊ के नबीपनाह और मोहम्मदनगर तालुकदारी गांवों का दौरा किया।

A four day workshop on Methodological framework on Implementation of FFP was organized jointly by ICAR-NAARM, Hyderabad and ICAR-CISH, Lucknow during 3-6 October, 2017 at Institute. Eleven ICAR Institute and SAU from zone-II and zone-III participated in the workshop. Experts from ICAR-NAARM, ICAR-DKMA, ICAR-IASRI and ICAR-NCAP gave training to participants on qualitative and quantitative impact assessment analysis, participatory technology development, participatory appraisal tools, documentation and report writing and database management. Project Management Committee also visited Nabi Panah and Mohammad Nagar Talukedari villages of Malihabad to review the progress of Farmer FIRST project of ICAR-CISH, Lucknow.

Event Date:- 03-10-2017

Workshop on income generation from Mushroom diversity for rural women and landless farmers

मशरूम विविधता अंगीकरण कार्यशाला

भा.कृ.अनु.प.-केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, रहमानखेड़ा, लखनऊ द्धारा किसानों की आय के स्रोत को बढ़ाने हेतु ‘‘फार्मर्स फर्स्ट परियोजना’’ के अंतर्गत दिनांक 20 सितंबर 2017 को ‘‘मशरूम विविधता अंगीकरण कार्यशाला’’ का आयोजन किया गया। जिसमें लखनऊ, उन्नाव, लखीमपुर खीरी और हरदोई जिलों के 70 कृषकों ने सहभागिता की। इस कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. शैलेन्द्र राजन ने अगले पाँच वर्षो में कृषकों की आय को दो गुना करने हेतु मशरूम उत्पादन, मुर्गी पालन और उच्च कीमत वाली अन्तः फसलों को आम के बागों में समावेश करने पर जोर दिया। चन्द्र शेखर कृषि एवं प्रोद्यौगिक वि.वि., कानपुर के प्रो. वेद रतन ने बटन मशरूम उत्पादन की सविस्तार चर्चा की। इस अवसर पर कृषकों को मशरूम उत्पादन प्रारंभ करने हेतु मशरूम किट का वितरण भी किया गया।

The income opportunities for rural women and landless labors are scanty in Malihabad, a famous mango belt in Uttar Pradesh. Viable livelihood options are needed for this most vulnerable group of farmers. In this connection ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture Rehmankhera, Lucknow has organized “Mushroom Diversity Adoption Workshop” on 20-09-2017 under Farmer FIRST program to augment income of this targeted group of farmers. Seventy farmers mostly rural women and small and landless farmers from Lucknow, Unnao, Lakhimpur Kheri and Hardoi districts participated in the workshop.

Event Date:- 20-09-2017

सिरका बनाने की उन्नत विधि का प्रशिक्षण कार्यक्रम

दिनांक 18 सितम्बर 2017 को विज्ञान भवन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उ.प्र. के नवप्रवर्तन खण्ड में केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ द्वारा विकसित मीठे फलों के रस से सिरका बनाने की उन्नत विधि का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें औद्योगिक संस्थानों एवं स्वयं सहायता समूहों के साथ ग्रामीण लोगों ने प्रतिभाग किया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उ.प्र. के संयुक्त निदेशकों डॉ. शशि राणा एवं श्री राधे लाल की उपस्थिति में डॉ. नीलिमा गर्ग, केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान द्वारा इस विधि से औद्योगिक स्तर पर सिरका निर्माण करने की विधि का प्रदर्शन किया गया। इस विधि से औद्योगिक एवं व्यावसायिक स्तर पर भी मीठे फलों के रस से सिरके का उत्पादन करके आय के साधनों तथा रोजगार में वृद्धि भी की जा सकती है। कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले प्रशिक्षणार्थियों को परिषद के द्वारा प्रमाण पत्र भी प्रदान किये गये।

Event Date:- 18-09-2017

Sensitization workshop on micronutrient management, crop diversification, and post harvest management for doubling farmers’ income

किसानों की आय बढ़ाने के लिए सूक्ष्म पोषक प्रबंधन और अन्य बागवानी तकनीकी हस्तक्षेपों पर संवेदीकरण कार्यशाला

पोषण प्रबंधन, फसल विविधीकरण, संरक्षण, फसल के तुड़ाई उपरांत मूल्य में वृद्धि और अन्य संबंधित बागवानी तकनीकियों के माध्यम से किसानों की आय के वृद्धिकरण की आवश्यकता है। इस दिशा में,आई.सी.ए.आर. नेटवर्किग परियोजना "बागवानी की पैदावार और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए पौधों में सूक्ष्म पोषक प्रबंधन" के तहत ग्राम कीटनाखेड़ा, माल, लखनऊ में 16 सितंबर, 2017 को एक संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। डॉ नीलिमा गर्ग, डॉ तरुण अदक, डॉ दिनेश कुमार और डॉ ए.के. भट्टाचार्य ने प्रतिभागियों के साथ बातचीत की और अपनी आय बढ़ाने के लिए कई तरीकों का सुझाव दिया। किसान, महिलाओं, ग्रामीण युवाओं और लड़कियों ने उत्साहपूर्वक इस कार्यक्रम में भाग लिया और गुणवत्ता वाले फल और सब्जियों के उत्पादन के लिए कई सवाल उठाए। डॉ तरुण अदक ने आम और अमरूद में फलों के फटने की समस्या को हल करने के लिए जिंक और बोरान प्रबंधन की सलाह दी तथा अक्टूबर के महीने तक मिट्टी में ज़िंक और बोरोन के प्रयोग के साथ ही फलों के विकास की विभिन्न अवस्थाओं में करने का सुझाव दिया। गुणवत्तायुक्त फल उत्पादन के लिए भी ज़िंक और बोरोन की कमी को दूर करने का सुझाव दिया गया। अक्टूबर के अंत तक आम और अमरूद के लिए पोषक तत्वों के प्रयोग और जल प्रबंधन के बारे में भी किसानों को जाग्रत किया गया। जल की कमी के दौरान नमी संरक्षण और गुठली के पास जेली नियंत्रण के लिए कैल्शियम क्लोराइड के छिड़काव के बारे में भी सुझाव दिया। इसके अलावा,आम और अमरूद में कीटों तथा रोग के नियंत्रण उपायों के बारे में सलाह दी। डॉ नीलिमा गर्ग ने किसानों और खेतीहर महिलाओं को आम तौर पर कच्चे आमों से अमचूर बनाकर आय पैदा करने के लिए प्रेरित किया। यह उत्पाद कम से कम 300 रुपये प्रति किलोग्राम की अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकता है। आम का गूदा व अन्य उत्पादों को बनाने के लिए भी सलाह दी गई थी। किसानों को आम और अमरूद के बगीचों में कीटनाशकों के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी गई। डा दिनेश कुमार ने किसानों को प्रभावी कैनोपी प्रबंधन,अन्तः फसल, नर्सरी उत्पादन, सब्जियों का उत्पादन विशेषकर ऑफ-सीजन सब्जियों के बारे में सुझाव दिया त कि ग्रामीणों द्वारा अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें। उन्होंने गांव में पोषक स्मार्ट उद्यान के निर्माण में पोषण और अतिरिक्त कमाई के लिए,बेल,आंवला तथा केला की फसल की शामिल करने का पर जोर दिया। जागरूकता कार्यक्रम में सभी प्रासंगिक साहित्य को किसानों के बीच वितरित किया गया।

Doubling the farmers’ income is the thrust area of scientific community through nutrient management, crop diversification, protection, post harvest value addition and other related horticultural interventions. Keeping this in view, sensitization workshop was organized at Kitnakhera village, Maal, Lucknow under the ICAR networking project on “Micronutrient management in Horticultural Crops for Enhancing Yield and Quality” on 16th September, 2017. Dr Neelima Garg, Dr Tarun Adak, Dr Dinesh Kumar and Dr. AK Bhattacharjee interacted with the participants and suggested several ways to enhance their income. Farmers, farm women, rural youths and girls enthusiastically participated in this programme and raised several question for quality fruit and vegetables production. Dr Tarun Adak advised for Zinc and Boron management to solve fruit cracking in mango and guava and their soil application by the end of October as well as spraying at fruit developmental stages. Nutrient application for mango and guava by the end of October was also suggested and farmers were also sensitized about water management. Farmers made aware about mulching for moisture conservation during dry periods and application of calcium chloride for control of jelly seed formation in mango. Further, control measures of mango and guava pests were advised. Dr Neelima Garg motivated the farmers and farm women for income generation by making aam chur using unripe mangoes (Kaccha mango). This product may fetch additional income of at least Rs. 300 per kg of unripe mango as compared to their local marketing. Value addition of riped mangoes for making pulp and other products were also advised. Farmers made aware about safe use of pesticides in mango and guava orchards. Dr. Dinesh Kumar interacted and suggested farmers regarding effective canopy management, intercropping, nursery production, vegetable production particularly off-seasons vegetables may earn extra income by the villagers. He had emphasized on creation of nutri smart garden in the village for nutrition and extra earning, incusion of bael, aonla and banana cultivation. All relevant literatures were distributed.

Event Date:- 16-09-2017

Doubling farmers’ income through awareness programme on micronutrient management, value addition and other horticultural technologies for fruits and vegetables

फलों और सब्जियों के लिए सूक्ष्म पोषक प्रबंधन, मूल्य वर्धन और अन्य बागवानी पौधोगिकियों पर जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से किसानों की आय को द्विगुणीकृत करना

सूक्ष्म पोषक प्रबंधन, मूल्यवर्धन और अन्य बागवानी पौधोगिकियों पर जागरूकता कार्यक्रम के जरिए किसान की आय बढ़ाने के लिए, आई.सी.ए.आर. नेटवर्किग परियोजना "बागवानी की पैदावार और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए पौधों में सूक्ष्म पोषक प्रबंधन" के तहत 15 सितंबर, 2017 को टिकैतगंज गांव, मलिहाबाद, लखनऊ में आयोजित किया गया। गुणवत्तायुक्त फल उत्पादन, प्रभावी सूक्ष्म पोषक प्रबंधन, ड्रिप सिंचाई और वास्तविक समय आधारित कीट नियंत्रण उपायों के अपनाने के लिए सुझाव दिया गया। फसल विविधीकरण, मशरूम की खेती, सघन बागबानी, तथा प्रसंस्करण द्वारा आम और अन्य फलों के मूल्य में वृद्धि के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि पर जोर दिया गया। किसानों के बीच सभी प्रासंगिक साहित्य हिंदी में वितरित किया गया।

Doubling farmer’s income through awareness programme on micronutrient management, value addition and other horticultural technologies for fruits and vegetables was organized at Tikaitganj village, Malihabad, Lucknow under the ICAR networking project on “Micronutrient management in Horticultural Crops for Enhancing Yield and Quality” on 15th September, 2017. For quality fruit production, effective micronutrient management, drip irrigation and real time based pest control measures were suggested to participants. Doubling farmers’ income through crop diversification, mushroom cultivation, high density plantations and value addition of mango and other fruits were advocated. All relevant literatures were distributed among the farmers.

Event Date:- 15-09-2017

Scientist-Farmers interactions programme/kisan gosthi on doubling farmers’ income through micronutrient management and other horticultural technologies

सूक्ष्म पोषक प्रबंधन और अन्य बागवानी प्रोधोगिकियों के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि के लिए वैज्ञानिक-किसान बातचीत कार्यक्रम

तकनीकी हस्तक्षेप के माध्यम से किसान की आय को बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक-किसान बातचीत कार्यक्रम का आयोजन 13 सितंबर, 2017 को खलीसपुर गांव, मलिहाबाद, लखनऊ में आई.सी.ए.आर. नेटवर्किग परियोजना "बागवानी की पैदावार और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए पौधों में सूक्ष्म पोषक प्रबंधन" के तहत किया गया। गुणवत्तायुक्त फल उत्पादन के लिए किसानों और ग्रामीण युवाओं को विशिष्ट पोषक प्रबंधन, ड्रिप सिंचाई, आम और अमरूद में कीटनाशकों के नियंत्रण के लिए जागरूक किया गया तथा हिंदी में सभी प्रासंगिक साहित्य वितरित किया गया। आमदनी में सुधार के लिए सब्जियों का उत्पादन विशेषकर ऑफ-सीजन सब्जियां, पकाया आमों के प्रसंस्करण द्वारा मूल्य में वृद्धि और अन्य फलों की खेती का भी सुझाव दिया गया। आम में सघन बागबानी,प्रभावी कैनोपी प्रबंधन, अन्तः फसल, नर्सरी उत्पादन, जल की कमी के दौरान नमी संरक्षण तथा आम में जेली बीज नियंत्रण के लिए कैल्शियम क्लोराइड के छिड़काव के बारे में किसानों को संवेदनशील किया गया।

Scientist-Farmers interactions programme on enhancing farmer’s income through technological intervention was organized at Khalispur village, Malihabad, Lucknow under the ICAR networking project on “Micronutrient management in Horticultural Crops for Enhancing Yield and Quality” on 13th September, 2017. Farmers and rural youths were sensitized for effective nutrient management, drip irrigation, control measures of mango and guava pests for quality fruit production and all relevant literature was distributed. Vegetable production particularly off-seasons vegetables, value addition of riped mangoes and cultivation of other fruits were also suggested for improving the income. Farmers were also sensitized about high density plantations, effective canopy management, intercropping, nursery production, mulching for moisture conservation and application of calcium chloride for control of jelly seed formation in mango.

Event Date:- 13-09-2017

Meeting on DAESI course at ICAR-CISH Krishi Vigyan Kendra, Malda

आईसीएआर-सीआईएसएच कृषि विज्ञान केंद्र, मालदा में डीएएसईआई पाठ्यक्रम पर बैठक

सीआईएसएच कृषि विज्ञान केन्द्र, मालदा में दिनांक 11.09.2017 को डीएएसईआई कोर्स की बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के शुभारम्भ में डॉ. दीपक नायक (प्रभारी, सीआईएसएच केवीके) ने डीएएसईआई बैठक के अध्यक्ष डॉ मानस घोष (निदेशक, एसएएमटीआई, कोलकाता) और अन्य अधिकारियों का स्वागत किया। डॉ घोष ने पाठ्यक्रम के दिशा निर्देश और इसकी सफलता के बारे में बताया। परियोजना निदेशक, एटीएमए, मालदा, उप निदेशक, कृषि विस्तार, यूबीकेवी, प्रभारी प्रमुख यूबीकेवी आरआरएस, मजिहान, यूबीकेवी आरआरएसएस, मानिकचक, मालदा कृषि विज्ञान केंद्र और जिला के अन्य अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया और अक्टूबर, 2017 से सीआईएसएच- कृषि विज्ञान केंद्र, मालदा में शुरू किये जाने वाले डीएईएसई पाठ्यक्रम को अग्रसरित करने के लिए चर्चा की।

The meeting on DAESI course was held on 11.09.17 at CISH Krishi Vigyan Kendra, Malda. At the outset, Dr Dipak Nayak (In charge, CISH KVK) welcomed to Dr. Manas Ghosh (Director, SAMETI, Kolkata), the chairman of meeting on DAESI and other officials. Dr. Ghosh narrated the guidelines, success story of the course and necessary instructions. Project Director, ATMA, Malda, Deputy Director of Extension, UBKV, In-charge Heads of UBKV RRS, Majihan, UBKV RRSS, Manikchak, Malda Krishi Vigyan Kendra and other district officials attended the meeting and had discussion in finalizing the away forwards for DAESI course to be started at CISH Krishi Vigyan Kendra, Malda from October, 2017.

Event Date:- 11-09-2017

Women empowerment: Improving farm women’s income through technological interventions

महिला सशक्तीकरण: तकनीकी के माध्यम से खेतीहर महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक-किसान बातचीत का आयोजन

तकनीकी के जरिए कृषि की महिलाओं की आय में सुधार करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और आर्थिक योग्यता बनाने के लिए तत्काल आवश्यकता है। इस दिशा में, 8 सितंबर, 2017 को किसानों और खेतीहर महिलाओं की आय में वृद्धि के लिए आई.सी.ए.आर. नेटवर्किग परियोजना "बागवानी की पैदावार और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए पौधों में सूक्ष्म पोषक प्रबंधन" के तहत ग्राम नईबस्ती, मलिहाबाद, लखनऊ में वैज्ञानिक-किसानों के बीच बातचीत का आयोजन किया गया। डॉ घनश्याम पांडे, डॉ देवेंद्र पांडे, डॉ नीलिमा गर्ग, डॉ अदक, डॉ राम कुमार, डॉ एस आर सिंह और डॉ ए.के. भट्टाचार्य ने प्रतिभागियों के साथ बातचीत की। किसान, खेती की महिलाओं, ग्रामीण युवाओं और लड़कियों ने उत्साहपूर्वक इस कार्यक्रम में भाग लिया और गुणवत्ता वाले फल और सब्जियों के उत्पादन के लिए कई सवाल उठाए। किसानों ने सवाल उठाया कि आम और अमरूद में फलों के फटने को कैसे रोका जाए तथा आम के कीटों जैसे पत्ती के जालाकीट, उकठा, सूखा रोग, फलमक्खी आदि के नियंत्रण के बारे में भी सवाल उठाए। डॉ तरुण अदक ने गुणवत्तायुक्त फल उत्पादन के लिए ज़िंक और बोरोन की कमी को दूर करने का तथा अक्टूबर के महीने तक मिट्टी में ज़िंक और बोरोन के प्रयोग के साथ ही फलों के विकास की विभिन्न अवस्थाओं में करने का सुझाव दिया। अक्टूबर के अंत तक आम और अमरूद के लिए पोषक तत्वों के प्रयोग और जल प्रबंधन के बारे में भी किसानों को जाग्रत किया गया। इसके अलावा,आम और अमरूद कीटों के नियंत्रण उपायों के बारे में सलाह दी गई और तथा सभी प्रासंगिक साहित्य (हिंदी में) को किसानों के बीच वितरित किया गया। डॉ नीलिमा गर्ग ने किसानों और खेतीहर महिलाओं को आम तौर पर कच्चे आमों से अमचूर बनाकर आय पैदा करने के लिए प्रेरित किया। यह उत्पाद कम से कम 300 रुपये प्रति किलोग्राम की अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकता है। आम का गूदा व अन्य उत्पादों को बनाने के लिए भी सलाह दी गई थी। संस्थान द्वारा विकसित आम प्रसंस्करण से सम्बंधित मुफ्त मोबाइल ऐप के बारे में बताया। प्रतिभागियों ने फलों और सब्जियों की प्रसंस्करण द्वारा मूल्य में वृद्धि पर प्रशिक्षण के लिए गहरी दिलचस्पी दिखाई। डॉ जी. पांडे ने किसानों को प्रभावी कैनोपी प्रबंधन, अन्तःफसल, नर्सरी उत्पादन, जल की कमी के दौरान नमी संरक्षण और आम में जेली बीज नियंत्रण के लिए कैल्शियम क्लोराइड के छिड़काव के बारे में सुझाव दिया। सब्जियों का उत्पादन विशेषकर ऑफ-सीजन सब्जियां ग्रामीणों द्वारा अतिरिक्त आय अर्जित कर सकती हैं जैसा कि डॉ एसआर सिंह ने बातचीत की और सुझाव दिया। पोषण और अतिरिक्त कमाई के लिए, डॉ देवेन्द्र पांडे और डॉ राम कुमार ने गांव में पोषक स्मार्ट उद्यान के विकास के लिए बेल, आंवला और केला की फसल शामिल करने का पर जोर दिया। डॉ ए.के. भट्टाचार्य ने आम और अमरूद के बगीचों में कीटनाशकों के सुरक्षित इस्तेमाल के विषय में अवगत कराया।

Event Date:- 08-09-2017

Scientist-Farmers interaction meet for enhancing farmers’ income through nutrient management and crop diversification

पोषक प्रबंधन और फसल विविधीकरण के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक-किसान बातचीत का आयोजन

किसानों की आय की वृद्धि के लिए आई.सी.ए.आर. नेटवर्किग प्रोजेक्ट "बागवानी की पैदावार और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए पौधों में सूक्ष्म पोषक प्रबंधन" के तहत ग्राम बेड़िइयाखेड़ा, मॉल, लखनऊ में वैज्ञानिक कृषक वार्ता का आयोजन दिनांक 07 सितंबर 2017 को किया गया। डॉ देवेंद्र पांडे, डॉ नीलिमा गर्ग, डॉ तरूण अदक, डॉ राम कुमार, डॉ पीके शुक्ला,डॉ ए.के. त्रिवेदी, श्री सुभाष चंद्र और श्री अरविन्द कुमार ने किसानों के साथ बातचीत की तथा सभी प्रासंगिक साहित्य (हिंदी में) को किसानों के बीच वितरित किया गया। इस कार्यक्रम में किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। डॉ देवेन्द्र पांडे ने पोषण और अतिरिक्त कमाई के लिए गांवों के ऊसर भूमि में बेल और आंवला की बागवानी के लिए प्रेरित किया। डॉ राम कुमार ने गांव में पोषक स्मार्ट उद्यान के विकास के लिए केला की फसल शामिल करने का सुझाव दिया। डॉ तरुण अदक ने किसानों के साथ बातचीत की तथा इस दौरान उन्होंने उन्हें मिट्टी के स्वास्थ्य और गुणवत्तायुक्त फल उत्पादन को बनाए रखने के लिए पोषक तत्वों के, विशेष रूप से सूक्ष्म पोषक प्रबंधन, के लाभ के बारे में सूचित किया। इसके अलावा, किसानों को बेहतर बाग प्रबंधन के लिए ड्रिप सिंचाई प्रणाली को अपनाने हेतु जागरूक किया और मौसम पूर्वानुमान पर आधारित कृषि सलाह सूचना के बारे में भी संवेदनशील किया गया। डॉ नीलिमा गर्ग ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए किसानों के फसल कटाई के बाद के प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण और फल एवं सब्जियों के मूल्य संर्वधन द्धारा आय वृद्धि आवश्यकता का सुझाव दिया। उन्होंने गूगल प्ले स्टोर पर अपलोडेड कच्चे और परिपक्व आम उत्पादों पर विकसित दो मुफ्त मोबाइल ऐप के विषय में अवगत कराया। डॉ ए के त्रिवेदी ने जल की कमी के दौरान नमी संरक्षण के लिए आच्छादन और आम में जेली बीज नियंत्रण के लिए कैल्शियम क्लोराइड के छिड़काव को अपनाने की सूचना दी। डॉ पी के शुक्ला ने आम और अमरूद कीटों के नियंत्रण उपायों के बारे में बातचीत की और सुझाव दिया।

A scientist-farmers interaction meet was organized at Bhediyakhera village, Maal, Lucknow under the ICAR networking project on “Micronutrient management in Horticultural Crops for Enhancing Yield and Quality” on 7th September, 2017 for improving farmers’ income. Dr Devendra Pandey, Dr Neelima Garg, Dr Tarun Adak, Dr Ram Kumar, Dr PK Shukla, Dr. A K Trivedi, Mr Subhas Chandra and Mr. Arvind Kumar interacted with the farmers. Farmers enthusiastically participated in this programme and all relevant literatures in Hindi were distributed among the farmers. Dr Devendra Pandey emphasized the scope of bael and aonla cultivation in the Usher land of the villages for nutrition and extra earning. Dr Ram Kumar suggested inclusion of banana for developing nutri smart garden in the village. Dr Tarun Adak interacted with the farmers and sensitized them regarding benefits of nutrient particularly micronutrient management for maintaining good soil health and quality fruit production. Further, farmers were also sensitized about adoption of drip irrigation system and real time weather agroadvisory for better orchard management. Dr Neelima Garg suggested the need for training of farmers in post harvest management and value addition for enhancing farmers’ income. She also informed and displayed two free mobile apps developed on raw and ripe mango products on Google Play Store. Dr. AK Trivedi informed to adopt mulching for moisture conservation during dry periods and application of calcium chloride for control of jelly seed formation in mango. Dr P K Shukla interacted and suggested farmers regarding control measures of mango and guava pests.

Event Date:- 07-09-2017

Scientist-Farmers interactions meet for doubling the farmers’ income

किसानो की आय वृद्धि हेतु वैज्ञानिक कृषक वार्ता

आई.सी.ए.आर. नेटवर्किग प्रोजेक्ट "बागवानी की पैदावार और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए पौधों में सूक्ष्म पोषक प्रबंधन" के तहत बागवानी फसलों में सूक्ष्म पोषक तत्व प्रंबधन द्धारा उत्पादन एवं गुणवत्ता बढानें के लिये ग्राम बेलगरहा मलिहाबाद में दिनांक 29 अगस्त 2017 को वैज्ञानिक कृषक वार्ता का आयोजन किया गया। इस वार्ता में 40 किसानो ने भाग लिया और उनकी आय की वृद्धि के बारे में सुझाव दिये गये। डा0 नीलिमा गर्ग, घनश्याम पाण्डेय, ए.के. त्रिवेदी, सुभाष चनद्रा, तरूण अदक और अरविन्द कुमार ने किसानो की समस्याओ का समाधान किया। डॉ घनश्याम पान्डेय ने पुराने एवं अनुत्पादक बागों के बेहतर उत्पादन के लिये छत्र प्रबन्धन की भूमिका के बारे मे बताया एवं गुणवत्तायुक्त फल उत्पादन एवं किसानों को अधिक लाभ के लिये प्रबन्धन पर जोर दिया। डॉ तरुण अदक ने इस वार्ता के दौरान किसानो की समस्याओं का निराकरण किया एवं विशिष्ट पोषक प्रबंधन, ड्रिप फर्टीगेशन एवं सटीक खेती के लिये प्रौद्योगिकियों को अपनाने हेतु जागरूक किया। डॉ नीलिमा गर्ग ने फल एवं सब्जियों के मूल्य संर्वधन द्धारा अधिक आय प्राप्त करने एवं सी.आई.एस.एच. द्धारा विकसित कच्चे एवं पक्के आम के उत्पाद बनाने के दो निशुल्क गूगल एप के बारे में बताया। डॉ त्रिवेदी ने सूखे के दौरान नमी संरक्षण के लिये मल्चिंग की भूमिका के बारे में बताया।

A scientist-farmers interactions meet was organized at Belgaha village, Malihabad, Lucknow under the ICAR networking project on “Micronutrient management in Horticultural Crops for Enhancing Yield and Quality” on 29th August, 2017. In this meet, about 40 farmers participated and were suggested measures for enhancing their income. Dr Ghansham Pandey, Dr Neelima Garg, Dr Tarun Adak, Dr. A K Trivedi, Mr Subhas Chandra and Mr. Arvind Kumar were interacted with the farmers. Dr Ghansham Pandey discussed about the need for rejuvenation in old and senile orchards, role of canopy management for better productivity. Dr Tarun Adak discussed in detailed about the nutrient management in fruit crops. He emphasized on micronutrient management for quality fruit production and better profitability of farmers. Further, farmers’ quarries were successfully addressed and during the interaction, farmers were sensitized about better orchard productivity through adoption of site specific nutrient management, drip fertigation and precision farming technologies. Dr Neelima Garg interacted with the farmers about post harvest practice for value addition of fruits and vegetables with an objective of increasing the profitability of farmers. She also informed and displayed two free mobile apps developed on raw and ripe mango products on Google Play Store. Dr. Trivedi discussed about role of mulching for moisture conservation during dry periods and intercropping in mango orchards for higher income.

Event Date:- 29-08-2017

Workshop on Sensitization on Agri incubation for Startup

कृषि स्टार्टअप विषय पर कार्यशाला

भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान रहमानखेड़ा, लखनऊ में दिनांक 17.08.2017 को कृषि स्टार्टअप विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक, डॉ. शैलेन्द्र राजन ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए बागवानी में उद्यमिता के बारे में अनेक दृष्टांतों के माध्यम से विस्तारपूर्वक बताया। भा.कृ.अनु.प. के विभिन्न संस्थानों से वक्ता के रूप में आये वैज्ञानिकों: डॉ. पूनम जयंत सिंह, डॉ. ए. के. शर्मा, डॉ. टी. दामोदरन ने उद्यमिता एवं कौशल विकास पर विचार प्रस्तुत किये। डॉ. सिंह ने अटल नवोन्मेषी मिशन, नीति आयोग की योजना, सीड कैपिटल, एंजिल इन्वेंटर्स और वेंचर कैपिटल आदि विषयो पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. ए. के. शर्मा ने राष्ट्रीय उद्यमिता नीति, ई-एग्रीकल्चर स्टैटेजीएस तथा उद्यमिता विकास नीति एवं “ग्रामीण युवाओं में उद्यमिता एवं कौशल विकास” की विस्तृत पहलुओं पर जानकारी दी। डॉ. दामोदरन ने अपने संबोधन में विभिन्न जीवित उदाहरणों से बायो-फ़र्टिलाइज़र एवं बायो- पेस्टिसाइडस एंटरप्रेन्योरशिप, सीएसआर बायो-फार्मूलेशन, बायोफ़र्टिलाइज़र एक्ट 1985, सीआईबी रजिस्ट्रेशन के बारे में बताया। डॉ. तरुण अदक, आईटीएमयू के सदस्य सचिव ने किसानो को उद्यमिता एवं स्टार्टअप के लिए कौशल विकास कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण के सम्बन्ध में जानकारी दी।

Workshop on “Sensitization on Agri-incubation for Startup” was organized at ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture, Rehmankhera, Lucknow on 17 August, 2017. On this occasion, Dr. Shailendra Rajan, Director, ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture welcomed all participants and enlightened on entrepreneurship in horticulture. Dr. Poonam Jayant Singh, Dr. A. K. Sharma and Dr. T. Damodaran Scientists from different ICAR institute delivered lectures on entrepreneurship and startup. Dr. Singh from ICAR-NBFGR, Lucknow told about Atal Innovation Mission, NITI AYOG Policy, Seed Capital, Angle Inventors and Venture Capitals. Dr. Sharma from ICAR-IISS, Lucknow said about National Entrepreneurship Policy, E- Agriculture Strategies, Entrepreneur Development Policy etc. Dr. T. Damodaran, RRS, ICAR- CSSRI, Lucknow delivered a lecture on “Prospects of Entrepreneurship Development in bio-hardening and bio-formulation production venture” and Dr. Tarun Adak, ICAR-CISH, Lucknow delivered a lecture on Training need of farmers under skill development programme for Entrepreneurship and start-up.

Event Date:- 17-08-2017

Pledge to build new India

नए भारत के निर्माण का संकल्प

Event Date:- 09-08-2017

Former Director General ICAR and Secretary (DARE) visited ICAR- CISH RRS and KVK Malda

पूर्व महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् एवं सचिव (डेयर), नई दिल्ली द्वारा केंद्रीय उपोष्ण बागबानी संस्थान के क्षेत्रीय अनुसन्धान केंद्र एवं कृषि विज्ञानं केंद्र, मालदा का भ्रमण

डॉ. एस. अयप्पन, पूर्व महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् एवं सचिव (डेयर), नई दिल्ली ने केंद्रीय रेशम बोर्ड के अपर अधिकारियो के साथ केंद्रीय उपोष्ण बागबानी संस्थान के क्षेत्रीय अनुसन्धान केंद्र एवं कृषि विज्ञानं केंद्र, मालदा, पश्चिम बंगाल का भ्रमण किया उन्होंने केंद्र के सभी वैज्ञानिको, प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियो से बातचीत की और केंद्र द्वारा उष्णकटिबन्धीय फल फसलों के विभिन्न पहलुओं पर किये गए कार्य के लिए सराहना की

Honourable Dr. S. Ayyappan (Former Director General, ICAR & Secretary, DARE, Govt. of India) along with higher official of Central Silk Board visited ICAR-CISH Regional Research Station & CISH Krishi Vigyan Kendra, Malda, West Bengal. He also interacted with the scientists, administrative and technical staff of the station and praised the activities and development of various aspects of subtropical fruit crops at ICAR-CISH RRS & CISH KVK, Malda.

Event Date:- 04-08-2017

Farmers Gosthi and distribution of high yielding and high quality hybrid seedling of vegetables

कृषक गोष्ठी एवं सब्जियों के उच्च उत्पादकता एवं गुणवत्ता वाले संकर पौध वितरण

मेरा गाँव मेरा गौरव कार्यक्रम के अन्तर्गत दिनांक 04.08.2017 को काकोरी] लखनऊ के गाँव मोहद्दीपुर में एक कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। मोहद्दीपुर] सैदपुर] नबीनगर एवं पहिया आजमपुर गाँव के मुख्यतः सब्जी एवं फूलों की खेती से जुड़े 40 किसानों ने भाग लिया। किसानों को करेले] लौकी एवं कद्दू के उच्च उत्पादकता एवं गुणवत्ता वाले संकर पौध बाँटे गये। किसानों ने आम एवं अमरूद के कीटों] ग्लेडिओलस एवं गेंदे की खेती] सब्जियों में उर्वरकों के प्रयोग आदि के विषय में वैज्ञानिकों से जानकारी प्राप्त की।

Institute organized a farmer’s goshti under Mera Gaon Mera Gaurav Programme on 04.08.2017 at Mohiddipur village of Kakori block of Lucknow district. More than 40 farmers mainly vegetable growers from Mohiddipur, Saidpur, Nabinagar and Pahiya Azampur were participated in the gosthi as these villagers are mainly involved in vegetable farming and floriculture. The hybrid seedling of high yielding and high quality vegetables of Bitter gourd (Karela), Bottle gourd (Lauki) and pumpkin were also distributed to the farmers. The farmers were also enlightened about the techniques to double their farm income through vegetable production. The farmers raised problems of fruit fly infestation in guava and mango, leaf webber (Jalakeet) in mango. The Farmers also enquired method and time to apply different fertilizers for high yield in vegetables and cultivation method to grow high quality gladiolus and marigold.

Event Date:- 04-08-2017

Farmers meeting and interactive session under Mera Gaon Mera Gaurav Scheme

मेरा गाँव मेरा गौरव कार्यक्रम के अंतर्गत किसान गोष्ठी एवं कद्दू कुल के पौधों का वितरण

मेरा गांव मेरा गौरव कार्यक्रम के अंतर्गत केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा दिनाँक ३ अगस्त २०१७ को ग्राम बेलगढ़ा, लोधौसी, अल्लूपुर, खालिसपुर में किसान गोष्ठी एवं कद्दू कुल के पौधों का वितरण किया गया। किसानों, बागवानों एवं वैज्ञानिकों के बीच खेती तथा बागवानी से सम्बंधित सम-सामयिक समस्याओं पर चर्चा हुई तथा वैज्ञानिकों द्वारा निदान के उपाय बताये गए। वैज्ञानिकों द्वारा वर्षा ऋतु में खेती के लिए सब्जी की प्रजातियों एवं किस्मों के चुनाव से सम्बंधित जानकारी दी गयी। गोष्ठी में सब्जियों की विभिन्न सस्य-क्रियाओं एवं उनके उचित समय के विषय में विस्तार से चर्चा हुई। किसानों एवं वैज्ञानिकों के बीच प्रश्नोत्तर काल के दौरान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. घनश्याम पांडेय, डॉ. ए. के. त्रिवेदी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. (श्रीमती) आभा सिंह ने किसानों की शंकाओं का समाधान करने के साथ बिंदुवार वैज्ञानिक जानकारी दी। किसान गोष्ठी में चारों गाँवों के लगभग ६५ किसानों ने भाग लिया।

Under Mera Gaon Mera Gaurav Scheme farmers meeting and interactive session was organized by Scientists of ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture, Rehmankhera, Lucknow at villages Belgarha, Ladhausi, Allupur and Khalishpur of block Malihabad, district Lucknow. Seedlings of cucurbitaceous vegetables viz., bottle gourd, bitter gourd and pumpkin were distributed to farmers. During interactive session problems of farmers were discussed and remedial measures were suggested. Scientists have informed farmers about different inter culture operations and their proper time. Principal Scientists Dr. G. Pandey, Dr. A. K. Trivedi and Senior Scientist Dr. (Mrs.) Abha Singh have point wise clarified problems of farmers. In this meeting approximately 65 farmers of four villages have participated.

Event Date:- 03-08-2017

Sensitization programme for management of leaf webber जाला कीट नियंत्रण सलाह

​आज दिनाँक 01.08.2017 को मेरा गांव मेरा गौरव के अंतर्गत ग्राम कनार, महमूदनगर (ढाल) तथा नई बस्ती, मलीहाबाद लखनऊ में जाला कीट नियंत्रण हेतु किसानों को सलाह दी गयी तथा नुट्रि –स्मार्ट गांवों बनाने के लिए किसानों को निःशुल्क ऑफ-सीजन सब्जी के पौधों का वितरण किया गया ।

Sensitization programme for management of leaf webber among mango growers of Kanar, Mehmoodnagar Dhal and Naibasti Villages, Malihabad, Lucknow under Mera Gaon Mera Gaurav on 01.08.2017. Distribution of free of cost off-season vegetable seedling to farmers for making nutri smart villages.

Event Date:- 01-08-2017

Kisan Gosthi’s at villages Rasoolpur, Tikaitganj and Dugauli

मेरा गाँव मेरा गौरव कार्यक्रम के अंतर्गत टिकैतगंज, रसूलपुर, दुगौली गाँवों में किसान गोष्ठियों का आयोजन

On 1st August, 2017 Kisan gosthi’s were conducted in villages Rasoolpur, Tikaitganj and Dugauli under Mera Gaon Mera Gaurav(MGMG). More than 750 seedlings of vegetables ( bitter guard,bottle guards & pumpkins) distributed among farmers for nutrition security & additional income in these villages . A Scientists- Farmers interaction was held in which the farm problems were discussed. Meeting was conducted by Dr. Neelima Garg, Dr. Dinesh Kumar, Sh. H.C.Verma and Sh. Arvind Kumar. During the meeting the emphasis was given on cleanliness and hygiene.

मेरा गाँव मेरा गौरव कार्यक्रम के अंतर्गत टिकैतगंज, रसूलपुर, दुगौली गाँवों में किसान गोष्ठियों का आयोजन 1 अगस्त, 2017 को डॉ• नीलिमा गर्ग, डॉ• दिनेश कुमार, श्री एच.सी.वर्मा और श्री अरविंद कुमार ने मेरा गांव मेरा गौरव के तहत रसूलपुर, टिकैतगंज और दुगौली गांवों में किसान गोष्ठियों का आयोजन किया। जिसमें किसानों की समस्याएं तथा उनके निदान पर चर्चा की गयी । बैठक के दौरान स्वच्छता और स्वास्थ्य पर जोर दिया गया। इन गांवों में पोषण सुरक्षा और अतिरिक्त आय के लिए किसानों को 750 से अधिक सब्जियों (करेला, लौकी और कद्दू) की पौध वितरित की गईं ।

Event Date:- 01-08-2017

Workshop on Stress Management: Causes and Prevention

तनाव प्रबंधन: कारण एवं निवारण विषय पर कार्यशाला

भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान रहमानखेड़ा, लखनऊ में दिनांक 29.07.2017 को तनाव प्रबंधन : कारण एवं निवारण विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसके उद्घाटन अवसर पर संस्थान के निदेशक, डॉ. शैलेन्द्र राजन ने समय प्रबंधन द्वारा तनाव को नियंत्रित किये जाने की सलाह दी एवं संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्व-मूल्यांकन कर आत्म अन्वेषण करने के लिये कहा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय औषधीय सगंध पौधा संस्थान, लखनऊ के संयुक्त निदेशक (राजभाषा), डॉ. विजय नारायण तिवारी ने तनाव एवं उसके कारकों पर विशेष जोर देते हुए मस्तिष्क एवं हॉर्मोन्स के संबंध पर प्रकाश डाला तथा सामाजिक एवं धार्मिक पहलुओं पर भी जोर दिया। डॉ. नीलिमा गर्ग, प्रभागाध्यक्ष, तुड़ाई उपरांत प्रबंधन प्रभाग ने तनाव प्रबंधन विषय के विस्तृत पहलुओं पर जानकारी दी।

A Workshop on stress management: causes and prevention was organized at ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture, Rehmankhera, Lucknow on July 29, 2017. On this occasion, Dr. Shailendra Rajan, Director ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture suggested that how to controlled stress through time management and advised to all officials & employees of institute for self evaluation and self reconnoiter. Chief Guest, Dr. Vijay Narayan Tiwari, Joint Director (Rajbhasha), CSIR- CIMAP, Lucknow focused on correlation between brain, hormones and stress that is created due to mental, physical, social and religious issues. Dr. Neelima Garg, Head, Division of Post Harvest Management discussed various issues on stress management.

Event Date:- 29-07-2017

Demonstration and distribution of fruit fly trap फल मक्खी ट्रैप का प्रदर्शन एवं वितरण

आज दिनाँक 25.07.2017 को मेरा गांव मेरा गौरव के अंतर्गत ग्राम नई बस्ती, मलीहाबाद लखनऊ में जाला कीट नियंत्रण हेतु किसानों को सलाह दी गयी तथा फल मक्खी नियंत्रण हेतु फल मक्खी ट्रैप का प्रदर्शन एवं वितरण किया गया ताकि अगले वर्ष फल मक्खी का नियंत्रण समय से कर सकें|

Sensitization programme for management of leaf webber among mango growers of Naibasti Village, Malihabad, Lucknow under Mera Gaon Mera Gaurav on 25.07.2017. Demonstration and distribution of fruit fly trap to farmers for better management of fruit fly for next season/’s crop.

Event Date:- 25-07-2017

Cluster based value chain on mango study in Saharanpur UP

आम पर क्लस्टर आधारित मूल्य श्रृंखला का उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में अध्ययन

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत एन.सी.पी.ए.एच., नई दिल्ली के माध्यम से सुनियोजित कृषि विकास केन्द्र (पी.एफ.डी.सी.), केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, रहमानखेड़ा, लखनऊ को सहारनपुर जिले में आम पर क्लस्टर आधारित मूल्य श्रृंखला का अध्ययन संस्थान के डा. वी. के. सिंह प्रधान वैज्ञानिक एवं पी.आई., पी.एफ.डी.सी., डा. एस. आर. सिंह, प्रधान वैज्ञानिक, डा. मनोज कुमार सोनी, शोध सहयोगी तथा श्री अरून कुमार, जिला उद्यान अधिकारी एवं के.वी.के. के वैज्ञानिक डा. वी. पी. शाही ने दिनांक 13-14 जुलाई तक गहनता से किया गया। सहारनपुर जिले में आम के बागों की प्रचुरता है और बड़े पैमाने पर उत्पादकता होती है जो काफी स्तर तक बर्बाद हो जाती है। अतः इस मूल्य श्रृंखला अध्ययन का उद्देश्य- किसानों द्वारा उत्पादित आम की आपूर्ति के लिए स्थानीय, क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय बाजारों से किसान का सम्बन्ध स्थापित करना, व्यापार सम्बन्धों और भूमिकाओं का विश्लेषण करके मूल्य श्रृंखला से सम्बन्धित इकाई के लिए बाधाओं और अवसरों को स्पष्ट करना एवं स्थानीय आम के बागवानों की एक सूची तैयार करना जो कि आम मूल्य श्रृंखला में निम्न आय वाले किसानों और अन्य प्रतिभागियों की प्रतिस्पर्धा में वृद्धि को सुविधाजनक बनाने में मदद कर सकें।

अध्ययन के दौरान दल द्वारा सहारनपुर जिले के बेहट, नकुड़, सढोली कदीम, मुजफफराबाद, अनवरपुर, बरोली, खिड़का, जुनारदार, संसारपुर, फतेहपुर कलां आदि के गांवों में बागानों एवं नर्सरियों का निरीक्षण किया एवं बागवानों से साक्षात्कार किया गया। साथ ही साथ नयी पद्धति से नर्सरी में कलम बनाना, आम के पेड़ों में होने वाली गंभीर समस्याओं जैसे एक वर्ष फल आना, दूसरे वर्ष फल का न आना, आम का फटना, आम का छोटा हो जाना, जेली सीड, कीट एवं फफूंदी का प्रकोप जैसे- थ्रीपस, जालाकीट, सूट गाल शिला का आना, सोल्डर ब्राउनिंग (काले धब्बे) के रोकथाम पर चर्चा हुई।

बागों के निरीक्षण एवं बागवानों के साक्षात्कार के बाद एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन उद्यान संस्थान, कम्पनीबाग में किया गया। जिसमें लगभग 35 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया और क्लस्टर आधारित मूल्य श्रृंखला में सम्भावित पहल की बाधाओं एवं अवसरों और प्राथमिकता पर विचार-विमर्श किया गया। जिसमें किसानों ने अपनी बागवानी से सम्बन्धित मुख्य समस्याओं की चर्चा की। इस कार्यक्रम में किसानों के साथ-साथ बेहट के पूर्व विधायक श्री महावीर सिंह राणा, संयुक्त निदेशक श्री राजेश प्रसाद, उप निदेशक डा. जय भगवान एवं उद्यान संस्थान के वैज्ञानिकों ने भाग लिया।

Event Date:- 13-07-2017

Mango Exhibition-cum-Festival Organized

आम प्रदर्शनी-सह-महोत्सव

भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, रहमानखेड़ा, लखनऊ द्वारा 6 जुलाई, 2017 को नास परिसर, नयी दिल्ली में सचिव डेयर तथा महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की अध्यक्षता में आम प्रदर्शनी-सह-महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एक आम खाओं प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। आम महोत्सव में परिषद के अनेक वरिष्ठ अधिकारी तथा लोग सम्मिलित हुये।

Institute organized Mango exhibition-cum- festival at NASC Complex, New Delhi under the Chairmanship of Hon’ble Secretary, DARE and Director General, ICAR on July 6, 2017. A mango eating competition was also organized. The mango festival was visited by several senior officials of ICAR and public.

Event Date:- 06-07-2017

Mobile apps on methods for preparing RAW and RIPE MANGO PRODUCTS

कच्चे और परिपक्व आम के गुणवत्ता युक्त उत्पाद बनाने की विधियों के लिए मोबाइल ऐप्स

आईसीएआर-सीआईएसएच, लखनऊ के द्वारा कच्चे और परिपक्व आम के गुणवत्ता युक्त उत्पाद बनाने की विधियों के लिए, हिन्दी भाषा में मोबाइल ऐप्स विकसित किए हैं। इनमें दी हुई विधियों को अपना कर घरेलू अथवा कुटीर उदयोग स्तर पर आम का प्रसंस्करण किया जा सकता है।

CISH- ICAR has developed two mobile apps on methods for preparing RAW MANGO PRODUCTS and RIPE MANGO PRODUCTS. These apps will be helpful in preparing mango products at home or cottage scale. The apps are in Hindi for easy understanding by Hindi speaking people. The apps also have audio facility.

To visit the apps please copy and paste these following links:

Raw Mango Products - Click Here to Download Mango Raw Product App

Ripe Mango Products - Click here to Download Mango Ripe Product App

Event Date:- 29-06-2017

टपक सिंचाई, प्लास्टिक मलि्ंचग एवं संरक्षित खेती

सुनियोजित कृषि विकास केन्द्र (पी.एफ.डी.सी.), एन.सी.पी.ए.एच., कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, आई.सी.ए.आर.-सी.आई.एस.एच., रहमानखेड़ा, लखनऊ द्वारा दिनांक 15-16 जून, 2017 को बस्ती जिले में टपक सिंचाई, प्लास्टिक मलि्ंचग एवं संरक्षित खेती की उपयोगिता पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बस्ती जिले के विभिन्न ब्लाकों से आये प्रगतिशील किसान राकेश्वर प्रसाद चौधरी, कौशल कुमार सिंह, राजाराम यादव एवं गणेश मौर्या सहित लगभग 65 किसानों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम के अवसर पर डा. वी. के. सिंह प्रधान वैज्ञानिक एवं पी.आई., पी.एफ.डी.सी., लखनऊ ने बागवानी, टपक सिंचाई प्रणाली एवं संरक्षित खेती के महत्व को बताते हुए यह भी बताया कि पॉलीहाउस तकनीक अपनाने से पौधों के दैहिकीय गुणों को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर उच्च गुणवत्तायुक्त उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केन्द्र, बस्ती के संयुक्त निदेशक, डा. आर. के. तोमर एवं जिला उद्यान अधिकारी श्री राजमणि शर्मा द्वारा किसानों के लिए सरकार द्वारा चलायी जा रही लाभकारी योजनाओं से किसानों को अवगत कराया। संस्थान के डा. एस. आर. सिंह, प्रधान वैज्ञानिक ने संरक्षित संरचना के तहत सब्जियों की विदेशी प्रजाति के बारे में बताया एवं पी.एफ.डी.सी. लखनऊ के डा. मनोज कुमार सोनी के साथ मिलकर प्रोजेक्टर के माध्यम से किसानों को बागवानी की नई तकनीकों की जानकारी दी तथा जल संरक्षण को ध्यान में रखकर टपक सिंचाई और मल्चिंग का उपयोग कर कम से कम पानी से सिंचाई करने की बात कही। उसके बाद किसानों द्वारा किये गये प्रश्नों का उत्तर विशेषज्ञों द्वारा दिया गया। श्री नीरज कुमार शुक्ला ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में पूर्ण सहयोग किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केन्द्र एवं जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय के समस्त स्टाफ उपस्थित रहे। Event Date:- 15-06-2017

Short-term summer training programme

B.Sc. (Ag) Students (12 nos.) from Agriculture and Veterinary Sciences, Mewar University, Gangrar (Chittorgarh) Rajasthan are undergoing 21 days short-term summer training programme on various aspect pertaining to improvement, crop health and postharvest management of subtropical fruits at ICAR–CISH, Lucknow from June 12 to July 3 2017. Event Date:- 12-06-2017

Connecting People to the Nature

भा.कृ.अ.प.-केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान में दिनांक 05 जून 2017 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के प्रभारी निदेशक डा. देवेन्द्र पाण्डेय ने की। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए विभिन्न किस्मों के पौधे लगाने पर जोर दिया। उन्होंने ऊर्जा एवं जल संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों को सीमित उपयोग करके पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त करने पर अपने विचार प्रस्तुत किये। डा. अशोक कुमार, वरिष्ठ वैज्ञानिक ने जलवायु परिवर्तन में पौधों की अनुकूलनशीलता पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि जिन पौधों के लिए जलवायु अनुकूलित नहीं थी वह कुछ पौधों की किस्मों जैेसे स्टाªँबेरी,पपीनो आदि के लिए अनुकूलित हो रही है। अतः किसान इस बदलते परिवेश मे इन पौधे को लगाकर पर्यावरण को सुरक्षित रखकर लाभ कमा सकते हैं। डा. गुंडप्पा, वैज्ञानिक ने कीटनाशक मुक्त बागवान पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया, उन्होंने बताया कि किस तरह सीमित एवं सन्तुलित मात्रा में कीटनाशकों एवं वैकल्पिक पद्धति अपनाकर पर्यावरण को रासायनिक प्रदूषण से बचाया जा सकता है। यदि अधिक मात्रा में कीटनाशकों का उपयोग किया जाता है तो कुछ समय बाद कीट इन रासायनों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता उत्पन्न कर लेते हैं जिससे इन कीटनाशकों का प्रभाव समाप्त या कम हो जाता है। डा. जितेन्द्र कुमार, शोध सहयोगी ने पर्यावरण से सम्बन्धित विभिन्न कानूनों के बारे में जानकारी प्रदान की। डा. तरुण अदक, वैज्ञानिक ने मृदा प्रदूषण रोकथाम एवं कार्बन उत्सर्जन पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। Event Date:- 05-06-2017

Transfer of technology: MoU with CST UP

CISH signed MOU with CST UP for transfer of improved technology for making Vinegar. CST UP will extend the technology to the end user. MoU was signed by Dr. S. Rajan Director, CISH and Dr. Anil Yadav, Secretary CST UP. Dr. Neelima Garg, the inventor of technology informed that this protocol is very simple and has immense potential for farmers and small scale processors engaged in vinegar production. Vinegar is a sour-tasting condiment and preservative prepared by two successive microbial processes, the first being an alcoholic fermentation by yeasts and the second oxidation of alcohol by Acetobacter aceti. Generally it takes around 3 months for preparing vinegar from sugarcane juice using traditional protocol. CISH has worked out a protocol to reduce the time from 3 months to 1 month using immobilized microbial cells of Acetobacter aceti. Using this protocol about 9 percent of acetic acid can be produced from sugarcane juice in one month with 98 per cent fermentation efficiency. On this occasion Dr. Radhey Lal , Dr. Shashi Rana, Dr. G. Pandey, Dr. R. M. Khan, Dr. D. Pandey and Dr. Tarun Adak were present. Event Date:- 17-05-2017

Training cum demonstration on Kiwi Fruits & Oranges

One day training programme was organized on 22.03.2017 at Hapoli (Ziro) by Krishi Vigyan Kendra, Yachuli, Lower Subansiri district (Arunachal Pradesh). The main objective of this training programme was to demonstrate the Production of Hi-tech production of Kiwifruit along with possibilities of suitable subtropical and temperate fruits in Arunachal Pradesh as kiwifruit and Oranges are commercial fruits of. Dr G. Pandey, Principal Scientist and I/C Head, delivered a lecture on Hi-tech production of kiwifruit as well as possibilities of subtropical fruits in the mid and foot hill region of Arunachal Pradesh. Later on Dr K.K. Srivastava, covered the prospect of low chilling temperate fruits in subtropical zone of Arunachal Pradesh, he also addressed the problems related to apple, pear, peach, plum and availability of planting materials, cultivars. Later on both the scientist participated in Farmers & Scientists interaction sessions. Finally, after lunch, Dr Pandey made a practical demonstration on training and pruning of kiwifruit at farmer’s field, Village Kodak, Lower Subansiri. Approximately a total of 70 farmers, extension officers of the line departments and self help groups, kiwifruit growers association were participated. The training ended with great success. Event Date:- 22-03-2017

Honorable Governor inaugurated Farmers First Project

Farmers First Project was inaugurated by Shri Ram Naik Ji, Honorable Governor, Uttar Pradesh at the ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture, Lucknow on March 21, 2017. The project was inaugurated at the launch of the Farmers First project as well as “Farmers training programme on safe and judicious use of pesticides” jointly organized by ICAR-CISH, Lucknow and Hindustan Insecticides Limited, New Delhi. He called upon the scientific fraternity to develop mechanism by which agriculture could be more profitable by the use of latest technologies. Praising Malihabadi Dashehari mangoes, he told that he firmly believes them to have immense potential for export. On this occasion, Dr. Shailendra Rajan, Director, ICAR-CISH, Lucknow informed that the Farmers’ First project is being launched in the selected villages of Malihabad - Nabi Panah, Meethenagar and Mohammadnagar Talukedari to demonstrate the impact of various technological interventions in enhancing farmers income. He further added that 1100 farmers have been selected where the Farmers’ First project would be implemented. Event Date:- 21-03-2017

Exposure visit and training to farmers

One day exposure visit – cum – training programme, sponsored by Institute of Horticulture Technology, Greater Noida and ITC, Hathras, Aligarh, U.P. for 35 and 16 farmers, respectively, were conducted at the ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture, Rehmankhera, Lucknow on March 06 and 08, 2017 on High density plantation of guava and different management aspects was conducted. On these occasions Dr. Shailendra Rajan, Director apprised the participants about significance contribution of the Institute besides informing about nursery management and the performance of guava varieties released from the Institute. Dr. V.K. Singh and Dr. Balaji Rajkumar also deliberated on all the aspects of high density plantation of guava and insect pest management. A field visit of PFDC experimental plot of high density plantation of guava, vegetable and Post harvest management laboratory was also arranged for participants. Event Date:- 08-03-2017

Kisan goshti at Rasoolpur

Under MGMG programme a Kisan Gosthi was organised by members of team- 4 at the Rasoolpur Village on 06-03-2017. The team members participated including Dr.(Mrs.) Neelime Garg, Sh. H.C.Verma and Dr. Barsati Lal. The venue was primary school Rasoolpur. The team visited the school Kitchen for observing the cleanliness during preparation of mid day meal. The kitchen was found neat and clean. The meeting was attended by more than 50 farmers (men & women). The team members also interacted with the children of Rasoolpur primary school. Dr. Neelima Garg gave a lecture on cleanliness hygiene & explained the benefits of cleanliness. Further, she talked on the role of value addition of fruits for enhancing the income of rural women and youth. The team members discussed about existing problems of farming and suggested the solution for the same. The farmers and farm women expressed their desire for training in post harvest & value addition of fruits. Such training may be organised in the fruit season. The seedlings of Bottle gourd , pumpkin and cucumber were also distributed among the farmers for better productivity and to enhance their income through the quality productions of vegetable crops. Event Date:- 06-03-2017

Polyethylene mulching demonstration trial

On 22.02.2017, Evaluation of the demonstration trial at farmer’s field was conducted at vill. Bhawanipur, Jalalabad, Kannauj, U.P. by PFDC, ICAR-CISH, Lucknow. The potato crop was raised under different coloured polyethylene mulching i.e. silver, black and unmulched condition under drip irrigation. The higher yield was obtained under silver mulching (300 quintal/ha) followed by black mulching (275 q/ha) as compared to unmulched control (220 q/ha). Under silver mulching the yield was uniform in size with very less undersize and oversize tubers and extent of greening was reduced significantly. The demonstration trial was successfully conducted and the farmer Sh. Arun Kumar Tripathi was motivated to use mulching in potato. Event Date:- 22-02-2017

Residential Training Program

Residential Training Program on Scientific Backyard Poultry Farming for Tribal Master Trainers

The training programme was held at Ramakrishna Mission Ashrama, Sargachi during 3-5 February, 2017. 21 tribal master trainers from 9 adopted villages of Nabagram block of Murshidabad district attended the training programme and majority of participants were women. All the master trainers took active interest while interactive theoretical and practical classes taken by very experienced teachers.

This training programme will certainly helpful to introduce component of poultry under Nutrismart Tribal Village initiative for having plentiful animal protein in their diet and additional source of income in connection with sustainable livelihood.

This training programme was organized in collaboration with Ramakrishna Mission Ashrama, Sargachi, Murshidabad.

Event Date:- 05-02-2017

Group meeting with bee keepers

ICAR-CISH Regional Research Station, Malda, W. B. organized a group meet with beekeepers of Malda district on 22.01.17 at Malda Beekeeping & Honey Processing Industrial Co-operative society Ltd in the presence of Dr. R. K. Thakur (Project Coordinator, AICRP on Honey Bee and Pollinators, IARI, New Delhi), Dr. S. K. Shukla (Principal Scientist, ICAR-CISH, Lucknow), Dr. Dipak Nayak (Scientist & In-charge, ICAR CISH Regional Research Station, Malda) and others. Very fruitful discussion was held on problems of beekeeping and their probable solutions and away forward. More than 15 progressive beekeepers attended the meet and urged to ICAR-CISH Regional Research Station, Malda for technical support in scientific beekeeping and honey processing. Event Date:- 22-01-2017

RTP for Tribal Master Trainers

Two residential training programmes were organized for tribal master trainers at ICAR-CISH Regional Research Station, Malda, West Bengal, during 16th to 21st January, 2017 under the Initiative of Nutri smart Tribal Village of Tribal Sub-plan Programme. During the training programme, 66 nos. of tribal master trainers have been trained for establishment of kitchen garden and production of vegetable as intercrop. Resource persons from different organizations took classes and had very good interaction. Event Date:- 21-01-2017

Foundation stone laid for KVK at Malda

Foundation Stone Laying Ceremony for CISH-Krishi Vigyan Kendra, at Malda was held on 21st January, 2017 at ICAR-CISH Regional Research Station, Malda, West Bengal. The foundation stone was laid by Dr. A. K. Singh, Deputy Director General (Agricultural Extension & Horticulture) in presence of Swami Viswamayananda Ji (Secretary, Ramakrishna Mission Ashrama, Sargachi), Dr. Randhir Singh, Assistant Director General (Agricultural Extension), Dr. P. K. Chakrabarty, Assistant Director General (PP&B), Prof. S. K. Mitra, Former Dean, BCKV, Mohanpur, Dr. S. K. Roy, Director, ICAR-ATARI Kolkata, Dr. S. Rajan, Director, ICAR-CISH, Lucknow, Dr. B. K. Das, Director, ICAR-CIFRI, Barrackpore, Dr. R. K. Thakur, Project Coordinator (AICRP on Honey Bee & Pollinators, IARI) and other dignitaries. In the outset with welcome address, Dr. S. Rajan, Director, ICAR-CISH, Lucknow, highlighted the achievements of ICAR-CISH and future plan of work of its RRS and KVK at Malda. Swami Viswamayananda Ji stressed upon development of human character for development of agriculture and horticulture. Dr. A. K. Singh, Deputy Director General (Agricultural Extension & Horticulture) emphasized the importance of the new CISH- KVK and its possible role and services for wellbeing of farming community. He also expressed his satisfaction and happiness by seeing the huge gathering of tribal woman farmers and other growers as about 850 farmers (including 550 tribal famers) attended the programme. He categorically mentioned that CISH may play important role in tribal development programme being implemented at various villages. Dr. Randhir Singh, ADG (Agricultural Extension) and Dr. P. K. Chakrabarty, ADG (PP&B) highlighted the importance of technology dissemination and plant protection measures for sustainable crop yield. Prof. S. K. Mitra briefed about importance of horticulture for improving socio-economic status of farming community. Dr. S. K. Roy also emphasized the importance of technology dissemination for doubling the farmers’ income. Inauguration of Seed Hub for Pulses and Rabi Krishi Mela cum Adibasi Kishan Sammelan were also organized during the occasion. Dr. Dipak Nayak (Scientist In-charge, ICAR-CISH Regional Research Station, Malda) coordinated the programme and proposed vote of thanks. Event Date:- 21-01-2017

Visit of APC Govt. of UP

Shri Pradeep Bhatnagar, IAS, Agriculture Production Commissioner, Government of Uttar Pradesh visited the Institute to look into the ongoing activities of mango diversity, nursery and high density planting in guava. Dr. Neelima Garg, Incharge Director and Head, PHM Division briefed him about the research activities of the Institute whereas Dr. V. K. Singh, Principal Scientist and Incharge, PFDC, ICAR-CISH, Lucknow illustrated the PFDC activities to the Agriculture Production Commissioner. During his visit, he also planted the Dhawal & Lalima varieties of guava in the Institute premise. Event Date:- 21-12-2016

Mera Gaon Mera Gaurav - Rasoolpur

भा.कृ.अनु.प.- केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, रहमानखेड़ा, लखनऊ के वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों के 07 सदस्यी दल ने मेरा गांव मेरा गौरव कार्यक्रम के अन्तर्गत लखनऊ के काकोरी ब्लॉक के रसूलपुर गाँव में किसानों एवं बागवानों के मध्य टमाटर के पौधों का वितरण कर उनसे बागवानी से संबंधित सामयिक विषयों पर आज दिनांक 17.12.2016 को चर्चा की | इस दल का नेतृत्व डॉ शर्मिला रॉय, प्रधान वैज्ञानिक ने किया | इस कार्यक्रम में गांव के प्रधान श्री सुरेश यादव के अलावा 40 से अधिक किसान एवं बागवान के अलावा गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक भी सम्मिलित हुए | Event Date:- 17-12-2016

स्वच्छ भारत अभियान

स्वच्छ भारत अभियान आंदोलन को गति प्रदान करने के लिए भा.कृ.अनु.प.- केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, रहमानखेड़ा, लखनऊ के वैज्ञानिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के दिनांक 15.12.2016 को अपराह्न 4:00 बजे से संस्थान परिसर में उग आये पार्थेनियम घास को हटाया तथा कुछेक हिस्सों की सफाई भी की | Event Date:- 15-12-2016

सफाई अभियान 28 अक्टूबर 2016

भा.कृ.अनु.प.-केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ की 07 सदस्यी वैज्ञानिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की एक टीम ने लखनऊ के मलिहाबाद ब्लॉक के मोहम्मद-रहमतनगर स्थित प्राथमिक विद्यालय में आज दिनांक 28.10.2016 को स्वच्छता पखवाड़ा के अन्तर्गत सफाई अभियान चलाया। इस सफाई अभियान टीम का नेतृत्व डॉ. वी.के. सिंह, प्रधान वैज्ञानिक ने किया। स्वच्छता पखवाड़ा के आरम्भ में डॉ. वी.के. सिंह ने प्राथमिक विद्यालय में 75 विद्यार्थियों को स्वच्छता की शपथ दिलायी तथा उन्हें जीवन में स्वच्छता के महत्व पर जानकारी प्रदान की। डॉ. वी.के. सिंह ने इस अवसर पर संस्थान द्वारा चलाये जा रहे स्वच्छता कार्यक्रम की भी संक्षिप्त जानकारी भी दी। उन्होंने आगे बताया स्कूल के बच्चों में जागरुकता पैदा करने का मुख्य उददेश्य है कि बच्चे भी अपने-अपने घरों एवं आसपास के क्षेत्रों में जाकर अपने रिश्तेदारों एवं अन्य लोगों में स्वच्छता संबंधी जागरुकता पैदा करेंगे। स्वच्छता अभियान में विद्यार्थियों ने विशेष रुचि दिखायी। इस अवसर पर प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती नीतू गॉंधी सहित 05 अन्य शिक्षक भी उपस्थित थे। स्वच्छता कार्यक्रम के अन्त में संस्थान की ओर से डॉ. वी.के. सिंह ने विद्यालय को एक बड़ा कूड़ादान दिया गया ताकि भविष्य में स्कूल में बच्चे कूड़ा फेंकने के लिये इसका उपयोग करें। इस दौरान संस्थान की ओर से विद्यालय के प्रांगण में आम, अमरुद एवं बेल के पौधे भी लगाये गये।

A team of 07 members of the ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture, Lucknow embodying scientists, officers and staff visited the Primary School of the Mohamadnagar-Rahmatnagar area of Malihabaad block of Lucknow to accomplish cleanliness drive and create awareness amongst the students and teachers under Swachhta Pakhwada on 28 th October, 2016. The team was led by Dr. V. K. Singh, Principal Scientist who gave an oath of Swachhta to students of the Primary School in the presence of its Principal, Smt. Netu Gandhi and 05 other teachers. On this occasion, Dr. Singh briefed the gathering about the importance of our swachh jeevan. Dr. V. K. Singh also apprised the teachers and students of the school about the activities being carried out under Swachhta Abhiyan by ICAR-CISH, Lucknow. In his remarks, he informed that the Swachhta Pakhwada is being accomplished to create awareness amongst the students so that the younger generation could generate more awareness about cleanliness in their own houses, schools as well as surrounding areas. The students of the school displayed keen interest in the cleanliness drive. A dustbin was handed over to the School Principal by Dr. V. K. Singh so that, in future, littering should stop and the garbage amassed could be thrown into it. The visiting team also planted three plants of mango, guava and bael in the school premises.

Event Date:- 28-10-2016

Swachh Bharat drive at Pahiya Ajampur

CISH staff team visited village Pahiya Ajampur to create awareness among school children about Swachh Bharat mission, intended the participation of each and every individual in the drive to make India clean and beautiful. Need of sanitation, role of personal hygiene and cleanliness surrounding was emphasised in the interaction meeting. Primary School children taken pledge of Swachh Bharat and actively participated in the event, the children also planted fruit trees in their premises. Cleaning of road sides and eradication of Parthenium was also done to get attention of villagers on the mission. Event Date:- 07-10-2016

Training for DDs/DHOs under PMKSY

A two days training on micro irrigation Under Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana “Per Drop More Crop – Micro irrigation” will be organized by the Precision Farming Development Centre, ICAR-CISH, Lucknow for up-gradation of the technical knowledge of the Dy. Directors/ DHOs and staff of the Horticulture and Food Processing Department, Uttar Pradesh at ICAR-CISH, Lucknow during 06-07 October, 2016. About 35 Dy. Directors/DHOs of the State Horticulture Department are likely to participate in the same. During the technical session, detailed deliberations given on drip irrigation system, its components, installation, operation and maintenance and its use in different horticultural crops along with field visit on-field practical training. Event Date:- 06-10-2016

Brainstorming session on success stories

Institute organized one day Brainstorming Session on Success Story on 04-10-2016 to promote awareness among scientific fraternity on documenting and writing success stories. Director Dr. Shailendra Rajan chaired the session and he spoke about ‘Success Stories under Adversities’. Dr. Maneesh Mishra elaborated on ‘How to Pen & Popularize Success Stories’, Dr. Neelima Garg deliberated on ‘Role of Scientists in Creating Success Stories’ Dr. Barsati Lal showed the Success Stories of CISH and Dr. Sharmila Roy gave examples of Successful Stories from other Institution. All Scientists participated in the session enthusiastically. Event Date:- 04-10-2016

Rashtriya Swacchta Diwas

The Swachhata Pakhwada of the ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture, Rehmankhera, Lucknow began here with the Swachh Bharat Abiyan on the Rashtriya Swacchata Diwas on October 2, 2016 at all its premises. On the Rashtriya Swacchata Diwas, all the Scientists, Technical and Administrative Officers and Staff, Supporting staff as well as Research Associates, Senior Research Fellows, etc. actively participated in the cleanliness drive that took at all its campuses including first block and Rae Bareli Road Campus. Event Date:- 02-10-2016

Training on Micro Irrigation under PMKSY

Two days training on micro irrigation Under Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana “Per Drop More Crop – Micro irrigation” was conducted by the Precision Farming Development Centre, ICAR-CISH, Lucknow to up-gradation of the technical knowledge of the Deputy Directors/ DHOs and staff of the Horticulture and Food Processing Department, Uttar Pradesh at ICAR-CISH, Lucknow during 29-30 September, 2016. About 35 Deputy Directors/DHOs of the State Horticulture Department were participated in the same. During the technical session, detailed deliberations on drip irrigation system, its components, installation, operation and maintenance and its use in different horticultural crops along with field visit on-field practical training was given. Event Date:- 29-09-2016

Celebration of Hindhi Diwas at CISH

Hindi Pakhwara started with the Hindi Diwas on 14-09-2016 under the chairmanship of Dr. S. Rajan, Director, ICAR-CISH. In his inaugural address he emphasised the need for using hindi in day today official communication. Shri Dhiraj Sharma, A.D. (Hindi), talked about different methods for enhancing the use of hindhi in official communications along with the various programme to be organised in the hindi pakhwara. In the programme, special lectures were given by ICAR-CISH staffs Dr Ghanshyam Pandey and Dr Devendra Pandey, on method of popularization of hindi in offices as well as in daily routine. Event Date:- 14-09-2016

Farmer-scientist interaction meeting

A farmer-scientist interaction meeting was organised on 05-09-2016 at village Amethia Salimpur of Kakori under the Mera Gaoan Mera Gaurav Programme by ICAR-CISH, Lucknow. More than 40 farmers of the village attended the meeting. Dr V. K Singh, Principal Scientist, ICAR- CISH enumerated modern technology of mango and guava along with importance of protected cultivation of vegetables for enhancing income and employment of the farmers through off season raising of seedling in plastic protrays using soil less media. On the occasion farmers queries related to different aspects of fruits and vegetable production were also amicably answered by the scientists. The tomato saplings of high yielding varieties i.e. Abhilash, Himsona and Naveen were distributed among the farmers. The farmers were keen to grow the indeterminate tomato varieties. Event Date:- 05-09-2016

Plant Genome Savior Community Award

Society for Conservation of Mango Diversity (SCMD), a mango farmers association from Malihabad, Lucknow started by the initiative of ICAR-CISH is conferred this year with "Plant Genome Savior Community Award" for conservation of mango varieties by Protection of Plant Varieties and Farmers’ Rights Authority (PPV&FRA), India, in an award ceremony held on 24th August at National Academy of Agricultural Sciences, New Delhi. The award presented by honorable union minister of Agriculture and Farmers welfare Shri. Radha Mohan Singh and also the occasion graced with the presence of honorable minister(s) of state for Agriculture and Farmers welfare Shri S.S. Ahluwalia, Shri. Parshottam Rupala and Shri. Sudarshan Bhagat. The award included price money of Rs. 10 Lakhs and a memento. Dr. S. Rajan, Director, ICAR-CISH (facilitator) along with five members of SCMD attended function to receive the honor. Event Date:- 24-08-2016

ICAR-CISH to come up with KVK at Malda

A team led by former Vice Chancellor (RAU, Bihar) G Trivedi visited the regional research station of Central Institute of Subtropical Horticulture (CISH) at Malda to select the site for proposed Krishi Vigyan Kendra, on Tuesday. CISH director Shailendra Rajan said that the farmers will be benefitted by KVK project. “The site selection committee stressed upon that fact that mango being an important crop of the district, the proposed KVK should work to solve the problem of mango industry at Malda and also to diversify the fruit crop production by introducing different types fruits like, guava, pineapple, jamun, bael and aonla” he said. “Several CISH technologies like varieties, hi-tech nursery, canopy management, pest and diseases management, protected cultivation and value addition can directly be adopted by the farmers of the region, where KVK can play an important role. The committee also suggested to intensify our programme on fruit crop based integrated farming systems having livestock components for livelihood and nutritional security” he added. (Courtesy: The Pioneer daily, Wednesday Aug 24, 2016). Event Date:- 24-08-2016

कार्यशाला - राज भाषा नियम, विनियम एवं कार्यान्वयन

दिनांक २२.०८.२०१६ को केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ में श्री मनोज कुमार, सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी, राजभाषा विभाग, भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद्, नयी दिल्ली ने संस्थान के वैज्ञानिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राजभाषा हिंदी- नियम, विनियम एवं कार्यान्वयन विषय पर आयोजित कार्यशाला में व्यख्यान दिया। Event Date:- 22-08-2016

Training on drip irrigation and plastic mulching

On 3-4 August, 2016, training program on “drip irrigation, plastic mulching and importance of protected cultivation in horticulture” was organized at Vikas Bhawan, Lakimpur Kheri by PFDC, ICAR-CISH, Lucknow. Seventy farmers were participated in the training program and dignitaries from district horticulture department, Shri. Amit Bansal, IAS, Chief Development Officer with other officials presided over the training programme. Dr. V.K. Singh, PI, PFDC, ICAR-CISH, Lucknow enumerated the technologies developed by PFDC, ICAR-CISH, especially on drip irrigation & plastic mulching techniques. The technical session on drip irrigation, mulching and protected cultivation was delivered by the PFDC staff. The farmers were also made aware about new varieties of mango and guava released. Visit was also conducted at different farmer’s fields who have installed micro- irrigation system under polyhouse. The training was useful to the farmers and it was appreciated by officers. The print media also covered this training programe. Event Date:- 03-08-2016

Workshop on ‘Creating awareness’ on providing consultancy

परामर्श देने के विषय में जागरूकता पर कार्यशाला

संस्थान में परामर्श देने/ठेका सेवा/अनुसंधान/प्रशिक्षण तथा कृषि प्रौद्योगिकी तैयार करने पर 29 जुलाई, 2016 को जागरूकता पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। संस्थान के निदेशक ने इस अवसर पर अपने व्याख्यान में अच्छा, बुरा उपयोगी तथा अनुकरणीय अनुसंधान पर जानकारी प्रदान की।

One Day Workshop on ‘Creating awareness’ on providing consultancy/contract service/research/training and generating agricultural technology portfolio for business/entrepreneurship development/ Start-Ups” on July 29, 2016 at Institute. A lecture was delivered by the Director ICAR-CISH, Lucknow on “Good, Bad, Useful and Great Research” 29.07.2016).

Event Date:- 29-07-2016

National Workshop on Sustainable Mango Production Organized

सतत आम उत्पादन पर राष्ट्रीय कार्यशाला

भा.कृ.अनु.प.-केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान-क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्र, माल्दा (पश्चिम बंगाल) में 18-19 जून, 2016 को सतत आम के उत्पादन: उष्ण एवं उपोष्ण क्षेत्रों में हो रहे जलवायु परिवर्तन तथा आम विविधता पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया। स्वामी विश्वमयानन्द जी (सचिव, रामकृष्ण मिशन आश्रम, सर्गाची, मुर्शिदाबाद) ने डॉ. पी. के. चक्रवर्ती (सहायक महाप्रबंधक-संयंत्र संरक्षण, भा.कृ.अनु.प., नई दिल्ली), डॉ. आर. के. ठाकुर (परियोजना समन्वयक, ए.आई.सी.आर.पी.-हनी बी और पोलिनेटर), डॉ. एस. राजन, निदेशक, केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया। दस कार्यशाला में देश के विभिन्न हिस्सों से पचास आम शोधकर्ताओं, 100 आम उत्पादक और अन्य सहभागी सम्मिलित हुए। कार्यशाला में सतत आम उत्पादन के प्रासंगिक और उपयोगी विषयों को चर्चा की गयी। डॉ. पी.के. चक्रवर्ती ने कीट और रोगों के प्रबंधन के साथ-साथ आम में रासायनिक कीटनाशकों और फफूँदनाशियों के विवकेपूर्ण प्रयोग पर भी जोर दिया। डॉ. राजन ने पूर्वी भारत के किसानों के किस्मों के फार्म संरक्षण और पंजीकरण का दस्तावेज़ीकरण किये जाने पर दिया। कई विशिष्ट दिग्गजों की उपस्थिति में डॉ. पी.के. चक्रवर्ती (सहायक महानिदेशक-प्लांट प्रोटेक्शन, आईसीएआर, नई दिल्ली) ने आम डायवर्सिटी शो का उद्घाटन किया। पूर्वी और उत्तरी भारत के विभिन्न हिस्सों से आम किसानों और अन्य हितधारकों ने 350 किस्मों के आम का प्रदर्शन किया।

ICAR CISH-Regional Research Station, Malda (West Bengal) organized National Workshop on Sustainable Mango Production: Challenges under Changing Climate in Tropics and Subtropics and Mango Diversity Show during June 18-19, 2016. Swami Viswamayananda Ji (Secretary, Ramakrishna Mission Ashrama, Sargachi, Murshidabad) inaugurated the workshop in august presence of Dr. P. K. Chakrabarti (Assistant Director General-Plant Protection, ICAR, New Delhi), Dr. R. K. Thakur (Project Coordinator, AICRP-Honey Bee & Pollinators) and Dr. S. Rajan (Director, CISH, Lucknow) & other dignitaries. Fifty mango researchers, 100 mango growers & other stakeholders were part of the programme from different parts of country. The workshop covered relevant and useful topics of sustainable Mango Production. Dr. P. K. Chakrabarti emphasized for integrated pests & diseases management as well as judicious use of chemical pesticides and fungicides in mango. Dr. Rajan stressed for documentation, on farm conservation and registration of farmers varieties of mango from Eastern India. The Mango Diversity Show was inaugurated by Dr. P. K. Chakrabarti (Assistant Director General-Plant Protection, ICAR, New Delhi) in the presence of many distinguished diginitaries. 350 varieties of mango were exhibited by mango growers, mango federation and other stake holders from various parts of Eastern & Northern India.

Event Date:- 18-06-2016

Secretary, DARE and Director General, ICAR visits ICAR-CISH, Lucknow

सचिव (डेयर) एवं महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ भ्रमण

डॉ. त्रिलोचना महापात्रा, सचिव (डेयर) एवं महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली ने डॉ. एन.के. कृष्ण कुमार, उप महानिदेशक (बागवानी विज्ञान) तथा डॉ. जे.के. जेना, उप महानिदेशक (मत्स्य विज्ञान) के साथ 8 जून, 2016 को केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ का भ्रमण किया। अपने यात्रा के दौरान डॉ. महापात्रा संस्थान ने नर्सरी का भ्रमण किया तथा वहां तैयार की जा रही गुणवत्ता वाले पौधों रोपण सामग्री के कार्य की प्रशंसा की गई। उन्होंने विभिन्न फलों के जननद्रव्य ब्लॉकों को भी देखा और बीजरहित जामुन में गहरी रूचि दिखायी। उन्होंने संस्थान परिसर में आम की अरुणिका किस्म लगाया। उन्होंने संस्थान के प्रसंस्कृत उत्पादों में से कुछेक का स्वाद लिया और उनकी सराहना की। उन्होंने संस्थान के वैज्ञानिकों, प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से बातचीत की तथा उन्हें परिषद से सभी संभव सहायता एवं मार्गदर्शन का आश्वासन दिया। उन्होंने उप-उष्णकटिबंधीय फल फसलों के विभिन्न पहलुओं पर किये गये प्रशंसनीय शोध के लिए संस्थान की प्रशंसा की।

Dr. Trilochan Mohapatra, Secretary DARE and Director General, ICAR, New Delhi accompanied by D.D.G. (Horticulture Science Division.), Dr. N. K. Krishna Kumar and D.D.G. (Fisheries Science Division), Dr. J. K. Jena visited ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture on June 8, 2016. In course of his visit, Dr. Mohapatra visited the Institute’s nursery and was praised the work of quality planting material. He also visited the germplasm blocks of different fruits and shown keen interest in seedless jamun. He planted the mango variety Arunika in the Institute’s premises. He tested some of the processed products of the Institute and appreciated them. He also interacted with the scientists, administrative and technical staff of the Institute and assured them of all possible support and guidance from the council. He praised the Institute for its commanding research on various aspects of subtropical fruit crops.

Event Date:- 08-06-2016

33rd Foundation Day Celebrated

33वाँ स्थापना दिवस समारोह

संस्थान में 01 जून, 2016 को रहमानखेड़ा परिसर में 33वाँ स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर सुश्री निवेदिता शुक्ला वर्मा, प्रमुख सचिव, बागवानी तथा खाद्य प्रसंस्करण मुख्य अतिथि थीं। इस अवसर पर संस्थान ने आम से जुड़े सहभागियों के लिये परामर्शक बैठक का आयोजन किया जिसके दौरान सुरक्षित, तुड़ाई रख-रखाव तथा विपणन के द्वारा अधिक-से-अधिक लाभ कमायें विषय पर जानकारी दी गयी। संस्थान ने अपने अनेक सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस अवसर पर सम्मानित किया। आम सहभागिता परामर्शक बैठक ने मेरा गाँव मेरा गौरव के अंतर्गत अंगीकृत किये हुए आम उत्पादकों को जागरूक किया गया जिससे कि गुड मैनेजमेन्ट प्रैक्टिस के द्वारा तुड़ाई उपरांत रख-रखाव तथा प्रबंधन प्रोटोकाल्स पर ध्यान दिया जा सके। कार्यक्रम के दौरान किसानों में सब्जियों के बीज बाँटे गये।

Institute celebrated its 33rd foundation day on June 1, 2016 at its Rehmankhera campus, Lucknow. Ms. Nivedita Shukla Verma, Principal Secretary, Horticulture and Food Processing, Government of Uttar Pradesh was the chief guest. On this occasion, Institute also organized Mango Stakeholders’ Consultative Meeting on “Safe Harvesting, Handling and Marketing for Maximizing Profits”. Institute felicitated many of its retired staff for their excellent contribution in shaping the Institute. Mango Stakeholders’ Consultative Meeting helped in sensitizing mango farmers from 40 villages adopted under ‘Mera Gaon Mera Gaurav’ on good management practices linked to post harvest handling and management protocols. During the programme seeds of vegetables were distributed among the farmers.

Event Date:- 01-06-2016

Training on Export Promotion of Mango at Bankura

बांकुरा में निर्यात प्रसार पर प्रशिक्षण

बांकुरा पश्चिम बंगाल में नये आम पट्टी के रूप में उभरा है। बांकुरा जिला प्रशासन द्वारा 2000 जनजातिय महिलाओं की आजीविका को सुरक्षित करने के लिये आम्रपाली और मल्लिका के 300 आम के बागान लगाये गए। केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान लखनऊ अपेडा, कोलकाता की मदद से बांपुरा से आम का उत्पादन करने का प्रया स कर रहा है। बांकुरा के विभिन्न ब्लाकों में ताजे आम की गुणवत्ता का मूल्यांकन करने के लिए डी.जी.एम, अपेडा सी.आई.एस.एच लखनऊ तथा क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, मालदा के वैज्ञानिकों ने आम के बागानों का भ्रमण किया। बाद में संस्थान ने 29 मई, 2016 को बांकुरा जिला प्रशासन तथा उपनिदेशक कृषि (फल), बांकुरा के सहयोग से निर्यात बढ़ाने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का वित्त पोषण अपेडा द्वारा किया गया। इस प्रशिक्षण में 55 आम उत्पादक, पंचायत के प्रतिनिधि गण तथा जिला प्रशासन के प्रतिनिधि सम्मिलित थे।

Bankura has emerged as new mango belt in West Bengal. Around 300 mango orchards of Amrapali and Mallika have been established by Bankura District Administration involving 2000 tribal women for ensuring their livelihood. ICAR-CISH, Lucknow is trying to initiate export of mango from Bankura with support from APEDA-Kolkata. A team comprising of DGM, APEDA and scientists from ICAR-CISH, Lucknow and ICAR-CISH-RRS, Malda visited mango orchards at different blocks of Bankura to assess the quality of fresh mangoes. Subsequently, Institute organized APEDA sponsored training programme on export promotion of mango on May 29, 2016 in collaboration with Bankura District Administration & Deputy Director of Agriculture (Fruits), Bankura. The programme was inaugurated by ADM (Development). Fifty five participants including mango growers, representatives of Panchayat, district administration were present in the training. It was decided to have a comprehensive project for supporting the established mango orchards for better livelihood opportunity of the Self Help Groups.

Event Date:- 29-05-2016

Progressive Mango Growers Meet at Murshidabad

मुर्शिदाबाद में आम उत्पादकों की बैठक

संस्थान द्वारा कृषि निदेशालय (फल,) मुर्शिदाबाद के सहयोग से प्रगतिशील आम उत्पादकों की एक बैठक का आयोजन 28 मई, 2016 को किया गया। इस कार्यक्रम का उदघाटन स्वामी विशोमयानंद जी (सचिव) राम कृष्ण मिशन आश्रम, (सरगाची) द्वारा किया गया। इस बैठक के दौरान 56 प्रगतिशील आम उत्पादक उपस्थित थे। स्वामी विशोमयानंद जी ने उदघाटन संबोधन दिया। जबकि डॉ. शैलेन्द्र राजन ने की-नोट एड्रेस किया। मुर्शिदाबाद जिले के आम में होने वाले उत्पादन तथा विपणन संबंधी समस्याओं के निदान के लिये प्रगतीशील उत्पादकों तथा वैज्ञानिकों के बीच संवाद का एक सत्र आयोजित किया गया। डॉ. गौतम राय, उप निदेशक कृषि (फल) ने मुर्शिदाबाद में होने वाले आम के उत्पादन तथा विपणन संबंधी विषय पर व्याख्यान दिया। डॉ. दीपक नायक ने अपने संबोधन में क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र मालदा द्वारा आम के संरक्षण तथा स्थानीय किस्मों के दस्तावेजीकरण संबंधी योजना पर संक्षेप में जानकारी दी।

Progressive Mango Growers Meet was organized by the Institute at Berhampore, Murshidabad on May 28, 2016 in collaboration with Directorate of Agriculture (Fruits), Murshidabad (West Bengal). The programme was inaugurated by Swami Viswamayananda Ji Maharaj (Secretary, Ramakrishna Mission Ashrama, Sargachi, Murshidabad). Fifty Six progressive mango growers were present in the meet. Swami Viswamayanand Ji delivered his inaugural lecture, whereas, key note address was delivered by Dr. S. Rajan. An interaction session between progressive growers and scientists was organized to understand their problems in production and marketing of mango at Murshidabad district. Dr. Goutam Roy, Deputy Director of Agriculture (Fruits), Murshidabad deliberated on problems of production and marketing of mango at Murshidabad district. Dr. Dipak Nayak addressed the mango growers and briefed the future plan of ICAR-CISH-RRS, Malda for conservation and documentation of local varieties of mango.

Event Date:- 28-05-2016

Progressive Mango Growers Meet at Malda

मालदा में प्रगतिशील आम उत्पादकों की बैठक

संस्थान द्वारा कृषि निदेशालय (फल,) मालदा के सहयोग से प्रगतिशील आम उत्पादकों की एक बैठक का आयोजन 27 मई, 2016 को किया गया। इसका उदघाटन संस्थान के निदेशक डॉ. शैलेन्द्र राजन द्वारा किया गया। बैठक के दौरान 60 प्रगतिशील आम उत्पादक, उपनिदेशक कृषि (फल) के कार्यालय के प्रतिनिधि, मालदा, रतुआ आम उत्पादक संघ यू.बी.के.बी-आर.आर.एस.एस-मानिक चक तथा कृषि विज्ञान केंद्र मालदा के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। अपने उदघाटन संबोधन में संस्थान के निदेशक ने उत्पादकों को केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र मालदा की गतिविधियों की जानकारी दी। डॉ. राहुल चक्रवर्ती उपनिदेशक कृषि (फल), मालदा ने उपस्थित लोगों को मालदा के आम उद्योग की जानकारी दी।

ICAR-CISH, Lucknow organized a Progressive Mango Growers Meet at its Regional Research Station, Malda, West Bengal. on May 27, 2016 in association with Directorate of Agriculture (Fruits), Malda. The programme was inaugurated by Dr. S. Rajan, Director, ICAR-CISH, Lucknow. Sixty progressive mango growers, representatives from office of the Deputy Director of Agriculture (Fruits), Malda, Ratua Mango Growers Association, UBKV-RRSS, Manikchak and KVK, Malda were present during the meet. Dr. Rajan in his inaugural lecture briefed the growers regarding activities of CISH-RRS, Malda. Dr. Rahul Chakraborty, Deputy Director of Agriculture (Fruits), Malda also delivered a lecture on present status of mango industry at Malda

Event Date:- 27-05-2016

Interface Meeting on Packaging of Mango

आम पैकेजिंग की बैठक

केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, मालदा द्वारा आम की पैकेजिंग पर 27 मई, 2016 को इंटरफेस बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में इंस्टर्न इण्डिया कौरूगेटेड बाक्स मैनुफैक्चरर एसोसिएशन के 15 पैकेजिंग उद्योग के प्रतिनिधि, मालदा मैंगो मर्चेंट चैम्बर आफ कौमर्स यू.बी.के.वी-आर.आर.एक, मनीचक तथा कृषि विज्ञान केंद्र मालदा के प्रतिनिधि तथा 60 प्रगतिशील आम उत्पादक सम्मिलित हुए। इस अवसर पर डॉ. शैलेन्द्र राजन ने की-नाट एड्रेस दिया। डॉ. चक्रवर्ती उपनिदेशक कृषि (फल), मालदा ने आम के पैकेजिंग और उसके महत्व पर प्रकाश डाला। पैकेजिंग उद्योग के प्रतिनिधियों द्वारा इस अवसर पर आम के पैकेजिंग की तकनीकी जानकारी प्रदान की गयी। उन्होंने प्रगतिशील आम उत्पादकों को पैकेजिंग के तरीके तथा सी.एफ.डी. बक्सों में आम के पैकेजिंग कैसे किये जाए की जानकारी दी।

An interface meeting on Packaging of Mango was organized at ICAR-CISH-RRS, Malda on May 27, 2016. Sixty progressive mango growers, representatives from 15 packaging industries under Eastern India Corrugated Box Manufacturers Association, Malda Mango Merchant Chamber of Commerce, UBKV-RRSS, Manikchak and KVK, Malda participated in the meeting. Dr. S. Rajan, Director, ICAR-CISH, Lucknow delivered the key note address. Dr. Rahul Chakraborty, Deputy Director of Agriculture (Fruits), Malda spoke on packaging of mango and its importance. Technical details regarding packaging of mango was described by the representatives of packaging industries. They have also shown the hands on practices and uses of CFB boxes for packaging of mango to progressive mango growers

Event Date:- 27-05-2016

Inauguration of Malda (RRS)

ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture, Lucknow’s Regional Research Station at Makdumpur, Malda, West Bengal was inaugurated 28.2.2016 by Shri Krishnendu Narayan Chowdhury, Hon’ble Minister In-Charge Department of FPI & Horticulture, Govt. of West Bengal in the presence of Dr. N. K. Krishna Kumar, Deputy Director General (Horticulture Science), ICAR, New Delhi in the presence many dignitaries. Speaking on the occasion Shri Chowdhury emphasized the need of technology dissemination in the field of Horticulture particularly mango and litchi for the overall development of the farmers of the region. He traced the history of the establishment of the Regional Research Station and the efforts made by Dr. S. Ayyappan, Former Secretary DARE and Director General ICAR and the Government of West Bengal and how the impediments in its establishment were surmounted. Dr. N. K. Krishna Kumar, DDG (Hort. Science) told the dignitaries and the farmers that he intends to form a team of experts working on mango throughout the country and identify the problems and draw a roadmap for future research. He assured that the Institute proposes to establish an elite nursery and commence the research on vegetables, floriculture and medicinal & aromatic plants, besides mango, guava and litchi. He also emphasized the need for creating export infrastructure for fruits as well as processed products and creating awareness on international standards. Welcoming the dignitaries, Dr. Shailendra Rajan, Director, talked about the conservation of mango and other fruit varieties at the farmers fields through community efforts. He assured that the nursery programme will get the desired impetus for producing elite planting material. He also emphasized the need for efficient training of the farmers towards technology dissemination.

Shri C.M, Bachawat, IAS, Additional Chief Secretary Department of FPI and Horticulture, Prof. Debasis Mazumdar, Vice Chancellor, Uttar Banga Krishi Vishwa Vidyalaya, Pundibari, Coochbehar, Dr. P. K. Pramanick, Director, Horticulture and Shri S. K. Dwivedi, District Magistrate and Collector, Malda also graced the ceremony.

Temporary office cum Laboratory building of ICAR-CISH Regional Research Station at Food Park, Malda was also inaugurated on 28.02.16 by Dr. N. K. Krishna Kumar, Hon’ble DDG (Hort. Science), ICAR in presence of Hon’ble Minister In-Charge Department of FPI & Horticulture, Govt. of West Bengal and other dignitaries.

Event Date:- 26-03-2016

हिन्दी माह 15 Sep 2014-12 Oct 2014

Celebrating Hindi diwas to Our institute. from 15 Sep 2014 to 12 Oct 2014 Event Date:- 07-05-2015

2nd Oct 2014 ( Swachh Bharat Abhiyan )

This campaign was officially launched on 2 October 2014 at Rajghat, New Delhi, where Prime Minister Narendra Modi himself cleaned the road. Event Date:- 02-10-2014

Entrepreneurs Training

Two day Entrepreneurs Training was organised in Institute permises from 03 -04 August 2016. 35 Participants were trained for Establishment of Fruit and Vegetable Nursery, High Density Plantation of Guava, Organic farming of Fruit and vegetables & Processing of Fruits. This programe was sponsered by Agri-Clinic & Agri Business Training Institute, Gomti Nagar, Lucknow. Event Date:- 2016-08-03

Awareness workshop

One day awareness workshop was organized on “Creating awareness on providing consultancy/contract service/research/training and generating agricultural technology Portfolio for Business / Entrepreneurship Development/ Start - Ups” for the scientific staffs. Dr. Shailendra Rajan, Director and chairman ITMU, ICAR-CISH, Lucknow briefed the purpose of the workshop and explained in detail through his presentation the importance of research and clear demarcation between good, bad and great research. Dr. R.M Khan, Chairman, PME cell described the central role of PME cell for providing the scope and processing of professional services in ICAR system. Ms. P. J Singh, Senior Scientist, ICAR-NBFGR, Lucknow and her team made presentation on Startups and entrepreneurship development. Event Date:- 2016-08-29

Awarness programme on GI

Programme was organized on the 30th July 2016 to make the farmers aware about Geographical Indication of “Malihabadi Dusseheri” to generate entrepreneurship amongst the farming community through constituting a registered society. About 25 mango growers/ farmers from Kasmandi Kalam, Mohammadnagar Talukedari, Sarsanda, Goparamau, Unnao and other parts of Lucknow participated. Dr. S Rajan, Director, ICAR-CISH motivated the farmers to develop and register a trademark of the registered society. Ms. Poonam Jayant Singh, IPR Expert from ICAR-NBFGR, Lucknow elaborated about GI and its uses in different country and exhorted the participants to make use of GI in mango season for promotion of eco/agri-horti tourism. Dr. Neelima Garg, Head, Post Harvest Management, ICAR-CISH, Lucknow highlighted the benefit accrual pertaining to minimizing the post harvest losses coupled with the availability of umpteen number of GI mango products. Event Date:- 2016-07-30

Awareness on “Conservation of mango diversity”

An awareness Program on “Conservation of mango diversity” (mango plantation and distribution of plants) was organised by ICAR-CISH, Lucknow on 11-8-16. The programme was organised under Mera Gaoan Mera Gaurav (MGMG) programme being implemented by the institute. The mango saplings of heirloom varieties conserved by the Society for Conservation of Mango Diversity (SCMD), Kashmandi kalam, Malihabad were distributed among the more than 50 farmers of 15 villages adopted under MGMG programme. Dr S. Rajan, Director, ICAR-CISH, briefed about SCMD and its achievements. Shri. Ram Kishore, a community farmer also shared his experience about the community participation and its advantages. Programme ended with vote of thanks proposed by Shri. Pardeep Joshi (L&T) and the event sponsored by Smt B. Joshi, a volunteer on her birthday. Event Date:- 2016-08-11

Brainstorming on “GAP certification in mango”

A brainstorming session on “GAP Certification in Mango” held on 09.08.2016 at ICAR-CISH, Rehmakhera Lucknow. Dr. Shailendra Rajan, Director, ICAR-CISH highlighted the importance of the subject and the benefits likely to be accrued to the stakeholders in terms of better marketing and price realization. Speaking at length, Mr. Mohit Sharma, Research Scholar from University of Rajasthan shared his experiences gathered through intensive tours and farmer’s interaction with reference to pros and cons of EUROGAP/GAP Certification and about its awareness amongst the farmers of Southern part of mango belt. Representatives from state government flagged the issues in respect of database pertaining to records of GAP at individual farmer level. Interacting with participants, Director, ICAR-CISH, Lucknow explained about the efforts made by ICAR-CISH, Lucknow in developing such a database and constitution of the society. In this programme, representatives from Mango Pack House, Lucknow, Mandi Parishad, Lucknow and Society for Conservation of Mango Biodiversity from Kasmandi Kalam, Mohammadnagar Talukedari, Sarsanda, Goparamau, Unnao and other parts of Lucknow were also participated. Event Date:- 2016-08-09

Training on squash and pulp preparation

Training programme on mango processing (squash and pulp preparation) for rural women was organised on 16-08- 2016 under Mere Gaon Mera Gaurav programme at CISH, Lucknow. A total of 15 rural women and one rural youth belonging to small and marginal farm families participated under the programme. Women were also getting acquainted with the protected vegetable cultivation for income and employment generation. Event Date:- 2016-08-16

Parthenium awareness week

Parthenium awareness week is being started on 17-08- 2016 in the leadership of Dr S, Rajan, Director, ICAR-CISH, Lucknow. An awareness programme about Parthenium identification, its harmful effects on biodiversity, human health and control was organised on 17-08- 2016 under Mera Gaon Mera Gaurav (MGMG) Programme at Primary and Middle School of Haphizkheda and Wazidnagar villages of Malihabad, Lucknow. Parthenium was removed in and around school premises with the participation of students during the programme. Event Date:- 2016-08-17

Mera Gaon Mera Gaurav

Interaction meeting with the primary school students to create awareness about health and cleanliness under Mera Gaon Mera Gaurav & Swachh Bharat Abhiyaan was held on 08.08.2016 at Muzasa village, Malihabad block, Lucknow. In this meeting, about 200 students (Class 1 to 8) attended and they were taught about good habits, cleanliness, nutrition and prevention as well as home remedy for some common diseases like Diarrhoea, typhoid, pneumonia, dengue and malaria. Event Date:- 2016-08-08

Tribal farmers’ meet

A Tribal farmers’ meet was organized at Salbona, Habibpur, Malda on 17.09.16 and inaugurated by Swami Shivasundaram Ji (Secretary, Bharat Sevashram Sangha) in the presence of Dr. S. Rajan (Director, CISH, Lucknow) and other dignitaries. Event Date:- 2016-09-16

Nutri-smart villages under TSP

Tribal farmers from 17 tribal villages from Malda and 9 tribal villages from Murshidabad joined hand with ICAR-CISH-RRS, Malda for acquiring nutritional security and enhanced profitability by creating Nutri-Smart village. A whopping number of tribal families (1150) came forward for establishing orchard of fruit crops such as mango, guava, jamun and bael along with kitchen garden comprising of 8-10 different vegetables. Nutri-smart villages will have composting units and water harvesting structure for sustainable production of fruits, vegetables, poultry and fishes. These adopted families under Tribal Sub Plan will not only get nutritional assurance from home grown fruit and vegetables but will be able to get required animal protein from poultry and fish. The farm waste will be diverted towards the poultry and as fish feed. The targeted families can exchange surplus produce with community members or earn extra bucks from selling this surplus produce to local market. Nutri-smart village initiative can change the face of tribal population of west Bengal with sustainable effort. The initiative was inaugurated by Mr. Abdur Rezzak Mollah (Hon’ble Minister In-charge, Department of FPI & Horticulture, Govt. of West Bengal) on September 16, 2016 at Ramakrishna Mission Ashrama, Sargachi, Berhampore in presence of Dr. S. Rajan (Director, CISH, Lucknow), Swami Viswamayananda Ji (Secretary, Ramakrishna Mission Ashrama, Sargachi) Dr. P. K. Pramanick (Director of Horticulture, Govt. of West Bengal) and other dignitaries. Dr. Dipak Nayak (Scientist & In-Charge, ICAR-CISH Regional Research Station, Malda) coordinated the programme & proposed vote of thanks. Event Date:- 2016-09-16

कवि सम्मेलन

भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ में दिनांक 23.09.2016 को कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया | इस कवि सम्मलेन में लखनऊ और उसके आस-पास के श्री कमलेश मौर्या, श्रीमती राधा पांडेय, श्री सूर्य कुमार पांडेय, श्री शिव कुमार व्यास, श्री गजेंद्र प्रियांशु तथा श्री अशोक अग्निपंथी सम्मलित हुए | इन कवियों एवं कवियत्री ने पद्यात्मक विधा के माध्यम से भारतीय दर्शन, रहस्यवाद से सम्बंधित, छायावादी, प्रगतिवादी कवितायें सुनाएँ | इन कविताओं में उपमा-उपमेय, अलंकारों का अद्भुत वर्णन दिखा | इस कवि समेलन की अध्यक्षता डॉ शैलेन्द्र राजन, निदेशक द्वारा किया गया | Event Date:- 2016-09-23

हिन्दी पखवाड़ा 2016 समापन समारोह

भा.कृ.अनु.प.-केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ में दिनांक 28 सितंबर, 2016 को हिन्दी पखवाड़ा का समापन हो गया। इसके समापन समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रूप में मिश्रिख (उ.प्र.) की माननीय सांसद, डॉ.(श्रीमती) अंजू बाला उपस्थित थीं। अपने मुख्य अतिथिये संबोधन में उन्होंने हिन्दी को सर्वोपरि तथा देश को एक सूत्र में पिरोने वाली भाषा बताया। उन्होंने अपनी अनुभूति के आधार पर बताया कि हिन्दी की महत्ता हम तभी समझते हैं जब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने फेसबुक, ट्वीटर, विकीपिडीया, गूगल तथा वाट्सएप जैसे अनेक माध्यमों का हिन्दी भाषियों द्वारा इस्तेमाल किये जाने को महत्वपूर्ण बताया। माननीय सांसद महोदया, डॉ. अंजू बाला भा.कृ.अनु.प.-केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ के हिन्दी पखवाड़ा 2016 के दौरान आयोजित हिन्दी की अनेक प्रतियोगिताओं के विजेता को दिये जा रहे प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम के अवसर पर बोल रहीं थीं । इस अवसर पर संस्थान के निदेशक, डॉ. शैलेन्द्र राजन ने अपने अध्यक्षीय संबोधन के दौरान हिन्दी की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा की हिन्दी न केवल राजभाषा है बल्कि संपर्क भाषा के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है। दूसरे अर्थ में हिन्दी देश की राष्ट्रभाषा भी है। उन्होंने प्रतियोगिताओं के विजेताओं को बधाई दी तथा आशा व्यक्त की कि संस्थान के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरे वर्ष अपना सरकारी कार्य हिन्दी में ही करेंगे। समापन समारोह के अवसर पर हिन्दी पखवाड़ा 2016 के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाण-पत्र वितरित किये गये तथा साथ ही डॉ. अशोक कुमार मिश्र, प्रभारी अध्यक्ष, फसल सुरक्षा प्रभाग को उनके हिन्दी में किये गये उत्कृष्ट कार्यों के लिये सम्मानित भी किया गया। समापन समारोह के अवसर पर सभी गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत प्रभारी अध्यक्ष, फसल उत्पादन प्रभाग, डॉ. घनश्याम पाण्डेय द्वारा किया गया जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. नीलिमा गर्ग, अध्यक्ष, तुड़ाई उपरान्त प्रबंधन प्रभाग द्वारा दिया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री धीरज शर्मा, सहायक निदेशक (राजभाषा) ने किया। Event Date:- 2016-09-28

स्वच्छ भारत अभियान के अन्तर्गत स्वच्छता अभियान

भा.कृ.अनु.प.-केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ में दिनांक 04 अक्टूबर, 2016 तथा दिनांक 05 अक्टूबर, 2016 को भी स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छता अभियान जारी रहा। यह स्वच्छ भारत अभियान स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत दिनांक 04 अक्टूबर, 2016 को डा. राम कुमार, प्रधान वैज्ञानिक की अध्यक्षता में संस्थान के वैज्ञानिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के एक दल ने काकोरी रेलवे स्टेशन पर जाकर न केवल सफाई की बल्कि रेलवे कर्मचारियों तथा रेलगाड़ियों की प्रतीक्षा कर रहे यात्रियों में स्वच्छता संबंधी जागरूकता भी पैदा की। दिनांक 05 अक्टूबर, 2016 को डा. ए. के.भट्टाचार्जी, प्रधान वैज्ञानिक की अध्यक्षता में संस्थान के वैज्ञानिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के एक दल ने मेरा गाँव मेरा गौरव के अंतर्गत काकोरी ब्लॉक के मोइदीपुर नामक अंगीकृत गाँव में जाकर वहाँ के प्राथमिक विद्यालय में सफाई अभियान चलाया। इसी क्रम में प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों एवं वहाँ उपस्थित बच्चों को स्वच्छता संबंधी जानकारी भी प्रदान की। Event Date:- 2016-10-04

Swachhta Pakhwada

The ICAR-CISH, Lucknow continued its Swachhata Pakhwada even on 4th and 5th October, 2016. On 4th October, a team of scientists, officers and staff headed by Dr. Ram Kumar, Principal Scientist visited the Kakori railway station. The raison d’etre of the visit was to clean the platforms of the Kakori railway station and create awareness amongst the railways staff as well as the passengers. On October 5, 2016 under the leadership of Dr. Anup Bhattacharya, Principal Scientist, members of the committee visited the adopted village Moiddipur under Mera Gaon Mera Gaurav and cleaned the school premise of the Primary School. The visiting officials also gave valuable suggestions to teachers and students regarding the Swachh Bharat Abhiyan. A team of scientists headed by Dr. Dinesh Kumar, visited the Malihabad railway station on 9th October, 2016 to clean the entrance & platforms of the Malihabad railway station and to create awareness among the railway employees as well as the passengers. In continuation of cleanliness drive, a team of CISH staffs visited Primary schools of Golakuan & Mandauli on 13.10.16 and Bukhtiyarnagar on 14.10.16. ICAR-CISH staffs had taken oath for Swachh Bharat during initiation of Swachhta Pakhwada on 17.10.2016 which is presided over by Director, ICAR- CISH. All the officials of institute had promised to keep their surroundings neat and clean. Farm men & women were enlightened about utilization of decomposable garbage and agricultural biodegradable waste into compost to improve the soil fertility as well as reduce the environmental pollution. Awareness also created about cleanliness, child healthcare and demerits of open defecation at Bukhtiyarnagar, Malihabad. On 18.10.16, A team of ICAR-CISH staffs visited two villages viz. Tikatganj and Mandouli. On this occasion, farm men & women were educated about demerits of open defecation, water conservation, and importance of personal, home and surrounding cleanliness. Seedlings of vegetables were also distributed among the farmers to assist nutritional security. On 19.10.2016, ICAR-CISH staffs had collected biodegradable agricultural waste from the surroundings to prepare compost and it would be used as organic manure. It was demonstrated to a group of twenty farmers from the Department of Agriculture, Shivpuri, M.P. to make compost using farm waste using beneficial bacteria & fungus An essay competition was conducted to create awareness on the importance of cleanliness at Inter college, Vidyasthali, Kanar on 20.10.16. Fifty students comprising of two groups from Class 8-10th and 11-12th were participated in this competition. Event Date:- 2016-10-04

Visit of Financial Advisor, DARE

Dr. S. K. Singh, Additional Secretary, Government of India and Financial Adviser, ICAR, New Delhi visited ICAR-CISH, Lucknow on 30th September, 2016. In course of his visit, he took stock of the CISH Nursey situated at 1st block. He also chaired the meeting of the Institutes; scientists and told them about the ongoing developments at the ICAR management level. Event Date:- 2016-09-30

Mera Gaon Mera Gaurav

Distribution of quality seedlings to farmers at Mandauli on 13.10.16. Event Date:- 2016-10-14

Farmer Awareness Programme at Kannauj

On 14.10.2016, Farmer Awareness Programme was conducted at Bhawanipur and Ladpur, Gursahayganj, Kannauj, U.P. by PFDC, ICAR-CISH, Lucknow. About 25 farmers participated in the same. The participants were made aware about technologies developed by PFDC, ICAR-CISH like Drip irrigation, mulching and protected cultivation. Practical use of polyethylene mulching in potato was demonstrated at farmer’s field. Event Date:- 2016-10-14

स्वच्छता अभियान

लखनऊ, 22.10.2016। भा.कृ.अनु.प.-केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ के वैज्ञानिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा लखनऊ के मलिहाबाद ब्लॉक के कसमंडी गाँव के ज्ञान द्वीप विद्यालय में स्वच्छता अभियान चलाया गया। इसके अंतर्गत स्कूल के प्रांगण की सफाई की गयी तथा 300 से अधिक बच्चों को सफाई, स्वास्थ्य एवं शिक्षा संबंधी जागरूकता पैदा की गयी। यह समस्त कार्यक्रम मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र की सांसद डॉ. अंजू बाला जी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के अवसर पर बोलते हुए डॉ. अंजू बाला जी ने स्कूल के विद्यार्थियों को स्वच्छता की शपथ दिलायी तथा आशा व्यक्त की कि बच्चे अपने घर, आस-पास के क्षेत्र तथा विद्यालय को भी साफ रखने में सहयोग देंगे। उन्होंने गंदगी के कारण फैल रहे डेंगू, चिकनगुनिया आदि की रोकथाम में भी सफाई के योगदान की चर्चा की। इस अवसर पर सांसद महोदया ने दिनांक 20 अक्टूबर, 2016 को मलिहाबाद के कनार स्थित विद्यास्थल नामक विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए अयोजित स्वच्छ भारत अभियान शीर्षक निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। कक्षा 8 एवं 9 के विद्यार्थियों में कुमारी सुकृति मौर्या प्रथम रहीं जबकि कक्षा 10 से 12 के विद्यार्थियों के बीच लैबा अकील को प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ। इस अवसर पर अपने संबोधन में डॉ. शैलेन्द्र राजन, निदेशक केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान ने बताया कि संस्थान के अधिकारी एवं कर्मचारी दैनिक रूप से संस्थान के आस-पास के गाँव का भ्रमण कर स्वच्छता अभियान चला रहे हैं तथा साथ ही वहाँ स्थित विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के बीच स्वच्छता संबंधित जागरूकता पैदा करते हैं। डॉ. राजन ने इस अवसर पर बताया कि संस्थान अभी तक मलिहाबाद तथा काकोरी रेलवे स्टेशनों के प्लेटफॉर्मों को भी दो बार साफ कर चुका है। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि 31 अक्टूबर, 2016 तक भारत सरकार के स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत और भी गाँवों तथा आस-पास के क्षेत्रों की सफाई की जाएगी। सांसद महोदया का स्वागत डॉ. नीलिमा गर्ग, अध्यक्ष, तुडाई उपरान्त प्रबंधन प्रभाग द्वारा किया गया जबकि समस्त कार्यक्रम का संचालन डॉ. अंजू बाजपेई, प्रधान वैज्ञानिक द्वारा किया गया। Event Date:- 2016-10-22

Farmers training on HDP in Guava

Farmer Training cum awareness programme on HDP and UHDP in Guava and other horticulture crops was conducted by the ICAR-CISH, Lucknow for up-gradation of the technical knowledge of about ten progressive farmers from Theni District of Tamil Nadu on 21 October, 2016. Detailed deliberations on HDP and UHDP systems in guava, canopy management, drip irrigation system, polyethylene mulching in different horticultural crops along with field visit and practical training was given. Event Date:- 2016-02-11

सफाई अभियान

संस्थान के 13 वैज्ञानिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की एक टीम ने लखनऊ के मलिहाबाद ब्लॉक स्थित बड़ीगड़ी प्राथमिक विद्यालय में आज दिनांक 26.10.2016 को स्वच्छता पखवाड़ा के अन्तर्गत सफाई अभियान चलाया। इस टीम की नेतृत्व डॉ. सुशील कुमार शुक्ल, प्रधान वैज्ञानिक ने की। स्वच्छता पखवाड़ा के दौरान डॉ. सुशील कुमार शुक्ल ने बड़ी गड़ी प्राथमिक विद्यालय में सफाई की साथ में 25 विद्यार्थियों को स्वच्छता की शपथ भी दिलायी और जीवन में स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. देवेन्द्र पाण्डेय ने इस अवसर पर संस्थान द्वारा चलाये जा रहे स्वच्छता कार्यक्रम की भी संक्षिप्त जानकारी भी दी। उन्होंने आगे बताया कि स्कूल के बच्चों में जागरुकता पैदा करने का मुख्य उददेश्य है कि बच्चे अपने-अपने घरों एवं क्षेत्रों में जाकर अपने रिश्तेदारों एवं आसपास के लोगों में स्वच्छता संबंधी जागरुकता पैदा करें। स्वच्छता अभियान में विद्यार्थियों ने भी रुचि दिखायी। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं अन्य शिक्षक-शिक्षिकायें भी उपस्थित थीं। स्वच्छता कार्यक्रम के अन्त में संस्थान की ओर से विद्यालय को एक बड़ा कूड़ादान भेंट किया गया ताकि भविष्य में बच्चे विद्यालय प्रांगण के कूड़ा एकत्र करने के लिये इसका उपयोग करें। इस दौरान संस्थान की ओर से विद्यालय के प्रांगण में आम, अमरुद एवं बेल के पौधे भी लगाये गये। Event Date:- 2016-10-26

सफाई अभियान

The ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture, Lucknow sent a 17 member team of scientists, officers and staff to perform cleanliness drive and create awareness amongst its students and teachers under Swachhta Pakhwada in the Poorv Madhyamik Vidyalay of the Amethia Salempur of the Kakori block of Lucknow on 27th October, 2016. The team was led by Dr. Shyam Raj Singh, Principal Scientist who gave an oath of Swachhta to students of the Poorv Madhyamik Vidyalay in the presence of its Principal, Shri Mohd. Salem. He further briefed about the importance of the swachh jeevan. Dr. Shyam Raj Singh also apprised the teachers and students of the school about the activities being carried out under Swachhta Abhiyan by ICAR-CISH, Lucknow. In his remarks, he informed that the Swachhta Pakhwada is being accomplished to create awareness amongst the students so that the younger generation could generate more awareness about cleanliness in their own houses, schools as well as surrounding areas. The students of the school displayed keen interest in the cleanliness drive. A dustbin was handed over to the School Principal by Dr. Shyam Raj Singh so that, in future, littering should stop and the garbage amassed could be thrown into it. The visiting Institute team also planted three plants of mango, guava and jamun in the school premises. Vegetable seedlings were also dis

भा.कृ.अनु.प.-केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ के 17 सदस्यी वैज्ञानिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की एक टीम ने लखनऊ के काकोरी ब्लॉक के अमेठिया सलेमपुर स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में आज दिनांक 27.10.2016 को स्वच्छता पखवाड़ा के अन्तर्गत सफाई अभियान चलाया। इस टीम का नेतृत्व डॉ. श्याम राज सिंह, प्रधान वैज्ञानिक ने किया। स्वच्छता पखवाड़ा के दौरान डॉ. श्याम राज सिंह ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों को स्वच्छता की शपथ दिलायी और जीवन में स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. श्याम राज सिंह ने इस अवसर पर संस्थान द्वारा चलाये जा रहे स्वच्छता कार्यक्रम की भी संक्षिप्त जानकारी भी दी। उन्होंने आगे बताया स्कूल के बच्चों में जागरुकता पैदा करने का मुख्य उददेश्य है कि बच्चे अपने-अपने घरों एवं आसपास के क्षेत्रों में जाकर अपने रिश्तेदारों एवं अन्य लोगों में स्वच्छता संबंधी जागरुकता पैदा करेंगे। स्वच्छता अभियान में विद्यार्थियों ने विशेष रुचि दिखायी। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य मो. सलीम एवं अन्य शिक्षक भी उपस्थित थे। स्वच्छता कार्यक्रम के अन्त में संस्थान की ओर से विद्यालय को एक बड़ा कूड़ादान दिया गया ताकि भविष्य में स्कूल में बच्चे कूड़ा फेंकने के लिये इसका उपयोग करें। इस दौरान संस्थान की ओर से विद्यालय के प्रांगण में आम, अमरुद एवं जामुन के पौधे भी लगाये गये। कार्यक्रम के अन्त में सब्जियों के सीडलिंग वितरित किये गये।

Event Date:- 2016-10-27

Training for Sikkim farmers

Training on "Nursery and Orchard management of Guava" under NEH plan in collaboration with KVK South Sikkim was organised by ICAR-CISH, Lucknow from 21-23, Nov 2016. Twenty participants of Sadam Panchayat including three officials from KVK, South Sikkim attended the training. Event Date:- 2016-11-21

Constitution Day oath & Celebration

Constitution Day celebration and Oath taken by ICAR-CISH staffs on 26.11.2016 to commemorate the adoption of Constitution of India. Event Date:- 2016-11-26

Sri Girdhari Lal Chadha memorial Award

Dr S Rajan bagged prestigious Sri Girdhari Lal Chadha Memorial Gold medal in Fruit science for year 2016 for his significant contributions in field of Horticulture. The award was conferred to him during platinum jubilee of HSI at 7th Indian Horticulture Congress 2016" at B.P. Pal Auditorium, IARI, New Delhi. Event Date:- 2016-11-27

International Soil Day celebration (Dec5, 2016)

The ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture, Rehmankhera, Lucknow celebrated the International Soil Day on December 5, 2016. On the occasion, soil health cards were distributed amongst the farmers of the Mohammadnagar Talukedari village under Malihabad Tehsil, Lucknow. Speaking on the occasion, Dr. Ghanshyam Pandey, Incharge Head and Principal Scientist, Crop Production Division delivered a lecture on the importance of soil health in view of production and productivity of fruit crops. Dr. Ram Awadh Ram, Principal Scientist addressed the farmers and appraised them about the significance of organic farming. Dr. Tarun Adak and Dr. Atul Singha, scientists of the Institute, displayed the method of pH testing and soil sampling to the farmers. A scientist-farmers meet was also conducted by Dr. Barsati Lal, Senior Scientist and Shri Subhash Chandra, Scientist at the Mohammadnagar Talukedari Village. Event Date:- 2016-12-05

Visit of Agriculture Commissioner GOI

Dr. S. K. Malhotra, Agriculture Commissioner and Horticulture Commissioner, Government of India visited the Institute on December 5, 2016. In course of his visit, he displayed keen interest in the ongoing activities of the Institute. He also reviewed the ongoing activities under Precision Farming Development Centre, ICAR-CISH, Lucknow. Event Date:- 2016-12-05

Agriculture Education Day (3 Dec, 2016)

Agriculture Education Day was celebrated on 03.12.2016 at two Schools located in Kanar & mallihabad, Lucknow on the eve of birth anniversary of Bharat Rathna Dr. Rajendra Prasad with aim of strengthening future agriculture of the country and attract youth towards agricultural education. The objective of this day was to expose students including schools to various facets of agriculture and inspire and attract them towards agriculture, so that they develop interest in agriculture and allied subjects to engage themselves in agriculture and related activities or become Agrientrepreneurs in future. कृषि शिक्षा दिवस 2016, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली से प्राप्त परिपत्र संख्या 1-10/2016 शि.यो. एवं गृ.वि. दिनांक 29 नवम्बर, 2016 के अनुपालन में डॉ. देवेंद्र पांडेय, प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रभारी अध्यक्ष, फसल सुधर एवम जैवप्रौद्योगिकी प्रभाग की अध्यक्षता में एक चार सदस्यीय दल ने दिनांक 03 दिसम्बर, 2016 को कृषि शिक्षा दिवस के अवसर पर लखनऊ के कनार स्थित विद्यास्थली तथा मलिहाबाद स्थित जी.जी.आई.सी. विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए कृषि शिक्षा के महत्व विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया | इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में कृषि शिक्षा के महत्व को बढ़ावा देना था | प्रतियोगिता के पश्चात डॉ. देवेंद्र पांडेय एवं श्री धीरज शर्मा, सहायक निदेशक (राजभाषा) ने कृषि शिक्षा एवं उसके महत्व पर उपस्थित विद्यार्थियों को प्रेरणार्थक व्याख्यान के माध्यम से जानकारी प्रदान की | व्याख्यान उपरांत विद्यार्थियों ने कृषि शिक्षा से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे जिसका अधिकारियों ने यथोचित उत्तर दिया गया | इस कार्यक्रम के सफल सञ्चालन में डॉ. विनोद कुमार सिंह, सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी तथा डॉ. बालाजी राजकुमार, वैज्ञानिक ने भी योगदान दिया | Event Date:- 2016-12-03

Exposure visit-cum-Training

A two-day Exposure visit-cum-Training programme, sponsored by Agri Clinic Business Training Institute, Kathota Crossing, Vinamra Khand, Gomti Nagar, Lucknow was conducted at the ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture, Rehmankhera, Lucknow from December 05 to 06, 2016. On this occasion, Dr. Shailendra Rajan, Director apprised the participants about the significant contributions of the Institute besides informing them about nursery management of subtropical fruits. Scientists of the Institute also guided them on various aspects of improved cultivation of fruits & vegetables. Sixty-five agriculture graduates (trainees) from various districts of Uttar Pradesh & 170 students of B.Sc (Ag.) & B.Sc (Hort.) of the final semester from Sam Hingginbottom Institute of Agricultutre, Technology & Science (SHIATS), Naini, Allahabad took part in it. A field visit of experimental plot of rejuvenated mango trees, high density plantation of mango & meadow orcharding of guava and fruit processing laboratory was also arranged for participants during the training. Event Date:- 2016-12-05

Visit of Director Horticulture Uttarakhand

Dr. B. S. Negi, Director, Horticulture and Food Processing, Government of Uttarakhand, along with his Deputy Directors, visited the Institute on December 4, 2016 to look into the developments of high density planting as well as potato cultivation. Dr. V. K. Singh, Principal Scientist and Incharge, Precision Farming Development Centre accompanied his to Institute’s experimental farm and showed his the ongoing activities in the sphere of high density planting as well as potato cultivation. Event Date:- 2016-12-04

Workshop on Green Climate Fund

A Workshop on Climate Change was conducted in our Regional Office, NABARD, Lucknow on December 7, 2016. The Workshop was chaired by Shri A.K. Panda, CGM, NABARD, UPRO, Lucknow. From ICAR-CISH, Lucknow, Dr. Shailendra Rajan, Director, Dr. Ashok Kumar and Dr. Tarun Adak attended the Workshop. Dr. S. Rajan suggested that a follow up exercise need to be organized by NABARD for developing full-fledged Project Concept Notes. The objective of the Green Climate fund was to provide support to developing countries in combating climate change with funding by developed countries and other public and private sources. Event Date:- 2016-12-07

ICAR-CISH in News

ICAR-CISH in News: 1. ICAR-CISH helps farmer grow, sell exotic vegetables (News: The Pioneer daily, Saturday, December 10, 2016) 2. ICAR-CISH is promoting off season mango varieties (News: The Pioneer daily, December 15, 2016) Event Date:- 2016-12-10

किसान गोष्ठी का आयोजन

भा.कृ.अनु.प.-केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ ने सहयोगी संस्थान के रूप में अवध आम उत्पादक एवं बागवानी समिति के नेतृत्व में दिनांक 22.12.2016 को मलिहाबाद के नबीपनाह नामक गाँव में किसान गोष्ठी का आयोजन किया। इस किसान गोष्ठी में कसमंडीकलॉं, मसीढा, मोअद्दीपुर, मोहम्मद नगर तालुकेदारी आदि गाँवों के 300 से अधिक किसान एवं बागवान सम्मिलित हुए। इस समिति के प्रमुख उददेश्यों मे एक है दशहरी आम के जी.आई. का व्यवसायीकरण कर किसानों का लाभ पहुंचाना है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश मंडी समिति के निदेशक, श्री राज शेखर ने कहा कि इस प्रकार के संगठित सामुदायिक संगठन छोटे किसानों एवं बागवानों के लिए अत्यन्त ही लाभप्रद सिद्ध होंगे। अपने संबोधन में उन्होंने भा.कृ.अनु.प.-केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस समिति को बनाने में संस्थान की जो भूमिका रही है वह निःसंदेह ही प्रशंसनीय है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि न केवल नबीपनाह बल्कि लखनऊ के सभी किसान एवं बागवान संस्थान द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों एवं तकनीकियों से भविष्य में लाभ पायेंगे। उन्होंने किसानों को आशवासन दिया कि भविष्य में छोटे किसानों को भी मैंगो पैक हाउस में प्रसंस्करण की सुविधा दिये जाने पर विचार दिया जा रहा है। श्री राज शेखर ने कहा मैंगो पैक हाउस में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं को दूर करने पर भी कार्य जारी है। इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि के रूप में बोलते हुए संस्थान के निदेशक, डॉ. शैलेन्द्र राजन ने उपस्थित लोगों को अवध आम उत्पादक एवं बागवानी समिति को तैयार करने में किये गये कार्यों की जानकारी दी। डॉ. राजन ने कहा कि आम के बागवानों को सामुदायिक आधारित संगठनों से ही लाभ की प्राप्ति हो सकती है। उन्होंने सलाह दी कि इसके लिए सभी बागवानों को सामुदायिक संगठन बनाकर कार्य करने चाहिए। डॉ. राजन ने किसान गोष्ठी के दौरान दर्जनों किसानों द्वारा पूछे गये प्रश्नों के उत्तर भी दिये। गोष्ठी के दौरान वरिष्ठ बागवान, श्री विजय सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि किसानों में जागरूकता की कमी है जिसके कारण अनेक समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने आम के बाग का प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि समय से रोगों एवं कीटों का प्रबंधन कर किसान संस्थान से अधिक-से-अधिक लाभान्वित हो सकते हैं। किसान गोष्ठी के दौरान संस्थान की ओर से डॉ. नीलिमा गर्ग, अध्यक्ष तुड़ाई उपरान्त प्रबंधन प्रभाग, डॉ. घनश्याम पाण्डेय, अध्यक्ष फसल उत्पादन प्रभाग, डॉ. पी.के. शुक्ला, वरिष्ठ वैज्ञानिक, डॉ. गुंडप्पा, वैज्ञानिक, डॉ. मनीष मिश्रा, प्रधान वैज्ञानिक एवं डॉ. राम कुमार, प्रधान वैज्ञानिक ने किसानों के बागवानी संबंधित प्रश्नों के उत्तर दिए। कार्यक्रम का संचालन अवध आम उत्पादक एवं बागवानी समिति के सचिव, श्री उपेन्द्र सिंह द्वारा किया गया जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री निर्मल सिंह जी ने की। Event Date:- 2016-12-22

दिव्यांगों को फल एवं सब्जी प्रसंस्करण प्रशिक्षण

भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, रहमानखेड़ा, लखनऊ के तुड़ाई उपरान्त प्रबंधन प्रभाग में गोरखपुर के पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति के 27 दिव्यांगों को फल एवं सब्जियों से विभिन्न प्रकार के अचार बनाने तथा आंवला के जूस निकालने की तकनीकी से अवगत कराया गया | इन विधियों को इं धर्मेंद्र कुमार शुक्ला तथा श्रीमती रेखा चौरसिया द्वारा बताया गया | इस अवसर पर संस्थान के प्रभारी निदेशक एवं अध्यक्ष, तुड़ाई उपरान्त प्रबंधन प्रभाग, डॉ. नीलिमा गर्ग ने दिव्यांगों को संस्थान में जारी तुड़ाई उपरान्त प्रबंधन संबंधी अनुसन्धान कार्य की जानकारी दी | दिव्यांगों का नेतृत्वा श्री आनंद पांडेय द्वारा किया गया | Event Date:- 2016-12-21

Students visit

Fifty-seven students from Stafford Public School, situated in the Mango belt of Lucknow, visited the Institute on December 27, 2016. Dr. Shailendra Rajan, Director of the Institute interacted with the students and generated awareness amongst them on the issues of conservation of mango diversity, unique plant varieties, ecological disturbances and environment pollution in the wake of rampant spraying of pesticides and insecticides. The teachers and students of the school displayed significantly keen interest in Institute’s activities. The school management assured Dr. Rajan that they would be planting rare varieties of mango and guava in their premise in the times to come. Students were exceedingly interested that their family members ought to be a part of the custodian farmers national database as many of them conserve more than 10 varieties in their orchards. Event Date:- 2016-12-27

Development of Community Based Organization for Better Profits to Mango Growers in West Bengal

ICAR-CISH Regional Research Station, Malda has been taking initiative on conservation and utilization of local varieties of mango and Murshidabad districts of West Bengal. In this regard, mobilization campaign had organized in different mango growing belts of both the districts for on farm conservation and utilization of rich diversity of mango. In this direction, custodian farmers and mango growers of Murshidabad district has come forward for establishing a society in the name of Murshidabad Indigenous Mango Growers Society during the meeting with mango growers held at office of the District Horticulture Officer on 29.12.2016 in the presence of Dr. Dipak Nayak, Scientist & In-charge, ICAR CISH Regional Research Station, Malda. CISH-RRS, Malda will facilitate for establishing the society and its smooth activities. . Event Date:- 2016-12-29

Nursery Production Using Green Energy

During harsh summer, management of nursery becomes exceedingly difficult owing to paucity of electricity supply leading to plant and economic losses. It also compels us to depend on generator for electricity supply which is not cost effective and environment safe and requires extra amount of money. Keeping in view the challenges the nursery is facing, the Institute has signed an agreement with M/S Genesis Innovation Limited, Jaipur for the installation of the rooftop solar PV panel system by which there would be help in the supply of green energy for the nursery. Electricity requirement will be met by solar panels for saving plants from desiccation and scorching Sun during day hours of hot summers. Event Date:- 2016-12-28

मेरा गाँव मेरा गौरव कार्यक्रम

भा.कृ.अनु.प.-केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा मेरा गाँव मेरा गौरव कार्यक्रम के अन्तर्गत मलिहाबाद ब्लॉक के बेलगढ़ा गॉंव में 27 दिसम्बर, 2016 को किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें वैज्ञानिकों एवं किसानों के बीच आम एवं अन्य फसलों की समसामयिक समस्याओं पर चर्चा हुई तथा किसानों की समस्याओं का निदान बताया गया। किसानों द्वारा आम के बगीचों में गुजिया (Mealy bugs) के प्रकोप की समस्या बतायी गयी जिसके निदान हेतु वैज्ञानिकों द्वारा आम के पेड़ों में तने के चारों तरफ 15-20 सेमी मिट्टी चढ़ाने के बाद क्लोरपाइरीफास डस्ट (250 ग्राम प्रति पेड़) के बुरकाव का प्रदर्शन कर दिखाया गया। गोष्ठी के दौरान डॉ. घनश्याम पाण्डेय, प्रधान वैज्ञानिक एवं डॉ. ए.के. त्रिवेदी, वरिष्ठ वैज्ञानिक द्वारा बेलगढ़ा एवं लद्यौसी के किसानों/बागवानों के मृदा स्वास्थ्य कार्ड ग्राम प्रधान, श्री राजेश यादव को सौंपे गये। Event Date:- 2016-12-27

टपक सिंचाई, प्लास्टिक मल्चिंग एवं संरक्षित खेती की उपयोगिता पर दो दिवसीय प्रशिक्षण

सुनियोजित कृषि विकास केन्द्र (पी.एफ.डी.सी.), नेशनल कमेटी ऑन प्लास्टिकल्चर एप्लीकेशन इन हार्टीकल्चर (एन.सी.पी.ए.एच.) भारत सरकार, आई.सी.ए.आर.-सी.आई.एस.एच., रहमानखेड़ा, लखनऊ के डा. वी. के. सिंह, प्रधान वैज्ञानिक एवं पी.आई., पी.एफ.डी.सी द्वारा बड़ोखर ब्लाक, बाँदा के प्रशिक्षण सभागार में टपक सिंचाई, प्लास्टिक मलि्ंचग एवं संरक्षित खेती की उपयोगिता पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बाँदा जिले के विभिन्न ब्लाकों से आये प्रगतिशील किसान शिव नारायण सिंह, इन्द्रवीर सिंह, शरीफ खाँ, गिरिराज कुमार दीक्षित, सन्तोष कुमार तिवारी सहित लगभग 63 किसानों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम के अवसर पर डा. वी. के. सिंह ने बागवानी, टपक सिंचाई प्रणाली एवं संरक्षित खेती के महत्व को बताते हुए यह भी बताया कि पॉलीहाउस तकनीक अपनाने से पौधों के दैहिकीय गुणों को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर उच्च गुणवत्तायुक्त उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। जिले के उपनिदेशक, उद्यान श्री लक्खी सिंह एवं जिला उद्यान अधिकारी श्री परवेज़ खान ने प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के लिए चलायी जा रही लाभकारी योजनाओं से किसानों को अवगत कराया। पी.एफ.डी.सी. लखनऊ से श्री अनुराग सिंह एवं डा. मनोज कुमार सोनी ने प्रोजेक्टर के माध्यम से किसानों को बागवानी की नई तकनीकों की जानकारी दी और जल संरक्षण को ध्यान में रखकर टपक सिंचाई और मल्चिंग का उपयोग कर कम से कम पानी से सिंचाई करने की बात कही। उसके बाद किसानों द्वारा किये गये प्रश्नों का उत्तर विशेषज्ञों द्वारा दिया गया। श्री नीरज कुमार शुक्ला ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में पूर्ण सहयोग किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय के उद्यान निरीक्षक श्री लक्ष्मी प्रसाद सहित कार्यालय के समस्त स्टाफ उपस्थित रहे। Event Date:- 2016-12-28

Swachh Bharat Abhiyan Meeting

A Swachh Bharat Abhiyan Meeting of the Committee members was held under the guidance of Dr. (Mrs.) Neelima Garg, Incharge Director, ICAR-CISH, Lucknow on January 06, 2016 to chalk out the plan for the month of January, 2017. Event Date:- 2017-01-06

Lecture on Genetically Engineered Crops

Dr. Bidyut Sarmah, ICAR-National Professor (Norman Borlaug Chair) and Director, DBT-AAU Centre, Assam Agriculture University, Jorhat delivered a lecture on Genetically Engineered Crops : A Contribution of Modern Biotechnology at the Committee Room of the ICAR-CISH, Lucknow on January 4, 2017. All the scientists and RAs/SRFs were present during the talk. Event Date:- 2017-01-04

राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक

भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ की दिनांक 01 अक्टूबर से 31 दिसम्बर, 2016 तक की संस्थान राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक दिनांक 30 दिसम्बर, 2016 को निदेशक, डॉ. शैलेन्द्र राजन की अध्यक्षता में संस्थान के समिति कक्ष में आयोजित की गयी | Event Date:- 2016-12-31

Best Research Paper Award-2016

Dr Prananath Barman bagged Best Research Paper Award-2016 for his Research Paper entitled “Synergistic interaction of arbuscular mycorrhizal fungi and mycorrhiza helper bacteria improving antioxidant activities in Troyer citrange and Cleopatra mandarin under low moisture stress”, published in Indian Journal of Horticulture, 2015, Vol. 72 (1): 33-37 during Inaugural Function of 7th Indian Horticulture Congress 2016 on November 15, 2016. Event Date:- 2016-12-11

Workshop on Micro Irrigation

The Precision Farming Development Centre (PFDC) of the ICAR-Central Institute for Subtropical Horticulture, Lucknow organized a one-day Workshop on Micro Irrigation to enlighten farmers and officers about the utility of micro irrigation/drip irrigation in view of the depleting water resources on February 4, 2017. The Workshop was presided over by Dr. Shailendra Rajan, Director, ICAR-CISH, Lucknow who remarked that there are ample possibilities to increase agricultural production and productivity with the help of micro irrigation in spite of water scarcity. Dr. K.M Tiwari, Professor, IIT Khadakpur and a resource person of the Workshop, talked about the various components of micro irrigation including traditional irrigation and suggested how micro irrigation facilities are better than the traditional ones. Er. Ravindra Verma of the Jain Irrigation dealt with the component of micro irrigation and described about the their cost effectiveness.

On this occasion, Dr. N.L.M Tripathi, Nodal Officer, Horticulture and food Processing Department, Government of Uttar Pradesh expatiated upon the flagship programme titled per drop more crop of the Hon’ble Prime Minister. Convener of the Workshop, Dr. V.K. Singh Principal Scientist and Principal investigator, PFDC, in his speech, informed that in spite of water scarcity in Maharashtra and Andhra Pradesh, farmers of both the states have been successful in increasing production and productivity by dint of using micro irrigation facilities. The Workshop was attended by all Heads of the Divisions, Scientists, Officers and 25 farmers of the nearby areas. Event Date:- 2017-02-04

‘Horti India 2017’ at Horticulture Technology Park, Greater Noida (NCR)

A Workshop cum Exhibition event ‘Horti India 2017’ was organized on 9th and 10th February, 2017 by Institute of Horticulture Technology (IHT) and co-organized by Ministry of Agriculture and Farmers Welfare, Government of India. at Horticulture Technology Park, Greater Noida. The event was focused on “Conventional and Alternative Horticultural Production Systems”. ICAR-CISH, Lucknow participated in the same on behalf of National Committee on Plasticulture Applications in Horticulture (NCPAH), Ministry of Agriculture & Farmers’ Welfare and put up a stall for showcasing the modern horticulture technologies. Event Date:- 2017-02-09

Training programme on Integrated Pests and Diseases Management

CISH Krishi Vigyan Kendra, Malda has organized a training programme on Integrated Pests and Diseases Management with 55 mango growers. The progressive farmers of the region took very active participation and appreciated the efforts of CISH for providing exclusive training on Pests and Diseases Management. Event Date:- 2017-03-07

An initiative to conserve traditional mango diversity of Malda and Murshidabad

Scientists of ICAR-CISH Regional Research Station, Malda has been working on documentation, conservation and exploring the potential of traditional and rare varieties of mango from Malda and Murshidabad districts.

This programme has been implemented under leadership of Dr. Shailendra Rajan (a renowned mango researcher cum breeder & Director, ICAR-CISH, Lucknow) with active collaboration of District Horticulture Offices, Malda & Murshidabad (Dept. of FPI& Hort., Govt. of West Bengal). So far, more than 200 traditional mango varieties have been documented and characterized fruit quality at ICAR-CISH RRS, Malda and it has been observed that many varieties having very good pulp quality. ICAR-CISH RRS, Malda with support of, Mr. Rahul Chakraborty, District Horticulture Officer of Malda have been trying to do market promotion of traditional mango varieties through providing a stall with rare collection mangoes at Bandh Road, Malda (Rani Pasand, Kancha Mitha, Misrikand, Madhu Chsuki, Safder Pasand, Sahi Pasand, Naku Bhog, Sarada Bhog, Mithua, Madhu Rashmi, Choto Brindabani, Kishan Bhog etc.) from experimental farm of ICAR-CISH, Malda and receiving very good response from local dwellers (Informed by Dr. Dipak Nayak, Scientist & In-charge, ICAR-CISH RRS, Malda).

It has been observed that many traditional varieties have very good market potential if we promote the variety with highlighting its special characters. Mango growers of Malda & Murshidabad districts usually not getting good market rate of traditional varieties as non-descriptive variety & non-commercial varieties (guthi/ aathi varieties). As a result, mango growers are losing interest for cultivation of traditional varieties, not doing any take care of traditional varieties and sometimes cutting down the tree for meeting their urgent expenses. In this way, we have been losing the very rich traditional mango diversity of Malda and Murshidabad districts. This initiative will be strengthen and intensified in coming years with group of traditional mango growers for commercial production of traditional mangoes.

Dr. Dipak Nayak informed that Hon’ble Minister In-charge & Director of Horticulture, Dept. of FPI & Horticulture, Govt. of West Bengal have also encouraged ICAR-CISH RRS, Malda to intensify the work on documentation, conservation and exploring the potential of traditional and rare varieties of mango from Malda and Murshidabad districts.

Event Date:- 2017-06-12

ICAR-CISH training for students on subtropical fruits ends

A training programme on the cultivation of subtropical fruits was organized at CISH from June 12 to July 3 (Monday). As many as 12 students from Nagaland, Orissa and MP participated in the training programme on production technology of subtropical fruit crops. Participants were made aware of new high yielding varieties, high-density planting, integrated nutrient and water management, pest and disease management. During the training program, the students were exposed to nursery management of fruit crops as well as tissue culture. Hands-on training of grafting, budding, pruning and other techniques used in orchards and nursery management were also demonstrated. The participants were exposed to various modern equipment required for research in the field of horticulture, biotechnology and other related subjects. The students had practical exposure to various techniques to which they had not been exposed so far. Exposure to the post Harris division was one of the interesting parts of the training. The students also learned how to manage polyhouse and shade net houses. The training included with strawberry cultivation under subtropics. Event Date:- 2017-03-07

1st SAC Meeting of CISH KVK, Malda

सी.आई.एस.एच.- कृषि विज्ञान केन्द्र, मालदा की वैज्ञानिक सलाहकार समिति की प्रथम बैठक की पूर्व संध्या पर डा. शैलेन्द्र राजन, निदेशक सी.आई.एस.एच. लखनऊ, डा. पी.पी. पाल, प्रधान वैज्ञानिक, भा.कृ.अ.प. अटारी, कोलकाता एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में दिनांक 14.7.2017 को स्वामी विश्वमायानन्दा जी महाराज, सचिव रामकृष्ण मिशन, सरगाची द्वारा नवस्वीकृत की गयी परियोजना एवं सी.आई.एस.एच.- कृषि विज्ञान केन्द्र, मालदा की पहल के फलस्वरूप नवनिर्मित तालाब में चार प्रकार की मछलियों के संग्रहण द्वारा एकीकृत कृषि प्रणाली प्रतिमान का उद्घाटन किया गया।

दिनांक 14.7.2017 को आयोजित सी.आई.एस.एच.- कृषि विज्ञान केन्द्र, मालदा की वैज्ञानिक सलाहकार समिति की प्रथम बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में स्वामी विश्वमायानन्दा जी महाराज, डा. एस. राजन, डा. पी.पी. पाल, कृषि विभाग के जिला प्रशासनिक प्रमुख, मतस्य विभाग, नाबार्ड, मालदा कृषि विज्ञान केन्द्र, गैर सरकारी संगठन, प्रगतिशील आम उत्पादक एवं आदिवासी कृषक महिलाओं ने भाग लिया। सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने सी.आई.एस.एच.- कृषि विज्ञान केन्द्र के भविष्य की योजना एवं उम्मीदों पर अपने विचार प्रकट किये।

In the eve of 1st Scientific Advisory Committee Meeting of CISH Krishi Vigyan Kendra, Malda, the newly sanctioned project and initiative of ICAR-CISH RRS, Malda for establishment of Integrated Farming System Models was inaugurated through stocking of 4 types of fishes in newly renovated/ developed ponds by Swami Viswamayananda Ji Maharaj (Secretary, Ramakrishna Mission Ashrama, Sargachi) on 14.07.17 in the presence of Dr. S. Rajan (Director, ICAR-CISH, Lucknow), Dr. P. P. Pal (Principal Scientist, ICAR-ATARI, Kolkata) and other dignitaries.

Swami Viswamayananda Ji Maharaj was the Chief Guest in the maiden Scientific Advisory Committee Meeting of CISH Krishi Vigyan Kendra held on 14.7.2017. Dr. S. Rajan, Dr. P. P. Pal, District Administrative heads of Department of Agriculture, Department of Fisheries, NABARD, Malda KVK, NGO, progressive mango growers and tribal farm women were attended the programme. All the distinguish guests and participants expressed their views regarding future plan of CISH KVK and points of expectation from the KVK.

Event Date:- 2017-07-14

Training programme on subtropical fruits for B.Sc. (Ag.) students

दिनांक 20 जुलाई, 2017 को संस्थान मे आई.टी.एम. विश्वविद्यालय ग्वालियर (एमपी) के बीएससी (कृषि) के 12 छात्रो हेतु उपोष्ण फलों के सुधार, फसल स्वास्थ्य एवम फसल तुडाई उपरांत प्रबंधन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर एक महीने का प्रशिक्षण शुरु किया गया ।

One month training on subtropical fruits started on July, 2017 at the Institute. The students (B.Sc. Ag) from ITM University, Gwalior (M.P.) will be trained on various aspects pertaining to improvement, crop health and postharvest management of subtropical fruits.

Event Date:- 2017-07-20